खेकड़ा, 10 अगस्त 2025 (यूटीएन)। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत सोमवार को ( आज ) 01 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों को पेट के कीड़े निकालने के लिए एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। अभियान में सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों, प्राइवेट स्कूलों, मदरसों के शिक्षकों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भी सक्रिय सहयोग रहेगा।
सीएमओ डा तीरथ लाल के निर्देशन में स्कूल आंगनबाडी के बच्चों को अभियान के तहत कीडों की दवा दी जाएगी। सीएमओ ने बताया कि, अभियान प्रतिवर्ष अगस्त और फरवरी माह में चलाया जाता है। बताया कि, पेट में कीड़े बच्चों में कुपोषण का प्रमुख कारण हैं। इससे बच्चों में खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है। एल्बेंडाजोल दवा के सेवन से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होता है, उनकी सीखने की क्षमता बढ़ती है और एनीमिया पर नियंत्रण रहता है।
सीएमओ ने अभिभावकों से अपील की है कि ,वे अपने बच्चों को यह दवा अवश्य खिलाएं। आरबीएसके के नोडल डा मुकेश, डीईआईसी मैनेजर डा अनुज गेरा और डीसीपीएम नौशाद ने बताया कि ,जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी, गैरसरकारी, मान्यता प्राप्त, प्राइवेट स्कूलों, संस्कृत विद्यालयों, मदरसों के बच्चे दवा खाएंगे। इसमें राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की टीमें, सीएचसी, पीएचसी स्टाफ, आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सीएचओ, एएनएम, आशा, आंगनबाडी कार्यकर्ता सहयोग करेंगी। छूटे हुए बच्चों के लिए 14 अगस्त को मॉप अप राउंड आयोजित किया जाएगा, ताकि शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
*स्कूल न जाने वाले बच्चों को भी शामिल किया जाएगा*
अभियान में उन बच्चों को भी शामिल किया जाएगा, जो स्कूल नहीं जाते हैं। स्कूल ना जाने वाले बच्चों को साथ ही, ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा दी जाएगी। एक से दो वर्ष के बच्चों को आधी गोली और दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी बच्चों को एक पूरी गोली दी जाएगी।
स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |