छपरौली, 05 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। क्षेत्र के गांव हलालपुर स्थित प्रसिद्ध काली खोलीधाम बाबा मोहनराम मंदिर में बाबा जहारवीर गोगा महाराज एवं योगीराज भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। गोगा नवमी के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ संतवाणी और गुरु की वाणी का श्रवण किया। सत्संग के दौरान मंदिर परिसर का वातावरण आध्यात्मिक और भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने गुरु के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना और आशीर्वाद प्राप्त कर स्वयं को कृतार्थ किया।
सत्संग के बाद वितरित किया प्रसाद
काली खोलीधाम के संस्थापक जगतगुरु डॉ. तेजबीर सिंह खोखर ने गोगा नवमी के अवसर पर आयोजित सत्संग में श्रद्धालुओं को संबोधित किया। सत्संग के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मंदिर परिसर में आए लोगों ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता करते हुए भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। श्रद्धालुओं ने गुरु का आशीर्वाद लेकर धर्म और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त की।
भगवान श्रीकृष्ण सनातन धर्म की आत्मा : जगतगुरु
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जगतगुरु डॉ. तेजबीर सिंह खोखर ने कहा कि योगीराज भगवान श्रीकृष्ण महाराज केवल आराध्य ही नहीं हैं, बल्कि विश्व को श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से मोक्ष का मार्ग प्रदान करने वाले सनातन धर्म की आत्मा हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों में मानव जीवन को सही दिशा देने का संदेश मिलता है। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्म, धर्म, कर्तव्य और आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश पूरी दुनिया को दिया। उनके उपदेश आज भी मानव जीवन में मार्गदर्शन का कार्य करते हैं।
बाबा जहारवीर गोगाजी के जीवन का किया उल्लेख
जगतगुरु डॉ. तेजबीर सिंह खोखर ने बाबा जहारवीर गोगाजी महाराज के जीवन चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन धर्म की नाथ परंपरा के आराध्य गुरु गोरक्षनाथ के अनुयायी बाबा जहारवीर गोगाजी महाराज ने धर्म रक्षा और सनातन के सम्मान के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि बाबा गोगाजी महाराज के जीवन से सामाजिक समरसता और एकजुटता का संदेश भी मिलता है। उनके अंगरक्षकों में चारों वर्णों के लोगों का शामिल होना उस समय की सामाजिक एकता और आपसी सहयोग का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
जीवन चरित्र को समझने की कही बात
जगतगुरु ने कहा कि किसी भी धार्मिक या ऐतिहासिक व्यक्तित्व के बारे में विचार बनाने से पहले उसके जीवन चरित्र और योगदान का अध्ययन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने मनुस्मृति और सनातन धर्म पर टिप्पणी करने वालों से बाबा गोगाजी महाराज के जीवन चरित्र को पढ़ने और समझने की बात कही।
उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं और महापुरुषों को समझने के लिए उनके जीवन, विचार और समाज के प्रति योगदान का अध्ययन जरूरी है। बाबा गोगाजी महाराज का जीवन धर्म, साहस और सामाजिक समरसता से जुड़े अनेक संदेश देता है।
श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया गुरु की वाणी का अमृत
सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु की वाणी का श्रवण किया। धार्मिक विचारों और आध्यात्मिक संदेशों के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और बाबा जहारवीर गोगाजी महाराज के प्रति श्रद्धा प्रकट की।
आयोजन के दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने सत्संग का श्रवण करने के साथ गुरु का आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक आयोजनों से मिलती है संस्कारों की प्रेरणा
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और अपनी परंपराओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। ऐसे आयोजनों में नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।
काली खोलीधाम में आयोजित कार्यक्रम में भी श्रद्धालुओं ने धार्मिक वातावरण में एक साथ बैठकर सत्संग सुना और गुरु के विचारों से प्रेरणा ली।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर नरेन्द्र आर्य, रामनिवास त्यागी, मनमोहन जिन्दल, प्रहलाद, सुनील कुमार आर्य, समाजसेवी आरआरडी उपाध्याय, भगत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुए आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और बाबा जहारवीर गोगाजी महाराज का स्मरण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

