Thursday, January 1, 2026

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आईआईटी मंडी को सतीश–कमलेश अग्रवाल चैरिटेबल फंड की स्थापना के लिए 86,000 डॉलर का दान

मंडी,22 नवंबर 2025  (यूटीएन)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी), जो देश के प्रमुख द्वितीय-पीढ़ी के आईआईटी में से एक है, यह घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा है कि उसे अमेरिका-स्थित प्रतिष्ठित परोपकारी श्री सतीश अग्रवाल और सुश्री कमलेश अग्रवाल से 86,000 अमेरिकी डॉलर (₹75 लाख से अधिक) का उदार दान प्राप्त हुआ है। यह योगदान “सतीश एवं कमलेश अग्रवाल चैरिटेबल फंड, ह्यूस्टन, टेक्सास, यूएसए” की स्थापना हेतु प्रदान किया गया है। यह सहयोग आईआईटी मंडी में छात्रवृत्ति, संकाय एवं छात्र यात्रा अनुदान, अवसंरचना विकास, स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, शोध और नवाचार परियोजनाओं सहित विभिन्न विकासात्मक पहलों को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदान किया गया है। इस पहल का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह चैरिटेबल फंड एक मास्टर अकाउंट के रूप में कार्य करेगा। इसका अर्थ है कि वार्षिक रूप से केवल ब्याज आय का 90% तक ही स्वीकृत कार्यों में उपयोग किया जाएगा, जबकि मूल राशि सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके।

निधि आवंटन, परियोजना चयन एवं पुनर्निवेश की निगरानी आईआईटी मंडी के संकाय सदस्यों की एक एग्ज़ीक्यूशन कमेटी (सीई) द्वारा की जाएगी। आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मिधर बेहरा ने श्री सतीश और सुश्री कमलेश अग्रवाल को उच्च शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने हेतु उनके उदार सहयोग और दूरदर्शिता के लिए हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया।
इस सहयोग को आईआईटी रुड़की फाउंडेशन (आईआईटीआरएफ), यूएसए द्वारा सुगम बनाया गया। आईआईटी मंडी ने आईआईटीआरएफ के निदेशक मंडल (बीओडी) के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने दाताओं से प्राप्त 100% राशि को बिना किसी कटौती के आईआईटी मंडी एवं भारत के अन्य संस्थानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उल्लेखनीय है कि आईआईटीआरएफ का संपूर्ण व्यय निदेशक मंडल द्वारा स्वयं वहन किया जाता है। आईआईटी मंडी ने उनके मार्गदर्शन और परोपकारी सहयोग को मजबूत करने में निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

आभार  व्यक्त करते हुए, आईआईटी मंडी के संसाधन सृजन एवं पूर्व छात्र संबंध डीन (डोरा) प्रो. वरुण दत्त ने कहा, “हम सतीश और कमलेश अग्रवाल के उदार एवं दूरदर्शी योगदान के लिए गहराई से आभारी हैं। यह चैरिटेबल फंड दीर्घकालिक रूप से शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने का सतत मॉडल प्रस्तुत करता है।”अपने विचार साझा करते हुए  सतीश अग्रवाल ने कहा, “यह योगदान शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी मंडी को समर्पित है। यह समाज पर ज्ञान और नवाचार के माध्यम से स्थायी प्रभाव बनाने में हमारे विश्वास को दर्शाता है।”आईआईटी मंडी का डोरा कार्यालय  सतीश अग्रवाल और  कमलेश अग्रवाल के प्रति शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने हेतु उनके उदार सहयोग एवं प्रतिबद्धता के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता है।

जयपुर-रिपोर्टर,(नरेंद्र आर्य) |

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आईआईटी मंडी को सतीश–कमलेश अग्रवाल चैरिटेबल फंड की स्थापना के लिए 86,000 डॉलर का दान

मंडी,22 नवंबर 2025  (यूटीएन)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी), जो देश के प्रमुख द्वितीय-पीढ़ी के आईआईटी में से एक है, यह घोषणा करते हुए गर्व महसूस कर रहा है कि उसे अमेरिका-स्थित प्रतिष्ठित परोपकारी श्री सतीश अग्रवाल और सुश्री कमलेश अग्रवाल से 86,000 अमेरिकी डॉलर (₹75 लाख से अधिक) का उदार दान प्राप्त हुआ है। यह योगदान “सतीश एवं कमलेश अग्रवाल चैरिटेबल फंड, ह्यूस्टन, टेक्सास, यूएसए” की स्थापना हेतु प्रदान किया गया है। यह सहयोग आईआईटी मंडी में छात्रवृत्ति, संकाय एवं छात्र यात्रा अनुदान, अवसंरचना विकास, स्मार्ट कक्षाओं की स्थापना, शोध और नवाचार परियोजनाओं सहित विभिन्न विकासात्मक पहलों को दीर्घकालिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदान किया गया है। इस पहल का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह चैरिटेबल फंड एक मास्टर अकाउंट के रूप में कार्य करेगा। इसका अर्थ है कि वार्षिक रूप से केवल ब्याज आय का 90% तक ही स्वीकृत कार्यों में उपयोग किया जाएगा, जबकि मूल राशि सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित हो सके।

निधि आवंटन, परियोजना चयन एवं पुनर्निवेश की निगरानी आईआईटी मंडी के संकाय सदस्यों की एक एग्ज़ीक्यूशन कमेटी (सीई) द्वारा की जाएगी। आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मिधर बेहरा ने श्री सतीश और सुश्री कमलेश अग्रवाल को उच्च शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने हेतु उनके उदार सहयोग और दूरदर्शिता के लिए हार्दिक धन्यवाद प्रकट किया।
इस सहयोग को आईआईटी रुड़की फाउंडेशन (आईआईटीआरएफ), यूएसए द्वारा सुगम बनाया गया। आईआईटी मंडी ने आईआईटीआरएफ के निदेशक मंडल (बीओडी) के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने दाताओं से प्राप्त 100% राशि को बिना किसी कटौती के आईआईटी मंडी एवं भारत के अन्य संस्थानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उल्लेखनीय है कि आईआईटीआरएफ का संपूर्ण व्यय निदेशक मंडल द्वारा स्वयं वहन किया जाता है। आईआईटी मंडी ने उनके मार्गदर्शन और परोपकारी सहयोग को मजबूत करने में निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

आभार  व्यक्त करते हुए, आईआईटी मंडी के संसाधन सृजन एवं पूर्व छात्र संबंध डीन (डोरा) प्रो. वरुण दत्त ने कहा, “हम सतीश और कमलेश अग्रवाल के उदार एवं दूरदर्शी योगदान के लिए गहराई से आभारी हैं। यह चैरिटेबल फंड दीर्घकालिक रूप से शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान और नवाचार को आगे बढ़ाने का सतत मॉडल प्रस्तुत करता है।”अपने विचार साझा करते हुए  सतीश अग्रवाल ने कहा, “यह योगदान शिक्षा, अनुसंधान और सामुदायिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी मंडी को समर्पित है। यह समाज पर ज्ञान और नवाचार के माध्यम से स्थायी प्रभाव बनाने में हमारे विश्वास को दर्शाता है।”आईआईटी मंडी का डोरा कार्यालय  सतीश अग्रवाल और  कमलेश अग्रवाल के प्रति शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने हेतु उनके उदार सहयोग एवं प्रतिबद्धता के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता है।

जयपुर-रिपोर्टर,(नरेंद्र आर्य) |

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