Saturday, August 30, 2025

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रिकॉर्ड इनामी राशि के साथ घोषित अब तक का सबसे बड़ा इंडिया स्क्वैश टूर

अब छह शहरों-जयपुर, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और दिल्ली- में आयोजित होने वाला यह टूर पीएसए चैलेंजर सर्किट का हिस्सा है बेंगलुरु और अहमदाबाद पहली बार इस सर्किट में शामिल किए गए हैं।

नई दिल्ली, 03 अगस्त 2025 (यूटीएन)। एचसीएल और भारतीय स्क्वैश रैकेट महासंघ (एसआरएफआई) ने एचसीएल इंडिया स्क्वैश टूर 2025-26 के आयोजन की घोषणा की। इस संस्करण में पहले की तुलना में अधिक शहर, अधिक इनामी राशि और खिलाड़ियों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर अवसर होंगे। लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में स्क्वैश के डेब्यू को ध्यान में रखते हुए यह टूर भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और पीएसए रैंकिंग अंक अर्जित करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
अब छह शहरों-जयपुर, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और दिल्ली- में आयोजित होने वाला यह टूर पीएसए चैलेंजर सर्किट का हिस्सा है। बेंगलुरु और अहमदाबाद पहली बार इस सर्किट में शामिल किए गए हैं। सभी टूर्नामेंट पीएसए से मान्यता प्राप्त हैं और 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पीएसए-पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए खुले रहेंगे। 2025–26 के इस संस्करण में कुल छह प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें एक पीएसए चैलेंजर 15के (चेन्नई), दो पीएसए चैलेंजर 9के (जयपुर, मुंबई) और तीन पीएसए चैलेंजर 6के (दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद) शामिल हैं। प्रत्येक प्रतियोगिता में पुरुषों और महिलाओं को समान इनामी राशि दी जाएगी।
विजेताओं को क्रमशः 15,000, 9,000 या 6,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। सभी टूर्नामेंट 24-खिलाड़ियों के नॉकआउट प्रारूप में खेले जाएंगे, जिसमें शीर्ष आठ खिलाड़ियों को सीधे दूसरे राउंड में प्रवेश मिलेगा। युवा मामलों और खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के समर्थन से यह टूर नए और उभरते खिलाड़ियों को पीएसए सर्किट में शामिल करने की दिशा में भी प्रयास करेगा, जहां 3,000 डॉलर इनामी राशि के माध्यम से शुरुआत की जा सकती है। एचसीएल ग्रुप के ब्रांड प्रमुख रजत चंदोलिया ने कहा कि इस साल हमने उच्च स्तरीय इवेंट शामिल किए हैं ताकि भारतीय खिलाड़ी देश में रहते हुए ही अधिक पीएसए अंक अर्जित कर सकें और कठिन वैश्विक प्रतियोगिता का सामना कर सकें।
2028 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए हमारा प्रयास है कि भारत के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत संरचना तैयार की जाए जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें। एसआरएफआई के महासचिव साइरस पोंचा ने कहा कि 2016 से एचसीएल का सहयोग भारतीय स्क्वैश के विकास में निर्णायक रहा है। प्रशिक्षण, कोचिंग, रेफरी विकास और प्रतिभा खोज जैसे क्षेत्रों में लगातार निवेश के कारण भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इस साल की बढ़ी हुई इनामी राशि और टूर्नामेंट अवसर खिलाड़ियों को वैश्विक मंच के लिए और बेहतर तैयार करेंगे। भारतीय स्क्वैश फिलहाल एक अभूतपूर्व दौर में है।
जुलाई 2025 में अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। जनवरी 2024 में पीएसए करियर की शुरुआत करने वाली अनाहत की रैंकिंग 129 से बढ़कर अब विश्व रैंकिंग 54 हो चुकी है। अन्य प्रमुख भारतीय खिलाड़ियों में अभय सिंह (विश्व रैंक 35), रमित टंडन (28), वेलावन सेंथिल कुमार (39), वीर चोत्रानी (62), और तन्वी खन्ना (69) शामिल हैं, जो लगातार रैंकिंग में सुधार कर रहे हैं। एचसीएल 2016 से भारतीय स्क्वैश का सहयोग कर रहा है, जिसमें ट्रेनिंग प्रोग्राम, कोच और रेफरी डेवलपमेंट, और जमीनी स्तर पर टैलेंट हंट शामिल है।
2019 में शुरू किया गया एचसीएल स्क्वैश प्रोग्राम अब भारत में उच्च-प्रदर्शन संरचना की रीढ़ बन चुका है और एचसीएल की “ह्यूमन पोटेंशियल . मल्टीप्लाइड.” की विचारधारा को दर्शाता है। इस सहयोग का असर भारत की पदक संख्या में भी दिखा है, जो एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों में 11 से बढ़कर 18 हो गई है। हाल ही में भारत ने 2025 एशियन डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान रचा। एचसीएल की खेल पहल स्क्वैश के अलावा ब्रिज और साइक्लोथॉन जैसे क्षेत्रों में भी फैली हुई है, जो मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में समर्पित है।
एचसीएल इंडिया स्क्वैश टूर 2025-26 का कार्यक्रम इस प्रकार है:
जयपुर – 4 से 8 अगस्त, 2025 (सवाई मानसिंह स्टेडियम)
मुंबई – 8 से 12 सितंबर, 2025
बेंगलुरु – 26 से 31 सितंबर, 2025
चेन्नई – 1 से 5 दिसंबर, 2025
अहमदाबाद – 27 से 31 जनवरी, 2026
दिल्ली – 3 से 7 फरवरी, 2026
एचसीएल ग्रुप की स्थापना 1976 में एक आईटी स्टार्टअप के रूप में हुई थी और यह भारत में कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। एचसीएल तीन प्रमुख कंपनियों-एचसीएल इंफोसिस्टम्स, एचसीएलटेक और एचसीएल हेल्थकेयर-के माध्यम से तकनीक, स्वास्थ्य और प्रतिभा प्रबंधन जैसे विविध क्षेत्रों में काम करता है। कंपनी के 60 देशों में 2.23 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और इसका वार्षिक कारोबार 14 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। भारतीय स्क्वैश रैकेट महासंघ (एसआरएफआई) भारत में स्क्वैश के प्रचार और विकास के लिए जिम्मेदार शीर्ष संस्था है, जो विश्व स्क्वैश महासंघ, एशियन स्क्वैश फेडरेशन और भारतीय ओलंपिक संघ से संबद्ध है तथा भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है। एसआरएफआई देशभर के 24 से अधिक राज्य संघों के साथ मिलकर खेल के सभी स्तरों पर प्रदर्शन, प्रशिक्षण और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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रिकॉर्ड इनामी राशि के साथ घोषित अब तक का सबसे बड़ा इंडिया स्क्वैश टूर

अब छह शहरों-जयपुर, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और दिल्ली- में आयोजित होने वाला यह टूर पीएसए चैलेंजर सर्किट का हिस्सा है बेंगलुरु और अहमदाबाद पहली बार इस सर्किट में शामिल किए गए हैं।

नई दिल्ली, 03 अगस्त 2025 (यूटीएन)। एचसीएल और भारतीय स्क्वैश रैकेट महासंघ (एसआरएफआई) ने एचसीएल इंडिया स्क्वैश टूर 2025-26 के आयोजन की घोषणा की। इस संस्करण में पहले की तुलना में अधिक शहर, अधिक इनामी राशि और खिलाड़ियों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर अवसर होंगे। लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में स्क्वैश के डेब्यू को ध्यान में रखते हुए यह टूर भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और पीएसए रैंकिंग अंक अर्जित करने का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
अब छह शहरों-जयपुर, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और दिल्ली- में आयोजित होने वाला यह टूर पीएसए चैलेंजर सर्किट का हिस्सा है। बेंगलुरु और अहमदाबाद पहली बार इस सर्किट में शामिल किए गए हैं। सभी टूर्नामेंट पीएसए से मान्यता प्राप्त हैं और 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पीएसए-पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए खुले रहेंगे। 2025–26 के इस संस्करण में कुल छह प्रतियोगिताएं होंगी, जिनमें एक पीएसए चैलेंजर 15के (चेन्नई), दो पीएसए चैलेंजर 9के (जयपुर, मुंबई) और तीन पीएसए चैलेंजर 6के (दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद) शामिल हैं। प्रत्येक प्रतियोगिता में पुरुषों और महिलाओं को समान इनामी राशि दी जाएगी।
विजेताओं को क्रमशः 15,000, 9,000 या 6,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। सभी टूर्नामेंट 24-खिलाड़ियों के नॉकआउट प्रारूप में खेले जाएंगे, जिसमें शीर्ष आठ खिलाड़ियों को सीधे दूसरे राउंड में प्रवेश मिलेगा। युवा मामलों और खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के समर्थन से यह टूर नए और उभरते खिलाड़ियों को पीएसए सर्किट में शामिल करने की दिशा में भी प्रयास करेगा, जहां 3,000 डॉलर इनामी राशि के माध्यम से शुरुआत की जा सकती है। एचसीएल ग्रुप के ब्रांड प्रमुख रजत चंदोलिया ने कहा कि इस साल हमने उच्च स्तरीय इवेंट शामिल किए हैं ताकि भारतीय खिलाड़ी देश में रहते हुए ही अधिक पीएसए अंक अर्जित कर सकें और कठिन वैश्विक प्रतियोगिता का सामना कर सकें।
2028 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए हमारा प्रयास है कि भारत के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत संरचना तैयार की जाए जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें। एसआरएफआई के महासचिव साइरस पोंचा ने कहा कि 2016 से एचसीएल का सहयोग भारतीय स्क्वैश के विकास में निर्णायक रहा है। प्रशिक्षण, कोचिंग, रेफरी विकास और प्रतिभा खोज जैसे क्षेत्रों में लगातार निवेश के कारण भारत ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। इस साल की बढ़ी हुई इनामी राशि और टूर्नामेंट अवसर खिलाड़ियों को वैश्विक मंच के लिए और बेहतर तैयार करेंगे। भारतीय स्क्वैश फिलहाल एक अभूतपूर्व दौर में है।
जुलाई 2025 में अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता। जनवरी 2024 में पीएसए करियर की शुरुआत करने वाली अनाहत की रैंकिंग 129 से बढ़कर अब विश्व रैंकिंग 54 हो चुकी है। अन्य प्रमुख भारतीय खिलाड़ियों में अभय सिंह (विश्व रैंक 35), रमित टंडन (28), वेलावन सेंथिल कुमार (39), वीर चोत्रानी (62), और तन्वी खन्ना (69) शामिल हैं, जो लगातार रैंकिंग में सुधार कर रहे हैं। एचसीएल 2016 से भारतीय स्क्वैश का सहयोग कर रहा है, जिसमें ट्रेनिंग प्रोग्राम, कोच और रेफरी डेवलपमेंट, और जमीनी स्तर पर टैलेंट हंट शामिल है।
2019 में शुरू किया गया एचसीएल स्क्वैश प्रोग्राम अब भारत में उच्च-प्रदर्शन संरचना की रीढ़ बन चुका है और एचसीएल की “ह्यूमन पोटेंशियल . मल्टीप्लाइड.” की विचारधारा को दर्शाता है। इस सहयोग का असर भारत की पदक संख्या में भी दिखा है, जो एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों में 11 से बढ़कर 18 हो गई है। हाल ही में भारत ने 2025 एशियन डबल्स स्क्वैश चैंपियनशिप में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतकर नया कीर्तिमान रचा। एचसीएल की खेल पहल स्क्वैश के अलावा ब्रिज और साइक्लोथॉन जैसे क्षेत्रों में भी फैली हुई है, जो मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में समर्पित है।
एचसीएल इंडिया स्क्वैश टूर 2025-26 का कार्यक्रम इस प्रकार है:
जयपुर – 4 से 8 अगस्त, 2025 (सवाई मानसिंह स्टेडियम)
मुंबई – 8 से 12 सितंबर, 2025
बेंगलुरु – 26 से 31 सितंबर, 2025
चेन्नई – 1 से 5 दिसंबर, 2025
अहमदाबाद – 27 से 31 जनवरी, 2026
दिल्ली – 3 से 7 फरवरी, 2026
एचसीएल ग्रुप की स्थापना 1976 में एक आईटी स्टार्टअप के रूप में हुई थी और यह भारत में कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। एचसीएल तीन प्रमुख कंपनियों-एचसीएल इंफोसिस्टम्स, एचसीएलटेक और एचसीएल हेल्थकेयर-के माध्यम से तकनीक, स्वास्थ्य और प्रतिभा प्रबंधन जैसे विविध क्षेत्रों में काम करता है। कंपनी के 60 देशों में 2.23 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और इसका वार्षिक कारोबार 14 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। भारतीय स्क्वैश रैकेट महासंघ (एसआरएफआई) भारत में स्क्वैश के प्रचार और विकास के लिए जिम्मेदार शीर्ष संस्था है, जो विश्व स्क्वैश महासंघ, एशियन स्क्वैश फेडरेशन और भारतीय ओलंपिक संघ से संबद्ध है तथा भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है। एसआरएफआई देशभर के 24 से अधिक राज्य संघों के साथ मिलकर खेल के सभी स्तरों पर प्रदर्शन, प्रशिक्षण और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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