बागपत, 10 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। काठा गांव से खेकड़ा तक जाने वाला पीडब्ल्यूडी मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने के साथ ही दोनों ओर से मिट्टी उठाए जाने के कारण इसकी चौड़ाई भी लगातार कम होती जा रही है। मार्ग की खराब स्थिति को देखते हुए समाजसेवी एवं संसदीय चुनाव में प्रत्याशी रहे सुभाष कश्यप ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सड़क का मानकों के अनुरूप जल्द निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने मार्ग को व्यापक जनहित से जुड़ा बताते हुए इसके निर्माण को तत्काल जरूरी बताया।
ज्ञापन में बताया गया कि काठा गांव से खेकड़ा को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। कई वर्षों से मरम्मत और निर्माण के अभाव में सड़क की स्थिति लगातार खराब होती चली गई है। सड़क के दोनों ओर स्थित खेतों से बड़ी मात्रा में मिट्टी उठाकर या खेतों में मिला दिए जाने के कारण सड़क का किनारा काफी नीचे चला गया है। इससे सड़क की वास्तविक चौड़ाई भी कम हो गई है।
सड़क से खेतों की ऊंचाई बढ़ने से बढ़ा खतरा
सुभाष कश्यप के अनुसार, वर्तमान में कई स्थानों पर सड़क और आसपास की जमीन के बीच करीब आठ से दस फुट तक का अंतर हो गया है। सड़क संकरी होने के कारण दो वाहन आमने-सामने आने पर एक-दूसरे को रास्ता देने में काफी परेशानी होती है। विशेषकर छोटी कारों, दोपहिया वाहनों और बड़े वाहनों के आवागमन के दौरान दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों ओर पर्याप्त जगह नहीं होने से वाहन चालकों को कई बार मजबूरी में सड़क के किनारे जाना पड़ता है। ऐसे में यदि वाहन का पहिया सड़क से नीचे उतर जाए तो वाहन के अनियंत्रित होकर पलटने की आशंका रहती है। रात के समय और कोहरे के दौरान यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
एंबुलेंस और स्कूल बस हादसे का दिया उदाहरण
ज्ञापन में सुभाष कश्यप ने कुछ समय पूर्व हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि काठा-खेकड़ा मार्ग पर कॉरिडोर के नजदीक एक कार पलट गई थी। इस दौरान एक एंबुलेंस और स्कूल बस भी वहां से गुजर रही थी। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने मौके पर पहुंचकर दोनों वाहनों में सवार लोगों को बचाने में मदद की थी।
उन्होंने कहा कि उस समय यदि बचाव कार्य में कुछ सेकेंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था और जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका थी। इस घटना से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सड़क की वर्तमान स्थिति कितनी जोखिम भरी है।
पहले भी दिया जा चुका है ज्ञापन
सुभाष कश्यप ने बताया कि मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन और शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है और ग्रामीणों तथा वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग केवल स्थानीय ग्रामीणों के आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी इसका इस्तेमाल करते हैं। किसानों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को इस मार्ग से आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में सड़क की खराब हालत का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
किसानों और ग्रामीणों को भी परेशानी
मार्ग खराब होने से ग्रामीणों को अपने खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्य से संबंधित सामान लाने-ले जाने में भी परेशानी होती है। बरसात के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर गहरी ढलान होने के कारण वाहन को सड़क से नीचे उतारना बेहद जोखिम भरा है। यदि किसी वाहन का संतुलन बिगड़ता है तो उसे संभालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए सड़क का चौड़ीकरण, मजबूत निर्माण और दोनों ओर सुरक्षित किनारों का निर्माण बेहद आवश्यक है।
मानकों के अनुसार निर्माण की मांग
ज्ञापन के माध्यम से सुभाष कश्यप ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए खेकड़ा-काठा मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराकर मानकों के अनुसार निर्माण कराया जाए। उन्होंने सड़क की चौड़ाई निर्धारित मानकों के अनुरूप करने, सड़क के दोनों किनारों को सुरक्षित बनाने तथा आवश्यक स्थानों पर मजबूत पटरी एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण केवल आवागमन को सुगम बनाने के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह लोगों की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ विषय है। किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले से ही समस्या का समाधान करना चाहिए।
हादसे से पहले हो समाधान
पूर्व फौजी सुभाष कश्यप ने कहा कि सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर सड़क की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी जनहित से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे। सड़क का निर्माण होने से काठा और खेकड़ा के बीच आवागमन सुगम होने के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

