बागपत,20 अगस्त 2025 (यूटीएन)। जनपद की छोटी एवं सहायक नदियों को पुनर्जीवित करने और उनके कायाकल्प की दिशा में आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें हिंडन की सहायक नदियों एवं जलधाराओं तथा उनसे जुड़े नालों के पुनरुद्धार के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई।
कार्ययोजना के तहत पंचायती राज विभाग, जल निगम, लघु सिंचाई विभाग और वन विभाग को जनपद में छोटी एवं सहायक नदियों को पुनर्जीवित करने हेतु समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें अतिक्रमण युक्त क्षेत्र को कब्जा मुक्त कराने, गहराई चौड़ाई बढ़ाने, पौधारोपण करने जैसे कार्य कर जल का अविरल प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल से ठोस कार्ययोजना लागू करें और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
योजना के अनुसार जनपद के 29 किमी लंबे हिस्से में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नालों व जलधाराओं को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त कराया जाएगा। मिट्टी, कचरे व अपशिष्ट की सफाई कर उन्हें फिर से जल प्रवाह योग्य बनाया जाएगा।
इससे न केवल जल स्रोतों की स्वच्छता बढ़ेगी बल्कि प्राकृतिक धारा को भी पुनर्जीवित किया जा सकेगा। अभियान से जनपद में जल संग्रहण क्षेत्र में वृद्धि होगी जिसमें जल संचय होने से जनपद के भूजल स्तर में भी सुधार आएगा। कृषकों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा और जनपद के 12 गाँवों में असारा, अशरफाबाद थल, इब्राहीमपुर माजरा, कंडेरा, गांगनौली, दादरी, बरनावा, बामनौली, मौजिजाबाद नांगल, रंछाड़, रहतना, सूजती तक निर्मल जलधारा पहुँच सकेगी।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |