मथुरा,28 मई 2026 (यूटीएन)। महावन तहसील क्षेत्र में बिना मानचित्र स्वीकृति विकसित की जा रही एक विशाल अवैध कॉलोनी पर आज फिर बुलडोजर चलाया गया। पूरा मामला काशीराम रोड टाउनशिप लक्ष्मी नगर क्षेत्र का है, जहां विजय चौधरी नामक व्यक्ति के द्वारा “गंगा फार्म गंगा सिटी (गंगा वैली)” नाम से करीब 30 हजार वर्ग मीटर भूमि पर अनाधिकृत कॉलोनी विकसित किए जाने का आरोप है। आरोप है कि—बिना मानचित्र स्वीकृति सड़क…नाली…ऑफिस…और भूखंडों का विकास किया जा रहा था। मामले में Mathura Development Authority ने पहले ही उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 के तहत वाद दर्ज कर ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए थे। बताया गया कि—28 नवंबर 2025 को भी प्राधिकरण ने पुलिस बल के साथ इस अवैध कॉलोनी में नाली, सड़क और बाउंड्री वाल को ध्वस्त किया था।
लेकिन आरोप है कि—पहली कार्रवाई के बावजूद विकासकर्ता ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया। यानी बुलडोजर की कार्रवाई के बाद भी नियमों को खुलेआम चुनौती दी जा रही थी। इसी सूचना पर 26 मई 2026 को प्राधिकरण की टीम फिर मौके पर पहुंची और दोबारा बड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान भूखंडों की प्लिंथ…बाउंड्रीवाल…गेट…सड़क और नाली को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई उपाध्यक्ष महोदय के निर्देशन में सचिव महोदय के नेतृत्व में की गई, जिसमें प्रवर्तन दल और अभियंताओं की टीम मौजूद रही। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है—जब पहले ही ध्वस्तीकरण हो चुका था, तो दोबारा निर्माण आखिर कैसे शुरू हो गया? क्या कहीं ना कहीं सिस्टम की ढलाई या मिलीभगत अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा दे रही है? क्योंकि मथुरा में अवैध कॉलोनियों का मुद्दा नया नहीं है, लेकिन कार्रवाई के बाद भी निर्माण दोबारा शुरू हो जाना प्राधिकरण की निगरानी पर सवाल जरूर खड़े करता है।
बुलडोजर सिर्फ दीवारें नहीं गिरा रहा, यह उन लोगों के सपनों पर भी असर डाल रहा है, जो बिना वैधता जांचे ऐसी कॉलोनियों में निवेश कर देते हैं।
अवैध कॉलोनियां सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं होतीं ये भविष्य के विवादों, अव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के संकट की जड़ बनती हैं। और यही वजह है कि प्राधिकरण अब ऐसे निर्माणों पर लगातार सख्ती की बात कर रहा है। फिलहाल प्राधिकरण ने साफ किया है कि—अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मथुरा- रिपोर्टर, ( बी.एल. पांडे ) |

