बड़ौत,26 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। अखिल भारतीय योगी नाथ उपाध्याय समाज सेवा संगठन के पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने बड़ौत में बाबा गुरु गोरखनाथ के नाम पर किसी प्रमुख चौराहे का नामकरण किए जाने की मांग को लेकर राज्यमंत्री केपी मलिक को ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बाबा गुरु गोरखनाथ के नाम पर चौराहे का नामकरण कराने के साथ ही वहां उनके नाम का शिलापट्ट लगाने और चौराहे का सौंदर्यीकरण कराने की मांग भी की गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बाबा गुरु गोरखनाथ भारतीय आध्यात्मिक और योग परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उनके प्रति समाज के साथ-साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। क्षेत्र में भी गुरु गोरखनाथ की शिक्षाओं और परंपरा के प्रति लोगों में श्रद्धा है। ऐसे में उनके नाम पर किसी प्रमुख चौराहे का नामकरण होने से उनकी स्मृति और परंपरा को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलेगा।
प्रमुख चौराहे के चयन की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि बड़ौत नगर अथवा बागपत जनपद में किसी उपयुक्त और प्रमुख चौराहे का चयन किया जाए। उक्त चौराहे का नाम बाबा गुरु गोरखनाथ चौक रखा जाए। संगठन ने यह भी मांग रखी कि नामकरण के साथ वहां आकर्षक एवं स्थायी शिलापट्ट लगाया जाए, ताकि आने-जाने वाले लोगों को चौराहे के नाम के बारे में जानकारी मिल सके।
संगठन का कहना है कि चौराहे के सौंदर्यीकरण के दौरान बाबा गुरु गोरखनाथ की शिक्षाओं और भारतीय योग परंपरा से संबंधित प्रतीकों को भी स्थान दिया जा सकता है। इससे चौराहा केवल पहचान का केंद्र ही नहीं बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल बन सकता है।
धार्मिक और सांस्कृतिक भावना से जुड़ी मांग
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों के नामकरण के माध्यम से महापुरुषों, संतों और आध्यात्मिक परंपराओं को सम्मान देने की परंपरा रही है। बाबा गुरु गोरखनाथ की परंपरा का समाज में विशेष स्थान है। उनके नाम पर चौराहे का नामकरण किए जाने से समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि बड़ौत और बागपत क्षेत्र में अलग-अलग सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर जनहित और सामाजिक विषयों से जुड़ी मांगें प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी जाती रही हैं। इसी क्रम में संगठन ने गुरु गोरखनाथ के नाम पर चौराहे के नामकरण की मांग उठाई है।
राज्यमंत्री ने दिया आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद राज्यमंत्री केपी मलिक ने संगठन के पदाधिकारियों को उनकी मांग को शासन स्तर तक पहुंचाने और उचित कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। संगठन के लोगों ने राज्यमंत्री से मांग की कि इस प्रस्ताव को संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन के समक्ष भी रखा जाए, ताकि उपयुक्त चौराहे का चयन कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मांग पर सकारात्मक पहल होगी और जल्द ही बड़ौत अथवा जनपद के किसी प्रमुख चौराहे को बाबा गुरु गोरखनाथ के नाम से पहचान मिलेगी।
समाज के लोगों में उत्साह
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि बाबा गुरु गोरखनाथ के नाम पर चौराहे का नामकरण समाज के लिए सम्मान की बात होगी। इस मांग को लेकर समाज के लोगों में उत्साह है और वह चाहते हैं कि प्रशासन इस दिशा में जल्द निर्णय ले।
उन्होंने कहा कि नामकरण के साथ चौराहे के विकास और सौंदर्यीकरण की योजना भी बनाई जाए, जिससे क्षेत्र की सुंदरता बढ़ने के साथ लोगों को एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल की नई पहचान मिल सके।
सामूहिक प्रयास से मांग को आगे बढ़ाने की बात
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मांग किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि समाज के लोगों की सामूहिक भावना से जुड़ी है। इसलिए इसे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष लगातार उठाया जाएगा। संगठन की ओर से उम्मीद जताई गई कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार, महासचिव रणवीर सिंह, कोषाध्यक्ष जसवीर सिंह, सनी उपाध्याय, टीनू उपाध्याय, नानू उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
चौराहे के नामकरण के साथ विकास की भी उम्मीद
समाज के लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रमुख चौराहे का नाम बाबा गुरु गोरखनाथ के नाम पर रखा जाता है तो उसके सौंदर्यीकरण की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए। चौराहे पर नाम का शिलापट्ट, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और आकर्षक सजावट की व्यवस्था की जा सकती है। इससे चौराहे की पहचान और सुंदरता दोनों बढ़ेंगी।
संगठन ने कहा कि बाबा गुरु गोरखनाथ की परंपरा योग, साधना और आध्यात्मिक चिंतन से जुड़ी रही है। इसलिए उनके नाम पर सार्वजनिक स्थल का नामकरण क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करने का माध्यम बन सकता है।
फिलहाल राज्यमंत्री की ओर से मांग को शासन तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद समाज के लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रस्ताव पर संबंधित स्तर से जल्द विचार किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आगे भी इस मांग को लेकर आवश्यक प्रयास जारी रखे जाएंगे।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

