खेकड़ा,07 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। समान कार्य के बावजूद समान वेतन नहीं मिलने और लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से जुड़े संविदा कर्मियों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। बुधवार को खेकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में संविदा एएनएम ने कार्य बहिष्कार करते हुए धरना दिया। इस दौरान कर्मियों ने सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया और समान कार्य के आधार पर समान वेतन दिए जाने की मांग उठाई।
संविदा एएनएम का कहना था कि वे स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं और योजनाओं के संचालन में लगातार जिम्मेदारी निभा रही हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के मुकाबले कम वेतन मिल रहा है। लंबे समय से वेतन विसंगति दूर करने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक अपेक्षित समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
समान जिम्मेदारी, फिर वेतन में अंतर क्यों?
धरने पर बैठी संविदा एएनएम ने कहा कि विभागीय कार्यों में उन्हें भी नियमित कर्मचारियों की तरह जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों के अलावा क्षेत्र में जाकर लोगों से संपर्क, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाने और विभागीय योजनाओं को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका रहती है। इसके बावजूद वेतन के मामले में उन्हें समानता का लाभ नहीं मिल रहा है।
कर्मियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर कराने के लिए है। उन्होंने सरकार से मांग की कि संविदा कर्मियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए समान कार्य के आधार पर समान वेतन की व्यवस्था की जाए।
प्रदेशभर में चल रहा आंदोलन
एनएचएम कर्मियों के अनुसार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन चल रहा है। इसी क्रम में बुधवार को खेकड़ा सीएचसी पर भी संविदा एएनएम ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। धरने के दौरान कर्मियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया और सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
कर्मियों ने कहा कि वे लंबे समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी वेतन संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाना आवश्यक है।
गुरुवार से अन्य एनएचएम कर्मी भी हड़ताल में होंगे शामिल
एनएचएम कर्मियों के अनुसार गुरुवार से आरबीएसके, एमओआईसी समेत अन्य एनएचएम संविदाकर्मी भी कार्य बहिष्कार कर हड़ताल में शामिल होने की तैयारी में हैं। यदि बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर जाते हैं तो इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की आशंका है।
स्वास्थ्य केंद्रों पर एनएचएम के माध्यम से संचालित विभिन्न सेवाओं में संविदा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में कर्मचारियों की हड़ताल लंबी चलने की स्थिति में मरीजों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ सकता है।
धरने में ये एएनएम रहीं शामिल
बुधवार को खेकड़ा सीएचसी परिसर में आयोजित धरने में आशा राठी, अन्नू धामा, स्नेहा, पुष्पा पटेल, सविता यादव, सोनू राठी, ज्योति, राजकुमारी, रेखा, भावना और सुमन सहित अन्य संविदा एएनएम मौजूद रहीं।
धरने के दौरान सभी ने एक स्वर में वेतन विसंगति दूर करने, समान कार्य के लिए समान वेतन देने तथा संविदा कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

