बड़ौत, 10 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। भगवती कॉलेज ऑफ फार्मेसी में नव प्रवेशित बीफार्मा प्रथम वर्ष एवं डीफार्मा प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए विद्यार्थियों को फार्मेसी शिक्षा की प्रकृति, महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, नियम-कायदों, अनुशासन, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण तथा फार्मेसी के क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं करियर के विभिन्न अवसरों से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की निदेशक डॉ. अनु एवं विभागाध्यक्ष पंकज कुमार ब्रह्मिया ने दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना के साथ की। इसके बाद महाविद्यालय परिवार की ओर से बीफार्मा और डीफार्मा के नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को फार्मेसी शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि फार्मेसी केवल दवाओं के निर्माण और वितरण तक सीमित क्षेत्र नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। फार्मासिस्ट दवाओं की गुणवत्ता, उनके उचित उपयोग, मरीजों को दवाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान पर जोर
निदेशक डॉ. अनु ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि फार्मेसी स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान और प्रयोगशाला प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें और शिक्षकों द्वारा बताए गए विषयों का गंभीरता से अध्ययन करें। फार्मेसी जैसे तकनीकी एवं स्वास्थ्य से जुड़े पाठ्यक्रम में निरंतर अध्ययन, प्रयोगात्मक अभ्यास और विषय की समझ बेहद आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के दौरान अनुशासन, समय प्रबंधन और जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित करना चाहिए।
डॉ. अनु ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुमुखी विकास में सहायक होती हैं। पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों का शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहना जरूरी है। स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच के साथ विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
अनुशासन को बताया सफलता की पहली सीढ़ी
विभागाध्यक्ष पंकज कुमार ब्रह्मिया ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और अनुशासन संबंधी नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय का वातावरण उनके विद्यालयी जीवन से अलग हो सकता है। इसलिए उन्हें शुरुआत से ही समयबद्ध तरीके से अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों को आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को कक्षाओं में नियमित उपस्थिति, प्रयोगशाला में सावधानीपूर्वक कार्य करने तथा शिक्षकों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फार्मेसी शिक्षा में प्रयोगशाला कार्य का विशेष महत्व है, इसलिए विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक कक्षाओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
फार्मेसी में करियर के विभिन्न विकल्प
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि बीफार्मा और डीफार्मा की शिक्षा पूरी करने के बाद वे अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, दवा वितरण, गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन, अनुसंधान एवं विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं।
विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि फार्मेसी क्षेत्र में लगातार नई तकनीक और शोध के अवसर विकसित हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अपने विषय की बुनियादी जानकारी मजबूत करने के साथ-साथ नई तकनीकों और आधुनिक फार्मास्यूटिकल प्रक्रियाओं की जानकारी भी हासिल करनी चाहिए।
विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
कार्यक्रम में नव प्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों की विभिन्न जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान किया गया। विद्यार्थियों को महाविद्यालय की प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कक्षाओं तथा अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि महाविद्यालय में उनका शैक्षणिक विकास प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे अपने शिक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। विद्यार्थियों को सकारात्मक वातावरण में अध्ययन करने और अपने लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षकों ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से सभी नव प्रवेशित विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने समय का सदुपयोग करें, नियमित अध्ययन करें और महाविद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का स्वागत करना ही नहीं, बल्कि उन्हें फार्मेसी शिक्षा की जिम्मेदारियों, महाविद्यालय के वातावरण और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना भी रहा। कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

