Sunday, August 31, 2025

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बरसाना में राधा रानी की प्रिय सखी तुंगविद्या का गांव कि डभाला बुनियादी सुविधाओं के लिए पेयजल की आपूर्ति

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया, पाइपलाइन की योजना अधूरी है और हैंडपंप भी सूख चुके हैं गांव के लोग शासन-प्रशासन के सामने सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक महिलाएं यहां यूं ही नीर का पीर उठाती रहेंगी।

मथुरा, 20 जुलाई  2025 (यूटीएन)। बरसाना में राधा रानी की प्रिय सखी तुंगविद्या का गांव डभाल बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। नगर पंचायत बरसाना क्षेत्र में आने वाले इस गांव की स्थिति आज भी जस की तस है। पंचायत से नगर पंचायत में शामिल होने के बाद भी यहां न तो मार्गों की हालत सुधर सकी है और ना ही पेयजल की आपूर्ति शुरू हो पाई है। तुंगविद्या के गांव डभाल की महिलाएं रोजाना दो किलोमीटर दूर तक कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते से होकर सिर पर घघरी, टोकनी एवं बाल्टी में पीने के लिए पानी ढोने को मजबूर हैं।
बरसात में सड़कों की हालत और भी बदतर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। पाइपलाइन की योजना अधूरी है और हैंडपंप भी सूख चुके हैं। गांव के लोग शासन-प्रशासन के सामने सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक महिलाएं यहां यूं ही नीर का पीर उठाती रहेंगी।
गांव निवासी पप्पू गुर्जर का कहना है कि गांव में पहाड़ी होने के कारण बोरिंग नहीं होती है। कुछ ग्रामीणों ने कुछ बोरिंग कराई है, जिसमें खारा पानी निकला है। नगर पंचायत के सभासद लखन गुर्जर का कहना है कि नगर पंचायत में पीने के पानी और सभी रास्तों को बनवाने के प्रस्ताव दे दिए गए हैं, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

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बरसाना में राधा रानी की प्रिय सखी तुंगविद्या का गांव कि डभाला बुनियादी सुविधाओं के लिए पेयजल की आपूर्ति

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया, पाइपलाइन की योजना अधूरी है और हैंडपंप भी सूख चुके हैं गांव के लोग शासन-प्रशासन के सामने सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक महिलाएं यहां यूं ही नीर का पीर उठाती रहेंगी।

मथुरा, 20 जुलाई  2025 (यूटीएन)। बरसाना में राधा रानी की प्रिय सखी तुंगविद्या का गांव डभाल बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। नगर पंचायत बरसाना क्षेत्र में आने वाले इस गांव की स्थिति आज भी जस की तस है। पंचायत से नगर पंचायत में शामिल होने के बाद भी यहां न तो मार्गों की हालत सुधर सकी है और ना ही पेयजल की आपूर्ति शुरू हो पाई है। तुंगविद्या के गांव डभाल की महिलाएं रोजाना दो किलोमीटर दूर तक कीचड़ और फिसलन भरे रास्ते से होकर सिर पर घघरी, टोकनी एवं बाल्टी में पीने के लिए पानी ढोने को मजबूर हैं।
बरसात में सड़कों की हालत और भी बदतर हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। पाइपलाइन की योजना अधूरी है और हैंडपंप भी सूख चुके हैं। गांव के लोग शासन-प्रशासन के सामने सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक महिलाएं यहां यूं ही नीर का पीर उठाती रहेंगी।
गांव निवासी पप्पू गुर्जर का कहना है कि गांव में पहाड़ी होने के कारण बोरिंग नहीं होती है। कुछ ग्रामीणों ने कुछ बोरिंग कराई है, जिसमें खारा पानी निकला है। नगर पंचायत के सभासद लखन गुर्जर का कहना है कि नगर पंचायत में पीने के पानी और सभी रास्तों को बनवाने के प्रस्ताव दे दिए गए हैं, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

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