Saturday, August 30, 2025

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आदर्श पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाई गई हलधर बलराम की जयंती

वक्ताओं ने भगवान बलराम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और शक्ति एवं पराक्रम के प्रतीक थे।

खेकड़ा,15 अगस्त 2025 (यूटीएन)। कस्बे के आदर्श पब्लिक में गुरुवार को बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ हलधर जयंती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह से धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद बच्चों ने भगवान कृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता बलराम के जीवन पर आधारित मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कीं। छात्र वर्णम भगवान बलराम की वेशभूषा में मंच पर आए और अपने अभिनय से सभी का मन मोह लिया।

वक्ताओं ने भगवान बलराम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और शक्ति एवं पराक्रम के प्रतीक थे। उनका प्रमुख शस्त्र हल और मूसल था, जिस कारण उन्हें ‘हलधर’ और ‘हलयुद्ध’ के नाम से जाना जाता है। बलराम जी को किसानों और श्रमिकों का देवता माना जाता है।

शिक्षकों ने बलराम जी के आदर्शों पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपनी शक्ति का उपयोग किया। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि बल और सामर्थ्य का सदुपयोग सदैव समाज और धर्म की रक्षा में होना चाहिए। इस अवसर पर बच्चों ने भक्ति गीत गाए, नृत्य प्रस्तुत किए और वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

International

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आदर्श पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाई गई हलधर बलराम की जयंती

वक्ताओं ने भगवान बलराम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और शक्ति एवं पराक्रम के प्रतीक थे।

खेकड़ा,15 अगस्त 2025 (यूटीएन)। कस्बे के आदर्श पब्लिक में गुरुवार को बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ हलधर जयंती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह से धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद बच्चों ने भगवान कृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता बलराम के जीवन पर आधारित मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कीं। छात्र वर्णम भगवान बलराम की वेशभूषा में मंच पर आए और अपने अभिनय से सभी का मन मोह लिया।

वक्ताओं ने भगवान बलराम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई और शक्ति एवं पराक्रम के प्रतीक थे। उनका प्रमुख शस्त्र हल और मूसल था, जिस कारण उन्हें ‘हलधर’ और ‘हलयुद्ध’ के नाम से जाना जाता है। बलराम जी को किसानों और श्रमिकों का देवता माना जाता है।

शिक्षकों ने बलराम जी के आदर्शों पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपनी शक्ति का उपयोग किया। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि बल और सामर्थ्य का सदुपयोग सदैव समाज और धर्म की रक्षा में होना चाहिए। इस अवसर पर बच्चों ने भक्ति गीत गाए, नृत्य प्रस्तुत किए और वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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