बागपत,06 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश के अंतर्गत कार्यरत आयुष चिकित्सकों ने वर्षों से लंबित अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। मानदेय में विसंगति दूर करने और सेवाओं के नियमितीकरण की मांग पूरी न होने से नाराज प्रदेशभर के आयुष चिकित्सक 8 अक्टूबर, गुरुवार से लखनऊ के ईको गार्डन में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे। आंदोलन में बागपत जनपद के समस्त आयुष चिकित्सकों के भी शामिल होने की बात कही गई है।
आयुष चिकित्सकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को शासन के समक्ष रखते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है। इसके चलते अब प्रदेश स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से होगा तथा मांगों के समाधान तक इसे जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
उपमुख्यमंत्री से भी मिल चुका प्रतिनिधिमंडल
आयुष डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की ओर से जारी पत्र के अनुसार, चिकित्सकों का एक प्रतिनिधिमंडल 21 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा था।
चिकित्सकों के अनुसार, मुलाकात और ज्ञापन सौंपे जाने के बाद भी अपेक्षित स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो सका। समय बीतने के बावजूद जब मांगों पर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया तो प्रदेश कार्यसमिति ने संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया।
मानदेय विसंगति दूर करने की प्रमुख मांग
आयुष चिकित्सकों की प्रमुख मांगों में मानदेय की विसंगति को दूर करना शामिल है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद मानदेय से जुड़ी विसंगतियां बनी हुई हैं। चिकित्सक चाहते हैं कि उनके कार्य, जिम्मेदारियों और सेवाकाल को ध्यान में रखते हुए मानदेय संबंधी समस्या का न्यायोचित समाधान किया जाए।
चिकित्सकों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वे स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी सेवा शर्तों और मानदेय से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है।
सेवाओं के नियमितीकरण की भी मांग
मानदेय के साथ-साथ आयुष चिकित्सकों ने अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि वर्षों से सेवा देने वाले चिकित्सकों के भविष्य को लेकर स्थायित्व की आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमितीकरण के मुद्दे पर भी शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा की जा रही है।
एसोसिएशन का कहना है कि दोनों प्रमुख मांगों को लेकर पहले भी शासन स्तर पर अपनी बात रखी जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण चिकित्सकों को सामूहिक आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा।
डीएम और सीएमओ को दी धरने की पूर्व सूचना
आंदोलन में शामिल होने को लेकर बागपत के आयुष चिकित्सकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी पूर्व सूचना दे दी है। एसोसिएशन की ओर से जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजकर 8 अक्टूबर से लखनऊ में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी दी गई है।
पत्र के माध्यम से चिकित्सकों ने नियमानुसार आवश्यक अनुमति और प्रशासनिक सहयोग की भी मांग की है। चिकित्सकों ने प्रशासन को अवगत कराया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
जनहित और स्वास्थ्य सेवाओं का ध्यान रखने का दावा
आयुष चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित आंदोलन पूरी तरह से लोकतांत्रिक, संवैधानिक और शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका यथासंभव ध्यान रखा जाएगा।
चिकित्सकों ने यह भी कहा कि जनहित और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए आंदोलन से जुड़े निर्णय लिए जाएंगे। उनका उद्देश्य अपनी मांगों को शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना और लंबित समस्याओं का समाधान कराना है।
समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
आयुष चिकित्सकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उनकी मानदेय विसंगति और नियमितीकरण से जुड़े मामलों पर गंभीरता से विचार किया जाए और न्यायोचित निर्णय लेकर जल्द समाधान निकाला जाए।
एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि चिकित्सकों ने पहले भी शासन स्तर पर अपनी मांगें रखी हैं। प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात और ज्ञापन के बाद भी अपेक्षित समाधान नहीं होने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है। अब 8 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
बागपत से ये चिकित्सक रहे शामिल
जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को पूर्व सूचना देने वाले प्रतिनिधिमंडल में आयुष डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. रामकुमार शर्मा, डॉ. संजय ढाका, डॉ. राजीव गोला, डॉ. आशु बंसल, डॉ. श्रवण गोस्वामी और डॉ. मनीश त्यागी आदि शामिल रहे।
बागपत के आयुष चिकित्सकों के आंदोलन में शामिल होने से जिले में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि 8 अक्टूबर से शुरू होने वाले प्रदेशव्यापी धरने के बाद शासन की ओर से आयुष चिकित्सकों की लंबित मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

