खेकड़ा,07 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को खंड विकास कार्यालय परिसर में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिकाओं ने आकर्षक और संदेशपरक रंगोली तैयार कर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, प्रदेश में हुए विकास कार्यों और विकसित भारत के संकल्प को रंगों के माध्यम से जीवंत रूप प्रदान किया। रंगोली देखने के लिए कार्यक्रम में मौजूद लोगों में भी उत्सुकता रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लाक प्रमुख रश्मि धामा ने किया। उन्होंने परिसर में तैयार की गई विभिन्न रंगोलियों का अवलोकन किया और शिक्षिकाओं के रचनात्मक प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि रंगोली केवल सजावट का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए सामाजिक जागरूकता और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाई जा सकती है।
रंगों के जरिए योजनाओं का संदेश
कार्यक्रम में तैयार की गई रंगोली में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला योजना समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को आकर्षक चित्रों और रंगों के माध्यम से दर्शाया गया। रंगोली के अलग-अलग हिस्सों में योजनाओं के उद्देश्य और आम लोगों के जीवन में उनके महत्व को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
रंगोली के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित योजनाओं की झलक दिखाई गई। आयोजकों ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को योजनाओं की जानकारी आसानी से दी जा सकती है।
एक्सप्रेसवे और विकास कार्य भी दिखाए
रंगोली में प्रदेश में बनाए गए एक्सप्रेसवे और विभिन्न विकास कार्यों की झलक भी प्रस्तुत की गई। सड़क, परिवहन और आधारभूत ढांचे में हुए विकास को रंगों और चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया। इसके जरिए प्रदेश में विकास की दिशा और भविष्य की संभावनाओं का संदेश देने का प्रयास किया गया।
रंगोली में विकसित भारत के संकल्प को भी प्रमुखता से दर्शाया गया। शिक्षिकाओं ने रंगों के माध्यम से देश के विकास, स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक भागीदारी जैसे विषयों को भी रेखांकित किया।
घर-घर से राष्ट्र तक आभार का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ‘घर-घर से राष्ट्र तक’ आभार और संकल्प का संदेश देने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। नागरिक अपने स्तर पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर देश के विकास में योगदान दे सकते हैं।
शिक्षिकाओं ने रंगोली के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक किया। कार्यक्रम में पर्यावरण अनुकूल सामग्री के इस्तेमाल का संदेश देते हुए लोगों से दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की गई।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
रंगोली में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष स्थान दिया गया। लोगों को प्लास्टिक के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने, आसपास साफ-सफाई रखने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षिकाओं ने बताया कि छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से भी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने रंगोली की थीम और प्रस्तुति की सराहना की। विभिन्न विषयों को रंगों और चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करने के प्रयास को रचनात्मक और जागरूकता बढ़ाने वाला बताया गया।
शिक्षिकाओं ने मिलकर तैयार की रंगोली
रंगोली तैयार करने में शिक्षिका राखी जयंत, पारुल, निशा, साक्षी, संजू, रूपा और एकता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिक्षिकाओं ने विभिन्न रंगों और प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल सामग्री का प्रयोग करते हुए योजनाओं तथा विकास कार्यों को आकर्षक रूप दिया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से शिक्षकों और विद्यार्थियों में रचनात्मकता को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता भी पैदा होती है। रंगोली जैसे पारंपरिक माध्यम को जनकल्याणकारी संदेश से जोड़कर आम लोगों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा सकती है।
ये रहे मौजूद
इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सचिन रानी, प्रमुख प्रतिनिधि परवेंद्र धामा, डा. दीप्ति चौधरी, संदीप संधु, पंकज जोशी, अनिल रजक समेत ग्राम प्रधान, महिला समूहों की प्रतिनिधि और भाजपा नेत्री मौजूद रहीं। सभी ने रंगोली का अवलोकन करते हुए शिक्षिकाओं के प्रयास की सराहना की और सेवा संकल्प अभियान के तहत जनजागरूकता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

