खेकड़ा,20 अगस्त 2025 (यूटीएन)। यमुना नदी पर बने हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण बढती जलधारा के उफान आने से तहसील क्षेत्र के कई गांवों पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। बुधवार को जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बांध,तटबंधों व किसानों की जलमग्न फसलों की हालात की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
डीएम अस्मिता लाल सबसे पहले काठा गांव के तटबंध पर पहुंचीं, जहां उन्होंने यमुना नदी के तेज बहाव और तटबंध की मजबूती का निरीक्षण किया। उन्होंने खेतों में डूब चुकी फसलों को देखा और किसानों से भी हालचाल जाना। इसके बाद वे मवीकलां गांव खादर पहुंचीं, जहां बांध और ठोकरों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद डीएम ने सांकरौद, अब्दुलपुर और सुभानपुर गांव खादर में जाकर भी हालात की समीक्षा की।
उन्होंने बांध, ठोकरों और किसानों की फसलों की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। इस क्रम में डीएम अलीपुर तट पर पहुंचीं, जहां यमुना नदी का तेज बहाव तट से टकरा रहा था। हालांकि, सभी जगहों पर फिलहाल स्थिति संतोषजनक पाई गई।
डीएम ने तहसील प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यमुना नदी की सतत निगरानी रखें, किसानों की फसलों को होने वाले संभावित नुकसान का आकलन करते रहें और यमुना तट पर ही कैंप कर बांध व तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी क्षति की स्थिति में तुरंत मरम्मत कार्य कराया जाए।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |