खेकड़ा, 21 अगस्त 2026 (यूटीएन)। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से लेखपालों के खिलाफ की जा रही कथित गलत एवं अनुचित ट्रैप कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मोर्चा खोल दिया है। खेकड़ा तहसील के लेखपालों ने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और भयमुक्त कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही संघ ने प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर शनिवार, 22 अगस्त को आयोजित थाना समाधान दिवस के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान किया है।
लेखपालों का कहना है कि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ यदि बिना समुचित जांच के कार्रवाई की जाती है तो इससे उनके बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होता है। संघ ने शासन-प्रशासन से मांग की कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई हो।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार और सचिव विजय कुमार के नेतृत्व में लेखपालों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि लेखपाल राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण फील्ड कर्मचारी हैं और उन्हें लगातार गांवों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विभिन्न प्रकार के सरकारी कार्यों का निर्वहन करना पड़ता है।
लेखपालों ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन की ओर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लेखपालों के खिलाफ ट्रैप की कार्रवाई की जा रही है। संघ का दावा है कि कुछ मामलों में कार्रवाई से पहले पर्याप्त तथ्यात्मक जांच नहीं की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
संघ ने ऐसी कार्रवाई को कथित रूप से दमनात्मक बताते हुए शासन से निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने की मांग की।
अयोध्या के लेखपाल उत्कर्ष दीप के मामले का दिया हवाला
लेखपाल संघ ने अपने विरोध के समर्थन में अयोध्या जिले की सोहावल तहसील के लेखपाल उत्कर्ष दीप के मामले का भी हवाला दिया। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सामने आए सीसीटीवी फुटेज में प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगने का कोई स्पष्ट तथ्य दिखाई नहीं देने के बावजूद कार्रवाई की गई।
संघ ने इस कार्रवाई को नियमों के अनुरूप नहीं बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लेखपाल नेताओं का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ आरोप लगने मात्र से उसे दोषी नहीं माना जाना चाहिए और कार्रवाई से पहले उपलब्ध साक्ष्यों तथा पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
प्रदेशभर में विरोध का निर्णय
इस मामले को लेकर लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी ने प्रदेशभर में विरोध का निर्णय लिया है। इसी क्रम में खेकड़ा तहसील के लेखपालों ने भी आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है।
संघ के अनुसार 22 अगस्त को प्रदेश की सभी तहसीलों में थाना समाधान दिवस का बहिष्कार किया जाएगा। लेखपाल थाना समाधान दिवस में अपनी सेवाएं नहीं देंगे और इसके स्थान पर तहसील मुख्यालयों पर धरना देकर अपनी मांगों को उठाएंगे।
सुबह दस से शाम चार बजे तक धरना
लेखपाल संघ ने बताया कि शनिवार को लेखपाल सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक तहसील मुख्यालयों पर मौजूद रहकर धरना देंगे। इस दौरान भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कथित दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में आवाज उठाई जाएगी।
लेखपालों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी सरकारी व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि अपने साथियों के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित कार्य वातावरण की मांग को शासन तक पहुंचाना है। संघ ने कहा कि यदि कर्मचारियों को लगातार कार्रवाई के भय में काम करना पड़ेगा तो फील्ड में राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
भयमुक्त माहौल की मांग
ज्ञापन के माध्यम से लेखपाल संघ ने शासन और प्रशासन से भयमुक्त एवं निष्पक्ष कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लेखपाल ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व से संबंधित विभिन्न कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करते हैं।
उनका कहना है कि फील्ड में काम करते समय लोगों से लगातार संपर्क रहता है। ऐसे में शिकायत या आरोप सामने आने पर सीधे ट्रैप कार्रवाई के बजाय पहले तथ्यों की जांच की जानी चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाएं तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन बढ़ाने के संकेत
लेखपाल संघ ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है। संघ का कहना है कि फिलहाल प्रदेशभर में थाना समाधान दिवस के बहिष्कार और तहसील मुख्यालयों पर धरने के माध्यम से अपनी बात शासन तक पहुंचाई जा रही है।
लेखपालों ने कहा कि वे चाहते हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई हो, लेकिन किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही की जानी चाहिए।
अब शासन और प्रशासन की ओर से इस विरोध पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर लेखपालों के साथ-साथ राजस्व विभाग के अधिकारियों की भी नजर रहेगी। फिलहाल शनिवार को थाना समाधान दिवस के बहिष्कार और तहसील मुख्यालयों पर धरने को लेकर खेकड़ा तहसील में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

