Saturday, August 30, 2025

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मचान वाले बाबा महंत श्रीरामकृष्ण दास महात्यागी जी महाराज का निधन

अपने जीवन को पूरी तरह तपस्या, भक्ति और साधना के लिए समर्पित कर दिया, उनकी साधना का अनूठा स्वरूप उन्हें “मचान वाले बाबा” के नाम से लोकप्रिय बनाता था।

नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025 (यूटीएन)। आसिफ अली रोड स्थित मंदिर श्रीराम हनुमान वाटिका के महंत और प्रसिद्ध संत मचान वाले बाबा के नाम से विख्यात महंत श्रीरामकृष्ण दास महात्यागी जी महाराज का निधन हो गया है। उनके निधन से दिल्ली समेत देशभर के श्रद्धालुओं में गहरा शोक है। महंत राम गोपाल दास महात्यागी जी पुजारी बाबा ने बताया कि महंत जी का अग्नि संस्कार बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा 11:00 बजे मंदिर से शुरू होगी। महंत श्रीरामकृष्ण दास महात्यागी जी महाराज वर्ष 1974 से श्रीराम हनुमान वाटिका की सेवा और देखरेख कर रहे थे।
उन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह तपस्या, भक्ति और साधना के लिए समर्पित कर दिया। उनकी साधना का अनूठा स्वरूप उन्हें “मचान वाले बाबा” के नाम से लोकप्रिय बनाता था। मंदिर परिसर में सात फुट ऊंचे मचान पर बनी साधारण कुटिया में रहकर उन्होंने भक्ति और तप का जीवन व्यतीत किया। महंत जी ने वर्ष 1975 में भक्तों के सहयोग से मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कराया और इसे एक भव्य स्वरूप प्रदान किया। उनके तप, समर्पण और सेवा के कारण श्रीराम हनुमान वाटिका न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बन गया।
उनकी साधना अत्यंत कठोर और प्रेरणादायक रही। उन्होंने भीषण गर्मी में धूणे की तपस्या की, सर्दियों में जल में बैठकर ध्यान लगाया और वर्षा ऋतु में कृत्रिम जलधारा (मेघाडंबर) के बीच साधना की। उनका जीवन सादगी, त्याग और तपस्या का जीवंत उदाहरण था। महंत जी केवल साधक ही नहीं, बल्कि जनसेवा की परंपरा को भी निभाते रहे। वह मचान से ही भक्तों को आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्रदान करते थे।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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मचान वाले बाबा महंत श्रीरामकृष्ण दास महात्यागी जी महाराज का निधन

अपने जीवन को पूरी तरह तपस्या, भक्ति और साधना के लिए समर्पित कर दिया, उनकी साधना का अनूठा स्वरूप उन्हें “मचान वाले बाबा” के नाम से लोकप्रिय बनाता था।

नई दिल्ली, 27 अगस्त 2025 (यूटीएन)। आसिफ अली रोड स्थित मंदिर श्रीराम हनुमान वाटिका के महंत और प्रसिद्ध संत मचान वाले बाबा के नाम से विख्यात महंत श्रीरामकृष्ण दास महात्यागी जी महाराज का निधन हो गया है। उनके निधन से दिल्ली समेत देशभर के श्रद्धालुओं में गहरा शोक है। महंत राम गोपाल दास महात्यागी जी पुजारी बाबा ने बताया कि महंत जी का अग्नि संस्कार बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा 11:00 बजे मंदिर से शुरू होगी। महंत श्रीरामकृष्ण दास महात्यागी जी महाराज वर्ष 1974 से श्रीराम हनुमान वाटिका की सेवा और देखरेख कर रहे थे।
उन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह तपस्या, भक्ति और साधना के लिए समर्पित कर दिया। उनकी साधना का अनूठा स्वरूप उन्हें “मचान वाले बाबा” के नाम से लोकप्रिय बनाता था। मंदिर परिसर में सात फुट ऊंचे मचान पर बनी साधारण कुटिया में रहकर उन्होंने भक्ति और तप का जीवन व्यतीत किया। महंत जी ने वर्ष 1975 में भक्तों के सहयोग से मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कराया और इसे एक भव्य स्वरूप प्रदान किया। उनके तप, समर्पण और सेवा के कारण श्रीराम हनुमान वाटिका न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का केंद्र बन गया।
उनकी साधना अत्यंत कठोर और प्रेरणादायक रही। उन्होंने भीषण गर्मी में धूणे की तपस्या की, सर्दियों में जल में बैठकर ध्यान लगाया और वर्षा ऋतु में कृत्रिम जलधारा (मेघाडंबर) के बीच साधना की। उनका जीवन सादगी, त्याग और तपस्या का जीवंत उदाहरण था। महंत जी केवल साधक ही नहीं, बल्कि जनसेवा की परंपरा को भी निभाते रहे। वह मचान से ही भक्तों को आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्रदान करते थे।
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।

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