बड़ौत,12 जुलाई 2026 (यूटीएन)। सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से सारथी वेलफेयर फाउंडेशन के सदस्यों ने शनिवार को बावली रोड स्थित गौशाला में पहुंचकर गोमाताओं की सेवा की। इस दौरान सदस्यों ने गायों को हरा चारा, गुड़ एवं पौष्टिक आहार खिलाकर गौसेवा का पुण्य अर्जित किया तथा समाज में गौसंरक्षण, जीवों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान गौशाला परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और सभी ने गोमाता के चरणों में नमन कर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की।
कार्यक्रम में उपस्थित चाइल्ड हेल्पलाइन प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर वंदना गुप्ता ने कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि समाजसेवा और मानवता की भावना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। गोमाता की सेवा से मन में करुणा, संवेदनशीलता और परोपकार की भावना विकसित होती है, जो हमें जनसेवा के कार्यों के लिए निरंतर प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में पशु-पक्षियों और असहाय जीवों के प्रति दया और सेवा की भावना जीवित रहती है, वह समाज सदैव समृद्ध और संस्कारित माना जाता है।
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने सामाजिक दायित्वों से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे समय में गौशालाओं में जाकर सेवा करना, पशुओं की देखभाल करना और उनके लिए भोजन की व्यवस्था करना न केवल पुण्य का कार्य है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में समय निकालकर सामाजिक और धार्मिक सेवा कार्यों से जुड़ें।
फाउंडेशन के अध्यक्ष विकास गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को मातृस्वरूप माना गया है। प्राचीन काल से ही गौसेवा को सर्वोच्च पुण्य कार्यों में स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि गौशालाएं केवल बेसहारा और निराश्रित गोवंश का आश्रय स्थल नहीं हैं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और सेवा भाव का प्रतीक भी हैं। यदि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति समय-समय पर गौशालाओं में जाकर अपनी सामर्थ्य के अनुसार चारा, दाना, भूसा, दवाइयां अथवा आर्थिक सहयोग प्रदान करे तो गोवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सारथी वेलफेयर फाउंडेशन केवल गौसेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा सामाजिक जागरूकता जैसे अनेक क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य समाज के प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना और सेवा को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन के सदस्यों ने गौशाला की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया और गोवंश की देखभाल कर रहे कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन समाज और प्रशासन के सामूहिक सहयोग से ही प्रभावी ढंग से संभव है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को समय-समय पर गौशालाओं का सहयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गौसंरक्षण केवल धार्मिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा विषय है। गोवंश कृषि, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए गौसेवा का महत्व वर्तमान समय में और भी बढ़ गया है।
फाउंडेशन के सदस्यों ने गौमाताओं को हरा चारा खिलाने के बाद उनके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया। सभी ने कहा कि समाज में सेवा, सहयोग और करुणा की भावना को मजबूत बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पुण्यतिथि अथवा अन्य पारिवारिक आयोजनों पर गौशालाओं में पहुंचकर गोसेवा करें और जरूरत के अनुसार सहयोग प्रदान करें।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि गौशालाओं में रह रहे निराश्रित गोवंश की नियमित देखभाल, चिकित्सा, स्वच्छता और पौष्टिक आहार की व्यवस्था में समाज की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार थोड़ा-थोड़ा सहयोग करे तो किसी भी गौशाला को संसाधनों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष विकास गुप्ता, भूपेंद्र सिंह, आशा ग्रोवर, उर्मिला (खामपुर), सौरभ जैन, रोशनी देवी, अदिति, वैष्णवी, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर वंदना गुप्ता सहित सारथी वेलफेयर फाउंडेशन के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से गौसेवा करते हुए समाज के लोगों से भी गौसंरक्षण एवं सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था भविष्य में भी गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, शिक्षा सहयोग, महिला एवं बाल कल्याण सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और जनहित के कार्य निरंतर करती रहेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के सहयोग से सेवा के ऐसे अभियान और अधिक व्यापक रूप में संचालित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों और निराश्रित पशुओं तक सहायता पहुंचाई जा सके।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

