खेकड़ा,17 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। क्षेत्र के जेनेक्स्ट सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल में शनिवार को दशहरा महोत्सव हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवंत कर दिया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने डांडिया नृत्य, रामायण के प्रसंगों और मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। महोत्सव के समापन पर रावण के पुतले का दहन किया गया और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक विपुल गुप्ता और वैभव गुप्ता ने श्रीराम दरबार के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। बच्चों ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों और रामायण के प्रमुख पात्रों की वेशभूषा धारण कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनकी आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा और धार्मिक गीतों के साथ प्रभु श्रीराम के जयकारे गूंजते रहे।
महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत डांडिया नृत्य ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने उत्साह के साथ नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय लोक संस्कृति की सुंदर झलक दिखाई। वहीं, रामायण के विभिन्न प्रसंगों के मंचन के माध्यम से विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और धर्म के प्रति उनकी निष्ठा को प्रस्तुत किया। ‘श्रीराम की गली में तुम आना’ भजन की मधुर प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित लोगों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चेयरमैन अशोक गुप्ता ने रावण के पुतले का दहन किया। पुतला दहन होते ही पूरा परिसर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को दशहरा पर्व के महत्व और समाज में सदाचार, सत्य तथा नैतिक मूल्यों की आवश्यकता का संदेश दिया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश शर्मा ने दशहरा पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, सत्य के मार्ग पर चलने और अपने व्यवहार में मर्यादा, अनुशासन तथा सदाचार बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों का विकास करने में भी सहायक होते हैं। दशहरा महोत्सव ने विद्यालय में उत्साह, उमंग और धार्मिक आस्था का वातावरण बना दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जीवन में हमेशा सत्य, सदाचार और अच्छाई का साथ देना चाहिए।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

