बडौत,15 अगस्त 2025 (यूटीएन)। 1947 की वह काली रात ,जो पंजाबियों पर कहर बनकर टूटी और जिस का दर्द पंजाबियों ने झेला।उनके बलिदानों को जिनके बलिदान से आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं व उन माताओं को ,जिन्होंने अपने प्यारे लाल खोये, उन बहनों को जिन्होंने अपने भाइयों को खोया उन बच्चों को जिनको भालो की नोक पर उछाला गया तथा उन आत्माओं को जिनको अग्नि देने वाला भी कोई नहीं मिला ; पंजाबी संगठन उत्तर प्रदेश के ही नहीं ,राष्ट्र के पंजाबी समाज उन आत्माओं को नमन करता हैं ,जिन का बलिदान पंजाबी समाज हमेशा याद रखेगा।
इस अवसर पर पंजाबी संगठन बडौत के अध्यक्ष भूपेश बब्बर ने बताया कि, 1947 में 10 लाख से ज्यादा पंजाबी समाज के भाई बहन शहीद हुए थे और पिछले वर्ष भी पूरे राष्ट्र के अंदर मोमबत्ती जलाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई थी । पंजाबी समाज की एकता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी 14 अगस्त का दिन भी विभाजन विभीषिका घोषित करके पंजाबी समाज का मान बढ़ाया था । 14 अगस्त को शाम 4 बजे एक मोमबत्ती अपने पितरों के नाम जलाकर उन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |