खेकड़ा,06 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। कस्बे के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजकीय एवं निजी आईटीआई, पॉलिटेक्निक संस्थानों और कौशल प्रशिक्षण केंद्रों के प्रशिक्षणार्थियों ने अपने तकनीकी हुनर, रचनात्मक सोच और नवाचार की क्षमता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान छात्र संवाद, नवाचार प्रदर्शनी और रोजगार मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगार और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल पारंपरिक प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तकनीकी कौशल, नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान और प्रशिक्षण के आधार पर ऐसे मॉडल प्रस्तुत किए, जिनके माध्यम से उन्होंने नए प्रयोगों और तकनीकी दक्षता को प्रदर्शित किया।
14 वर्किंग मॉडल और तीन नवाचारी विचार किए प्रस्तुत
राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य परवेज खान ने बताया कि नवाचार प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने कुल 14 वर्किंग मॉडल और तीन उद्यमिता आधारित नवाचारी विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने-अपने मॉडल की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी और बताया कि किस तरह तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से प्रशिक्षणार्थियों को अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। साथ ही विद्यार्थियों में कुछ नया करने, समस्या का समाधान खोजने और अपने कौशल को रोजगार एवं उद्यमिता से जोड़ने की भावना भी विकसित होती है।
आईटीआई खेकड़ा के एमपीसीए ट्रेड का मॉडल प्रथम
प्रतियोगिता में राजकीय आईटीआई खेकड़ा के एमपीसीए ट्रेड के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत वर्किंग मॉडल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विद्यार्थियों के मॉडल की प्रस्तुति और तकनीकी पक्ष को देखते हुए उसे प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दिया गया।
राजकीय पॉलिटेक्निक बड़ौत के विद्यार्थियों का मॉडल द्वितीय स्थान पर रहा। वहीं राजकीय आईटीआई खेकड़ा के मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिक वाहन ट्रेड तथा राजकीय पॉलिटेक्निक कोताना के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
पुरस्कार मिलने पर विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया। प्रतिभागियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें अपनी प्रतिभा को दूसरों के सामने रखने और अपने तकनीकी ज्ञान को परखने का अवसर मिलता है।
छात्र संवाद से मिली नई जानकारी
कार्यक्रम में छात्र संवाद का भी आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता से जुड़े विषयों पर जानकारी हासिल की। विशेषज्ञों एवं संबंधित अधिकारियों ने युवाओं को अपने कौशल को लगातार विकसित करने और बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में युवाओं को यह संदेश भी दिया गया कि वर्तमान समय में केवल शैक्षिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल, तकनीकी दक्षता और नवाचार की क्षमता भी रोजगार के लिए महत्वपूर्ण है।
रोजगार मेले में युवाओं को मिले अवसर
आयोजन के दौरान रोजगार मेले का भी आयोजन किया गया। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। युवाओं को निजी क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं, कौशल के आधार पर रोजगार और भविष्य में उद्यम शुरू करने से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
अधिकारियों ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को रोजगार से जोड़ना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलती है।
उद्योग और कौशल विकास से जुड़े अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपायुक्त, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, राजकीय पॉलिटेक्निक किरठल, राजकीय पॉलिटेक्निक कोताना तथा दिगंबर जैन पॉलिटेक्निक बड़ौत के प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा और कौशल विकास मिशन से जुड़े कार्मिक भी मौजूद रहे।
अधिकारियों एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न वर्किंग मॉडलों का अवलोकन किया और प्रतिभागियों से उनके मॉडल की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी अपने-अपने प्रोजेक्ट की विशेषताओं और उसके संभावित उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।
नवाचार से रोजगार और उद्यमिता की ओर बढ़ेंगे युवा
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि तकनीकी शिक्षा का वास्तविक लाभ तभी है, जब प्रशिक्षण के दौरान हासिल ज्ञान का उपयोग नए विचार विकसित करने और व्यावहारिक समस्याओं का समाधान तलाशने में किया जाए। नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से युवा स्वयं रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और उसे उचित मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भविष्य में भी विद्यार्थियों को तकनीकी कौशल, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए इस प्रकार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

