खेकड़ा,20 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों ने क्षेत्र से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल आठ शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से दो शिकायतों का अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्रवाई कराकर निस्तारण करा दिया। शेष छह शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए उनके शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी ने की। इस दौरान उपजिलाधिकारी सुरभि शर्मा और तहसीलदार वर्तिका श्रीवास्तव समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने समाधान दिवस में आने वाले प्रत्येक फरियादी को बारी-बारी से बुलाकर उसकी समस्या को विस्तार से सुना। शिकायत से जुड़े तथ्यों की जानकारी संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से मौके पर ही कराई गई, जिससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतों को दर्ज करना नहीं, बल्कि फरियादियों की समस्याओं का वास्तविक और स्थायी समाधान कराना है। इसलिए सभी संबंधित विभाग शिकायतों को गंभीरता से लें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान करते समय केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर जाकर आवश्यक जांच और सत्यापन भी किया जाए। यदि किसी शिकायत के निस्तारण में दूसरे विभाग की भूमिका आवश्यक हो तो संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई पूरी की जाए। शिकायतकर्ता को निस्तारण की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसे अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार तहसील या अन्य सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
समाधान दिवस के दौरान राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, नगर निकाय तथा अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों पर भी अधिकारियों ने आवश्यक जानकारी ली। जिन मामलों में मौके पर कार्रवाई संभव थी, उनमें संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर समाधान कराया गया। वहीं जिन मामलों में जांच या अन्य विभागीय प्रक्रिया की आवश्यकता थी, उन्हें संबंधित विभागों को भेजकर समय सीमा के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उनका निष्पक्ष समाधान करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। किसी भी फरियादी को अपनी समस्या लेकर बार-बार अधिकारियों के पास आने की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
उपजिलाधिकारी सुरभि शर्मा ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की नियमित निगरानी की जाए। शिकायतों के निस्तारण में यदि किसी स्तर पर कोई अड़चन आती है तो उसके संबंध में उच्च अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया जाए। तहसीलदार वर्तिका श्रीवास्तव ने भी राजस्व संबंधी मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। शिकायत का निस्तारण तभी माना जाए जब फरियादी की समस्या का वास्तविक समाधान हो और उसे कार्रवाई से संतुष्टि प्राप्त हो। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों की रिपोर्ट समय से तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों की मौजूदगी में फरियादियों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिला। दो शिकायतों के मौके पर निस्तारण से संबंधित फरियादियों को तत्काल राहत मिली, जबकि अन्य शिकायतों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद जताई गई। प्रशासन की ओर से अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लेकर उसकी प्रगति की निगरानी की जाए।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

