खेकड़ा, 16 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। बालिकाओं को अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव खुलकर साझा करने का अवसर देने के उद्देश्य से मुबारिकपुर गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में मिशन शक्ति अभियान के तहत ‘ग्रीन बॉक्स यानी बेटी संवाद पेटी’ की शुरुआत की गई। इस पहल का उद्घाटन बागपत की एसआरजी श्वेता वर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि बेटी संवाद पेटी बालिकाओं के लिए अपनी बात रखने का एक सहज माध्यम बनेगी। इसके जरिए छात्राएं बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं शिक्षकों तक पहुंचा सकेंगी और उनके समाधान की दिशा में कदम उठाए जा सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान एसआरजी श्वेता वर्मा ने कहा कि विद्यालय में बालिकाओं के लिए ऐसा वातावरण होना जरूरी है, जहां वे अपनी परेशानियों को खुलकर साझा कर सकें। कई बार छात्राएं संकोच या झिझक के कारण अपनी समस्याएं शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन को नहीं बता पातीं। ऐसी स्थिति में ग्रीन बॉक्स उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इस व्यवस्था के माध्यम से छात्राओं को अपनी बात लिखकर रखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी समस्याओं को समझने और उचित समाधान तलाशने में मदद मिलेगी।
शिकायतों और सुझावों की होगी समीक्षा
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार शर्मा ने बताया कि बेटी संवाद पेटी में छात्राएं अपनी शिकायतें, सुझाव और मन की बात लिखकर डाल सकेंगी। विद्यालय प्रशासन समय-समय पर पेटी में प्राप्त संदेशों की समीक्षा करेगा। इसके बाद संबंधित लोगों के सहयोग से समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्राओं की समस्याओं को समझना और विद्यालय में उनके लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान बालिकाओं को आने वाली कठिनाइयों की समय रहते जानकारी मिलना महत्वपूर्ण है। यदि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर समाधान किया जाए तो उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। बेटी संवाद पेटी के माध्यम से छात्राओं को अपनी बात कहने का अवसर मिलेगा और विद्यालय प्रशासन को उनकी जरूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी।
पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मिलेगी मदद
इस पहल से छात्राओं की शिक्षा में आने वाली बाधाओं की पहचान करने और उन्हें दूर करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। कई बार व्यक्तिगत परेशानी, संकोच या अन्य कठिनाइयों के कारण छात्राएं अपनी समस्या साझा नहीं कर पातीं। ऐसे में संवाद पेटी उन्हें अपनी बात पहुंचाने का वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध कराएगी। समस्याओं का समय पर समाधान होने से छात्राओं का विद्यालय से जुड़ाव बनाए रखने और पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
एआरपी एकता तंवर ने बेटी संवाद पेटी की पहल की सराहना करते हुए इसे बालिकाओं के हित में उपयोगी कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था अन्य विद्यालयों में भी लागू की जा सकती है, ताकि छात्राओं को अपनी बात रखने का अवसर मिले और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए जा सकें।
कार्यक्रम में शिक्षिका सुषमा अरोड़ा, कुशलपाल सिंह और गांव के गणमान्य लोग मौजूद रहे। बेटी संवाद पेटी की शुरुआत को विद्यालय में बालिकाओं के साथ संवाद मजबूत करने और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

