बागपत,16 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल में मिशन शक्ति फेज-6 के तहत महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को उनकी सुरक्षा, अधिकारों, कानूनी संरक्षण और आपातकालीन परिस्थितियों में मिलने वाली सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बच्चों को जागरूक रहने, किसी भी तरह की परेशानी को छिपाने के बजाय भरोसेमंद व्यक्ति को बताने और जरूरत पड़ने पर संबंधित हेल्पलाइन सेवाओं की मदद लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही सुरक्षा के प्रति सजग बनाना और उन्हें अपने अधिकारों की जानकारी देना रहा। इस दौरान महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि किसी भी असहज परिस्थिति में चुप रहने के बजाय अपनी बात सामने रखना जरूरी है। उन्हें यह भी समझाया गया कि परेशानी के समय अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
बच्चों को अधिकारों और कानूनी सुरक्षा की जानकारी जरूरी
अखंड ज्योति ट्रस्ट की अध्यक्ष एवं अधिवक्ता प्रियंका आर्य ने कहा कि बच्चों को शुरुआती उम्र से ही अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के प्रति जागरूक करना जरूरी है। जागरूकता से बच्चे सही और गलत परिस्थितियों को पहचानने के साथ ही जरूरत पड़ने पर मदद मांगने के लिए भी प्रेरित होते हैं। उन्होंने बच्चों को अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने और किसी भी समस्या की जानकारी जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में परिवार, विद्यालय और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बच्चों की बात को गंभीरता से सुनना और उनकी समस्याओं पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है, ताकि वे बिना डर के अपनी परेशानी साझा कर सकें।
गुड टच-बैड टच और हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
टटीरी चौकी प्रभारी सीमा सिंह ने छात्र-छात्राओं को गुड टच-बैड टच के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि यदि किसी के व्यवहार या स्पर्श से बच्चा असहज महसूस करता है, अथवा उसके साथ छेड़छाड़ या उत्पीड़न जैसी घटना होती है, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में बिना डर के अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी देनी चाहिए।
उन्होंने बच्चों को आपातकालीन सहायता के लिए पुलिस सहायता नंबर 112, महिला हेल्पलाइन 1090 और 181 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित अन्य सहायता सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं के माध्यम से मदद प्राप्त की जा सकती है। छात्र-छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता समझाते हुए उनका सही परिस्थिति में इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में अंजना कश्यप, मुनेश, सविता शर्मा, रेखा और मीणा सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने, अपने अधिकारों को समझने और किसी भी परेशानी की स्थिति में समय रहते सहायता लेने का संदेश दिया गया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

