बड़ौत, 11 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। तहसील क्षेत्र के गांव माखर में गंदगी, जलभराव और तालाब की सफाई की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की मांग को लेकर भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आसपा नेता आशीष अंबेडकर के नेतृत्व में गांव में पंचायत कर विरोध प्रदर्शन किया। पंचायत में ग्रामीणों ने अधिकारियों से तत्काल समस्या का समाधान कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि पांच दिन के भीतर जलभराव और गंदगी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो तहसील में धरना शुरू किया जाएगा और इसके बाद बेमियादी आंदोलन चलाया जाएगा।
पंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि गांव में तालाब की नियमित सफाई नहीं होने और गंदे पानी की उचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। गंदा पानी रास्तों और आबादी के आसपास जमा होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक परेशान
ग्रामीणों ने बताया कि जलभराव और गंदगी के कारण बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को घर से जरूरी काम के लिए निकलना भी मुश्किल हो गया है। कई रास्तों पर पानी और कीचड़ जमा रहने से लोगों को काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से स्थायी समाधान के लिए गंभीरता से कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि गंदगी और दूषित पानी के कारण गांव में बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है। जलभराव के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान समस्या और भी गंभीर हो जाती है और रास्तों के साथ-साथ आबादी के आसपास पानी जमा हो जाता है।
कई बार ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पंचायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समस्या के समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते तालाब की सफाई और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो आज यह समस्या इतनी गंभीर नहीं होती।
ग्रामीणों ने कहा कि लगातार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मौके पर अधिकारियों को भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जाए और तालाब की सफाई के साथ-साथ जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराई जाए।
पांच दिन का दिया अल्टीमेटम
आसपा नेता आशीष अंबेडकर ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। गांव के लोग लंबे समय से गंदगी और जलभराव की समस्या से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग पूरी तरह जायज है और प्रशासन को तत्काल इस ओर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन के पास समस्या का समाधान करने के लिए पांच दिन का समय है। यदि इस अवधि में तालाब की सफाई, गंदे पानी की निकासी और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण तहसील पहुंचकर धरना देंगे। इसके बाद भी सुनवाई नहीं होने पर बेमियादी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि केवल जलभराव के दौरान पानी निकाल देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। गांव में पानी की निकासी के लिए उचित नाली व्यवस्था और तालाब की नियमित सफाई आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन गांव का स्थलीय निरीक्षण कराकर जल निकासी की कार्ययोजना तैयार करे, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों ने कहा कि साफ-सफाई और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रत्येक गांव के लोगों का अधिकार हैं। प्रशासन को इस मामले में तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके और बीमारी फैलने की आशंका को भी कम किया जा सके।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
पंचायत और विरोध प्रदर्शन में पूर्व प्रवक्ता भीम आर्मी एवं जिला पंचायत क्षेत्र वार्ड नंबर-4 से चुनावी तैयारी में जुटे आशीष अंबेडकर, यशपाल सिंह, धोनी कुमार, मनोज कश्यप, महताब खान, कुलदीप, गौरव अंबेडकर, शिवम कुमार, जयकिशन सिंह, कृष्ण सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि पांच दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि आंदोलन की स्थिति बनने से पहले ही गांव की समस्या का समाधान कराया जाए और लोगों को गंदगी व जलभराव से राहत दिलाई जाए।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

