बागपत, 06 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकर्त्रियों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के सामने अपनी समस्याएं रखीं। आशा कार्यकर्त्रियों ने मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ फील्ड में कार्य करने के लिए स्कूटी, एंड्रॉइड मोबाइल और काम के दौरान सुरक्षा की व्यवस्था किए जाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्त्रियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्ट्रेट प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्त्रियों ने “एक कचौरी, दो समोसा—नहीं चलेगा, नहीं चलेगा” जैसे नारों के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि सरकार की ओर से आशा कार्यकर्त्रियों के लिए विभिन्न स्तरों पर किए गए प्रयासों का वे स्वागत करती हैं, लेकिन उनके काम और जिम्मेदारियों को देखते हुए वर्तमान मानदेय पर्याप्त नहीं है।
काम के मुकाबले मानदेय कम होने का दावा
आशा कार्यकर्त्रियों ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को पूरा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्हें घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने, स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देने तथा विभागीय स्तर पर सौंपे जाने वाले कार्यों को पूरा करने के लिए लगातार फील्ड में रहना पड़ता है।
कार्यकर्त्रियों का कहना था कि काम का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके अनुपात में उन्हें मिलने वाला मानदेय पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए मानदेय बढ़ाकर कम से कम 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
फील्ड में आने-जाने के लिए स्कूटी की मांग
आशा कार्यकर्त्रियों ने फील्ड में लगातार भ्रमण करने की समस्या भी उठाई। उनका कहना था कि कार्य की प्रकृति ऐसी है कि उन्हें अलग-अलग स्थानों और लोगों के घरों तक पहुंचना पड़ता है। कई बार दूर-दराज के क्षेत्रों में भी जाना पड़ता है, जिसके कारण आवागमन में परेशानी होती है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि फील्ड में कार्य करने वाली आशा कार्यकर्त्रियों को स्कूटी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र में आसानी से पहुंच सकें और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा कर सकें।
एंड्रॉइड मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग
आशा कार्यकर्त्रियों ने एंड्रॉइड मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से रखी। उनका कहना था कि वर्तमान समय में विभागीय कार्यों और सूचनाओं के आदान-प्रदान में मोबाइल फोन की महत्वपूर्ण भूमिका है। कई कार्य ऑनलाइन माध्यम से भी किए जाते हैं, ऐसे में सभी कार्यकर्त्रियों को आवश्यक तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि कार्य की जरूरत के अनुसार उन्हें एंड्रॉइड मोबाइल फोन उपलब्ध कराया जाए, जिससे विभागीय कार्यों को आसानी से और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
फील्ड में सुरक्षा व्यवस्था की भी उठाई मांग
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्त्रियों ने फील्ड में काम करने के दौरान सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें विभिन्न स्थानों पर जाकर कार्य करना पड़ता है, इसलिए उनके लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
कार्यकर्त्रियों ने मांग की कि फील्ड में ड्यूटी के दौरान उनकी सुरक्षा को लेकर प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि वे बिना किसी भय या परेशानी के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
आशा कार्यकर्त्रियों ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे अपनी समस्याओं और मांगों को उठाती आ रही हैं। उनके अनुसार, सरकार की ओर से उनके लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिसके लिए वे आभार व्यक्त करती हैं, लेकिन अभी भी उनकी कई प्रमुख समस्याएं बनी हुई हैं।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्त्रियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों और समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आगे आंदोलन को लेकर निर्णय लेने को मजबूर होंगी। उन्होंने कहा कि मानदेय में अपेक्षित वृद्धि सहित अन्य मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए।
कुछ कार्यकर्त्रियों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे सरकार बदलने पर विचार करने तथा राजनीतिक रूप से दूसरी ओर झुकाव का फैसला कर सकती हैं। हालांकि यह उनका आंदोलन के दौरान व्यक्त किया गया राजनीतिक रुख था।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाई मांग
प्रदर्शन के बाद आशा कार्यकर्त्रियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट प्रभारी को सौंपा। ज्ञापन में मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये किए जाने, एंड्रॉइड मोबाइल उपलब्ध कराने, फील्ड में आने-जाने के लिए स्कूटी दिए जाने और ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने सहित अन्य मांगें शामिल रहीं।
आशा कार्यकर्त्रियों का कहना है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं और सरकार से भी उम्मीद करती हैं कि उनकी कार्य परिस्थितियों और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्त्रियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को उठाया और कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का उचित समाधान नहीं होता, तब तक वे अपनी आवाज संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाती रहेंगी।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

