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सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक वीडियो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग

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बड़ौत,05 सितम्बर  2026  (यूटीएन)। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर सोमवार को अधिवक्ता आकिब चौधरी, आजाद चौधरी सहित समाज के कई गणमान्य लोग बड़ौत कोतवाली पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को मामले से अवगत कराते हुए वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने और वीडियो के माध्यम से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे वीडियो में कैराना की सांसद इकरा हसन के संबंध में एक प्रधान के रिश्ते को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की गई है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी किसी व्यक्ति विशेष की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी गलत संदेश दे सकती है।

वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग

कोतवाली पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की सामग्री तेजी से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच जाती है। ऐसे में यदि किसी वीडियो में आपत्तिजनक, भड़काऊ या विवाद पैदा करने वाली सामग्री है तो उसकी सत्यता और स्रोत की जांच किया जाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने पुलिस से मांग की कि वायरल वीडियो की तकनीकी एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। वीडियो किसने तैयार किया, इसे किस अकाउंट या माध्यम से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और इसके पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं, इसकी जांच की जाए। साथ ही यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका कानून का उल्लंघन करने वाली पाई जाती है तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाए।

सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पर रोक की मांग

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि सोशल मीडिया आज सूचना और संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल समाज में तनाव पैदा कर सकता है। किसी व्यक्ति, समाज या समुदाय को लेकर बिना पुष्टि की गई अथवा अपमानजनक सामग्री प्रसारित किए जाने से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाई जानी चाहिए, जिससे समाज में नफरत, वैमनस्य अथवा अशांति का वातावरण पैदा होने की आशंका हो। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से ऐसे मामलों में समय रहते संज्ञान लेने और तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

एसएचओ से मुलाकात कर सौंपा पक्ष

इस संबंध में प्रतिनिधिमंडल ने बड़ौत कोतवाली में एसएचओ से मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल की ओर से वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को सामने लाना है। उन्होंने पुलिस से मामले में निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की अपेक्षा जताई।

पुलिस से तथ्य सामने लाने की अपील

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि वायरल वीडियो को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे में आवश्यक है कि पुलिस वीडियो की वास्तविकता, संदर्भ और स्रोत की जांच करे। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में कही गई बातें किस संदर्भ में कही गईं और इसके प्रसार के पीछे किसकी भूमिका है।

उन्होंने पुलिस से सोशल मीडिया पर भ्रामक या विवादित सामग्री के प्रसार को लेकर भी निगरानी बढ़ाने की मांग की, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री के कारण क्षेत्र का शांतिपूर्ण माहौल प्रभावित न हो।

ये रहे मौजूद

इस दौरान जावेद प्रधान, वार्ड 22 के सभासद, डॉ. शालीन चौधरी, आबिद कुरैशी, सुहेब मिर्जा, शादाब खान, मोहम्मद हारिस सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही लोगों से भी अपील की कि किसी भी वायरल वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट को बिना सत्यापन के आगे प्रसारित न करें, क्योंकि इससे अनावश्यक भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )







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