Sunday, August 31, 2025

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टॉयलेट में गंदगी का अंबार, टूटी हैं सीटें व दरवाजे, कुत्तों का दखल, कर्मियों व फरियादियों तक को परेशानी

टॉयलेट और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं ही लोगों को मयस्सर नही है और गंदगी का अंबार लगा हुआ है ,जिसके चलते कर्मचारियों के साथ फरियादी भी दिक्कत का सामना करने को विवश हैं।

बागपत,31 जुलाई 2025 (यूटीएन)। जिले की विकास नीतियां तय करने वाला विकास भवन ,खुद बदहाली के आंसू बहा रहा है। दो दर्जन से ज्यादा सरकारी दफ्तरों वाला विकास भवन, भले ही जिले में स्वच्छता मिशन और घर-घर शौचालय निर्माण की करोड़ों की योजनाओं को क्रियान्वित करता है, लेकिन अपने ही भवन यानि विकास भवन में कर्मियों व आगंतुकों की मूलभूत सुविधायें दे पाने में बहुत पीछे है। यहां टॉयलेट और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं ही लोगों को मयस्सर नही है और गंदगी का अंबार लगा हुआ है ,जिसके चलते कर्मचारियों के साथ फरियादी भी दिक्कत का सामना करने को विवश हैं।

विकास भवन की इस 4 मंजिला इमारत में दो दर्जन सरकारी विभागों के कार्यालय हैं। जिसमें सैकड़ों कर्मचारी तैनात हैं। सीडीओ समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारियों के यहां कार्यालय हैं, लेकिन विकास भवन खुद बदहाली का शिकार है। विकास भवन की सभी मंजिलों पर बने शौचालय में गंदगी फैली रहती है। इसके साथ ही गेट भी टूटे हैं।

*महिला कर्मचारियों को होती हैं दिक्कत*
विकास भवन की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि विकास भवन के शौचालयों की स्थिति बहुत ही दयनीय है। जिसके लिए वे 2 साल से अधिकारियों से गुहार लगा रही हैं। बताया कि कई बार सीडीओ से भी शिकायत कर चुके हैं और अनेक बार शौचालयों की व्यवस्था सुधारने का आश्वासन भी मिला, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नारकीय बने इन शौचालयों से आम फरियादियों, कर्मचारियों और सबसे ज्यादा महिला कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

*अफसरों की लापरवाही से स्वच्छता को लग रहा पलीता*

विकास भवन में बुनियादी सुविधाओं को लेकर जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही लगातार बनी हुई है। विकास भवन में स्वच्छता और टॉयलेट जैसी बुनियादी जरुरतों का अभाव कर्मचारियों समेत फरियादियों के लिए भारी परेशानी का सबब बना है। इसके बावजूद विकास भवन को लेकर अफसर पूरी तरह बेपरवाह हैं।

*कुत्तों ने जमाया है सभी मंजिलों पर डेरा*

तीन मंजिला विकास भवन की हर मंजिल पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। ये कुत्ते विभागों को जाने वाले रास्तों पर ही शौच कर देते हैं। जिसके कारण विकास भवन के तीनों मंजिलों के रास्तों पर गंदगी फैली रहती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ,कई बार फरियादी पैरा कुत्तों के शौच पर पड़ जाता है, जिसके कारण सारा कमरा धोना पड़ता है।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

International

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टॉयलेट में गंदगी का अंबार, टूटी हैं सीटें व दरवाजे, कुत्तों का दखल, कर्मियों व फरियादियों तक को परेशानी

टॉयलेट और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं ही लोगों को मयस्सर नही है और गंदगी का अंबार लगा हुआ है ,जिसके चलते कर्मचारियों के साथ फरियादी भी दिक्कत का सामना करने को विवश हैं।

बागपत,31 जुलाई 2025 (यूटीएन)। जिले की विकास नीतियां तय करने वाला विकास भवन ,खुद बदहाली के आंसू बहा रहा है। दो दर्जन से ज्यादा सरकारी दफ्तरों वाला विकास भवन, भले ही जिले में स्वच्छता मिशन और घर-घर शौचालय निर्माण की करोड़ों की योजनाओं को क्रियान्वित करता है, लेकिन अपने ही भवन यानि विकास भवन में कर्मियों व आगंतुकों की मूलभूत सुविधायें दे पाने में बहुत पीछे है। यहां टॉयलेट और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं ही लोगों को मयस्सर नही है और गंदगी का अंबार लगा हुआ है ,जिसके चलते कर्मचारियों के साथ फरियादी भी दिक्कत का सामना करने को विवश हैं।

विकास भवन की इस 4 मंजिला इमारत में दो दर्जन सरकारी विभागों के कार्यालय हैं। जिसमें सैकड़ों कर्मचारी तैनात हैं। सीडीओ समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारियों के यहां कार्यालय हैं, लेकिन विकास भवन खुद बदहाली का शिकार है। विकास भवन की सभी मंजिलों पर बने शौचालय में गंदगी फैली रहती है। इसके साथ ही गेट भी टूटे हैं।

*महिला कर्मचारियों को होती हैं दिक्कत*
विकास भवन की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि विकास भवन के शौचालयों की स्थिति बहुत ही दयनीय है। जिसके लिए वे 2 साल से अधिकारियों से गुहार लगा रही हैं। बताया कि कई बार सीडीओ से भी शिकायत कर चुके हैं और अनेक बार शौचालयों की व्यवस्था सुधारने का आश्वासन भी मिला, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नारकीय बने इन शौचालयों से आम फरियादियों, कर्मचारियों और सबसे ज्यादा महिला कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

*अफसरों की लापरवाही से स्वच्छता को लग रहा पलीता*

विकास भवन में बुनियादी सुविधाओं को लेकर जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही लगातार बनी हुई है। विकास भवन में स्वच्छता और टॉयलेट जैसी बुनियादी जरुरतों का अभाव कर्मचारियों समेत फरियादियों के लिए भारी परेशानी का सबब बना है। इसके बावजूद विकास भवन को लेकर अफसर पूरी तरह बेपरवाह हैं।

*कुत्तों ने जमाया है सभी मंजिलों पर डेरा*

तीन मंजिला विकास भवन की हर मंजिल पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। ये कुत्ते विभागों को जाने वाले रास्तों पर ही शौच कर देते हैं। जिसके कारण विकास भवन के तीनों मंजिलों के रास्तों पर गंदगी फैली रहती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ,कई बार फरियादी पैरा कुत्तों के शौच पर पड़ जाता है, जिसके कारण सारा कमरा धोना पड़ता है।

स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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