Sunday, August 31, 2025

National

spot_img

आजादी की लड़ाई में जनपद के बलिदानियों का बड़ा योगदान: अपर आयुक्त अमित सिंह

बिजरौल गांव के रहने वाले बाबा शाहमल 1857 की क्रांति के एक प्रमुख सेनापति थे, उन्होंने हजारों किसानों की फौज बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

बिनौली,15 अगस्त 2025 (यूटीएन)। जिवाना के गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ‘स्वतंत्रता संग्राम में जनपद की भूमिका’ विषय पर गोष्ठी हुई, जिसमे वक्ताओं ने देश की आजादी में जनपद के बलिदानियों का बड़ा योगदान बताया।

गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर आयुक्त मेरठ अमित कुमार सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बागपत जनपद वीरों की भूमि है। आजादी के संग्राम में यहां के वीरों का बलिदान अविस्मरणीय है। आजादी की लड़ाई में वीर सेनापति बाबा शाहमल के नेतृत्व में गांव गांव से बलिदानियों ने अपना बलिदान दिया। विशिष्ट अतिथि एडीएम पंकज वर्मा ने कहा कि, जनपद ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बिजरौल गांव के रहने वाले बाबा शाहमल 1857 की क्रांति के एक प्रमुख सेनापति थे। उन्होंने हजारों किसानों की फौज बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसके अलावा बदन सिंह, गुलाब सिंह और अचल सिंह जैसे कई वीर बलिदानियों ने भी आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया। इन बलिदानियों के जीवन से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

प्रबंधक डा अनिल आर्य ने कहा कि बागपत का हर गांव, हर गली मोहल्ला आजादी की लड़ाई के वीरों की कहानियों से भरा हुआ है। बागपत के लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में वीरता और बलिदान की गौरवशाली गाथा लिखी है। इस लड़ाई में बसौद गांव के लोगों के बलिदान को आज भी याद किया जाता है।

इस अवसर पर स्कूल के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। संदीप सिँह के संचालन में हुई गोष्ठी में प्रबंधक डा अनिल आर्य, निदेशक डा सुनील आर्य, प्रधानाचार्य पवन कुमार त्यागी, एड कुणाल आर्य, उप प्रधानाचार्य डा सुशील वत्स, गुड़िया खोखर, प्रिया तोमर, प्राची, सविता सिवाच आदि मौजूद रहे।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

International

spot_img

आजादी की लड़ाई में जनपद के बलिदानियों का बड़ा योगदान: अपर आयुक्त अमित सिंह

बिजरौल गांव के रहने वाले बाबा शाहमल 1857 की क्रांति के एक प्रमुख सेनापति थे, उन्होंने हजारों किसानों की फौज बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

बिनौली,15 अगस्त 2025 (यूटीएन)। जिवाना के गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ‘स्वतंत्रता संग्राम में जनपद की भूमिका’ विषय पर गोष्ठी हुई, जिसमे वक्ताओं ने देश की आजादी में जनपद के बलिदानियों का बड़ा योगदान बताया।

गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर आयुक्त मेरठ अमित कुमार सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि बागपत जनपद वीरों की भूमि है। आजादी के संग्राम में यहां के वीरों का बलिदान अविस्मरणीय है। आजादी की लड़ाई में वीर सेनापति बाबा शाहमल के नेतृत्व में गांव गांव से बलिदानियों ने अपना बलिदान दिया। विशिष्ट अतिथि एडीएम पंकज वर्मा ने कहा कि, जनपद ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बिजरौल गांव के रहने वाले बाबा शाहमल 1857 की क्रांति के एक प्रमुख सेनापति थे। उन्होंने हजारों किसानों की फौज बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसके अलावा बदन सिंह, गुलाब सिंह और अचल सिंह जैसे कई वीर बलिदानियों ने भी आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया। इन बलिदानियों के जीवन से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

प्रबंधक डा अनिल आर्य ने कहा कि बागपत का हर गांव, हर गली मोहल्ला आजादी की लड़ाई के वीरों की कहानियों से भरा हुआ है। बागपत के लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में वीरता और बलिदान की गौरवशाली गाथा लिखी है। इस लड़ाई में बसौद गांव के लोगों के बलिदान को आज भी याद किया जाता है।

इस अवसर पर स्कूल के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। संदीप सिँह के संचालन में हुई गोष्ठी में प्रबंधक डा अनिल आर्य, निदेशक डा सुनील आर्य, प्रधानाचार्य पवन कुमार त्यागी, एड कुणाल आर्य, उप प्रधानाचार्य डा सुशील वत्स, गुड़िया खोखर, प्रिया तोमर, प्राची, सविता सिवाच आदि मौजूद रहे।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES