बागपत,02 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। भारत सरकार के 40वें नेत्रदान जागरूकता पखवाड़े के अंतर्गत वैदिक कन्या इंटर कॉलेज, अग्रवाल मंडी टटीरी में जिला रेड क्रॉस समिति एवं लायंस क्लब अग्रवाल मंडी, मंडल 321 सी1 के संयुक्त तत्वावधान में छात्राओं के बीच पोस्टर पेंटिंग एवं स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में कक्षा नौ से 12 तक की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए नेत्रदान के महत्व और इसके प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने अपने पोस्टरों और स्लोगनों के माध्यम से लोगों को मृत्यु के बाद नेत्रदान करने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी वापस लाने का माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों एवं अतिथियों ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना की।
नेत्रदान सर्वोत्तम दान: अभिमन्यु गुप्ता
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक जिला रेड क्रॉस समिति के सचिव एवं दृष्टिदूत एमजेएफ लायन अभिमन्यु गुप्ता ने छात्राओं को नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नेत्रदान सर्वोत्तम दानों में से एक है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद निर्धारित समय के भीतर नेत्रदान किए जाने से जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद लगभग छह से आठ घंटे के भीतर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके माध्यम से प्राप्त कॉर्निया को जरूरतमंद दृष्टिबाधित व्यक्तियों में प्रत्यारोपित किया जाता है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को दृष्टि का लाभ मिल सकता है।
अभिमन्यु गुप्ता ने छात्राओं से कहा कि वे स्वयं भी नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नेत्रदान को लेकर समाज में अभी भी कई प्रकार की भ्रांतियां और झिझक मौजूद हैं। जागरूकता के माध्यम से इन भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि नेत्रदान की प्रक्रिया के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है। नेत्र बैंक की टीम को सूचना दिए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत शव के पास पहुंचकर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करती है। इसके बाद प्राप्त कॉर्निया को जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया सेवा भावना पर आधारित है और इसके लिए परिवार के लोगों को पहले से जागरूक रहना चाहिए।
नेत्रदान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य करने का आह्वान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुशील चौधरी, प्रधानाचार्य इंटर कॉलेज धनौरा सिल्वर नगर ने कहा कि नेत्रदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए सभी को प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं जागरूकता अभियान का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं, क्योंकि वे अपने परिवार और समाज तक सकारात्मक संदेश पहुंचा सकते हैं।
उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें जनहित के कार्यों से जोड़ते हैं।
पोस्टर और स्लोगन के जरिए दिया जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम में छात्राओं ने नेत्रदान से जुड़े विभिन्न विषयों पर पोस्टर तैयार किए। किसी पोस्टर में नेत्रदान को जीवन के बाद भी किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में रोशनी का माध्यम बताया गया तो किसी में लोगों से नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की गई।
स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में भी छात्राओं ने प्रभावी एवं प्रेरणादायक संदेश लिखकर लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उनमें नेत्रदान को लेकर जागरूकता पैदा करना भी है।
विद्यालय प्रधानाचार्य के नेतृत्व में हुआ आयोजन
प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय की प्रधानाचार्य गायत्री वर्मा के नेतृत्व में किया गया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में श्रीमती मिथिलेश एवं श्रीमती संगीता का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। उन्होंने छात्राओं को प्रतियोगिता के विषय और नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर समाजसेवी लायन अनिल गांधी ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए नेत्रदान के लिए लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को नेत्रदान जैसे महत्वपूर्ण जनसेवा के कार्यों से जुड़ना चाहिए।
चार विजेता छात्राओं को मिलेगा पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों की ओर से प्रतियोगिता में विजेता रहने वाली चार छात्राओं को सम्मानित करने की घोषणा भी की गई। बताया गया कि विजेता छात्राओं को समाजसेवी एमजेएफ लायन ईश्वर अग्रवाल द्वारा अपने माता-पिता की पुण्य स्मृति में स्थापित जियालाल प्रेमवती अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
आयोजकों ने कहा कि पुरस्कार का उद्देश्य छात्राओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली छात्राएं अपने परिवार और समाज में नेत्रदान के महत्व की जानकारी पहुंचाकर जागरूकता अभियान को आगे बढ़ाएंगी।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रमोद प्रकाश, प्रधानाचार्य पादरा, शिवकरण चौरसिया, दोघट, प्रदीप शर्मा, टीकरी, रामवीर राठी, टीकरी तथा गौरव डबास, धनौरा सिल्वर नगर सहित अन्य शिक्षक, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने छात्राओं, शिक्षकों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही समाज के लोगों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने और अपने स्तर से दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

