मथुरा,19 जून 2026 (यूटीएन)। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने शुक्रवार सुबह फरह स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। सुबह करीब 10:30 बजे सीएचसी पहुंचीं डॉ. चौहान ने ओपीडी, एक्स-रे कक्ष, प्रसव कक्ष, जनरल वार्ड और अन्य विभागों का निरीक्षण करते हुए मरीजों से बातचीत की और उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने महिला मरीजों से संवाद करते हुए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. बबीता चौहान ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों के साथ बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि जनसंख्या नियंत्रण के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। महिला आयोग अध्यक्ष ने किशोरियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता बताते हुए 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन अभियान को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह टीकाकरण भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मचारियों को घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, दवा वितरण व्यवस्था, मरीजों के पंजीकरण और चिकित्सकीय परामर्श व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के संबंध में फीडबैक लिया। कई मरीजों ने चिकित्सकों की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। डॉ. बबीता चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने केंद्र के अधीक्षक को निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में चौबीसों घंटे स्वच्छता बनाए रखी जाए और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-समय पर इस प्रकार के निरीक्षण जारी रहेंगे। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। महिला आयोग अध्यक्ष के दौरे को लेकर अस्पताल परिसर में सुबह से ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद जारी रही।

