बागपत, 23 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। रमाला सहकारी चीनी मिल ने पेराई सत्र 2025-26 में तकनीकी दक्षता एवं रिकवरी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जनपद बागपत का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड की ओर से नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित वार्षिक दक्षता पुरस्कार समारोह में रमाला सहकारी चीनी मिल को तकनीकी दक्षता श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मिल प्रतिनिधियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
पुरस्कार मिलने की सूचना से रमाला सहकारी चीनी मिल के अधिकारियों, कर्मचारियों, संचालक मंडल तथा क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है। मिल प्रबंधन ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताते हुए इसे मिल से जुड़े किसानों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए गौरव का विषय बताया है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली रमाला मिल की पहचान
राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड द्वारा प्रत्येक वर्ष सहकारी चीनी मिलों के प्रदर्शन का विभिन्न मानकों पर आकलन करते हुए दक्षता पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इसी क्रम में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान तकनीकी दक्षता और रिकवरी के क्षेत्र में किए गए बेहतर प्रदर्शन के आधार पर रमाला सहकारी चीनी मिल को द्वितीय पुरस्कार के लिए चुना गया।
राष्ट्रीय स्तर के समारोह में पुरस्कार प्राप्त होना मिल की तकनीकी कार्यप्रणाली और पेराई व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि मिल ने निर्धारित पेराई सत्र के दौरान उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए चीनी उत्पादन से जुड़े तकनीकी मानकों पर प्रभावी कार्य किया।
नितिन गडकरी ने किया सम्मानित
नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित वार्षिक दक्षता पुरस्कार समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रमाला सहकारी चीनी मिल के प्रतिनिधियों को पुरस्कार प्रदान किया।
समारोह के दौरान सहकारी चीनी मिलों की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने चीनी मिलों को केवल चीनी उत्पादन तक सीमित न रहते हुए सहउत्पादों के माध्यम से आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि चीनी उद्योग को मजबूत बनाने के लिए मिलों को चीनी के साथ-साथ उपलब्ध सहउत्पादों का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करना चाहिए, जिससे मिलों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके और उनकी आय में वृद्धि हो।
सहउत्पादों से आय बढ़ाने पर जोर
समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने चीनी मिलों की आर्थिक मजबूती को लेकर सहउत्पादों की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया। चीनी उद्योग में चीनी के अलावा निकलने वाले विभिन्न सहउत्पादों का बेहतर उपयोग मिलों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने मिलों को उत्पादन प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में काम करने पर जोर दिया। इससे मिलों की वित्तीय स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ किसानों से जुड़े भुगतान और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में भी सहायता मिल सकती है।
मिल प्रबंधन ने उपलब्धि का श्रेय सामूहिक प्रयासों को दिया
रमाला सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक ने इस राष्ट्रीय सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुरस्कार का श्रेय मिल प्रबंधन, संचालक मंडल, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कड़ी मेहनत, बेहतर प्रबंधन और सामूहिक प्रयासों को दिया।
उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में मिला यह सम्मान किसी एक व्यक्ति या विभाग की उपलब्धि नहीं है, बल्कि मिल से जुड़े सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। पेराई सत्र के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्पादन प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए, जिसका परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान के रूप में सामने आया है।
प्रधान प्रबंधक ने कहा कि पुरस्कार से मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा है तथा भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी भी बढ़ी है।
किसानों से जुड़ी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने का संकल्प
रमाला सहकारी चीनी मिल क्षेत्र के किसानों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। मिल की उत्पादन क्षमता और वित्तीय स्थिति का प्रभाव गन्ना किसानों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी पड़ता है। ऐसे में मिल प्रबंधन ने आगामी पेराई सत्रों में वित्तीय स्थिति को और बेहतर करने तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया है।
मिल प्रबंधन का कहना है कि किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और गन्ना उत्पादन से संबंधित व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए मिल स्तर पर लगातार प्रयास किए जाएंगे। साथ ही उत्पादन क्षमता में सुधार और तकनीकी दक्षता को और बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
आगामी सत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर रहेगा जोर
रमाला सहकारी चीनी मिल प्रबंधन ने आगामी पेराई सत्रों को लेकर भी अपनी कार्ययोजना स्पष्ट की है। मिल की उत्पादन क्षमता को और बेहतर बनाने के साथ-साथ तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मिल प्रबंधन के अनुसार वर्तमान उपलब्धियों को आधार बनाकर आगामी सत्रों में पेराई प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने, तकनीकी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने और उत्पादन से जुड़े विभिन्न मानकों में सुधार करने का प्रयास किया जाएगा।
तकनीकी दक्षता में राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार मिलने के बाद मिल प्रबंधन के सामने इस प्रदर्शन को बनाए रखने और आने वाले सत्रों में इसे और बेहतर करने की चुनौती भी रहेगी।
डीएम के निर्देशन में बेहतर कार्य का प्रयास
मिल के प्रधान प्रबंधक ने कहा कि उत्तर प्रदेश चीनी मिल संघ, लखनऊ तथा मिल के सभापति के रूप में जिलाधिकारी के कुशल निर्देशन में मिल प्रबंधन आगामी सत्रों में वित्तीय स्थिति में सुधार, किसानों की आय बढ़ाने तथा उत्पादन क्षमता को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि मिल के संचालन में प्रबंधन, संचालक मंडल और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कर्मचारियों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। भविष्य में इसी सामूहिक भावना के साथ मिल की कार्यप्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।
पुरस्कार से अधिकारियों और कर्मचारियों का बढ़ा उत्साह
रमाला सहकारी चीनी मिल को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिलने से मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। तकनीकी दक्षता के क्षेत्र में मिला सम्मान मिल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
मिल से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह के सम्मान से कर्मचारियों को अपने कार्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही इससे मिल प्रबंधन को भी तकनीकी और उत्पादन संबंधी व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
गन्ना किसानों के लिए भी उपलब्धि का विषय
रमाला सहकारी चीनी मिल की उपलब्धि को क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सहकारी चीनी मिलों की सफलता में किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि मिल की पूरी पेराई व्यवस्था गन्ने की उपलब्धता और किसानों के सहयोग से जुड़ी होती है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल को सम्मान मिलने से क्षेत्र के किसानों में भी सकारात्मक संदेश पहुंचा है। मिल प्रबंधन का कहना है कि किसानों और मिल के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से ही चीनी उद्योग को मजबूत किया जा सकता है।
तकनीकी दक्षता से उत्पादन में सुधार की उम्मीद
चीनी मिलों के लिए तकनीकी दक्षता केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध संसाधनों के बेहतर उपयोग, पेराई प्रक्रिया की कार्यक्षमता और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने से भी है। ऐसे में रमाला मिल को तकनीकी दक्षता श्रेणी में पुरस्कार मिलना उसकी कार्यप्रणाली के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मिल प्रबंधन ने संकेत दिया है कि आगामी सत्रों में तकनीकी सुधारों को आगे बढ़ाते हुए उत्पादन क्षमता को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही मिल की वित्तीय स्थिति में सुधार और किसानों से संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
समारोह में मौजूद रहे मिल के पदाधिकारी
नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश चीनी मिल संघ की संयुक्त प्रबंध निदेशक अमृतपाल कौर, मिल के उपसभापति जयदेव सिंह, संचालक मंडल के सदस्य तथा मिल के अधिकारी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में रमाला सहकारी चीनी मिल को तकनीकी दक्षता श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान को रमाला सहकारी चीनी मिल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए अधिकारियों ने भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन का संकल्प दोहराया।
सामूहिक प्रयासों का परिणाम है सम्मान
मिल प्रबंधन ने कहा कि पेराई सत्र 2025-26 में मिली यह उपलब्धि लगातार किए गए तकनीकी सुधार, बेहतर प्रबंधन और कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त सम्मान से मिल की कार्यक्षमता को नई पहचान मिली है। अब प्रयास रहेगा कि आगामी पेराई सत्रों में तकनीकी दक्षता, उत्पादन क्षमता और वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया जाए तथा इसका लाभ मिल से जुड़े गन्ना किसानों तक भी पहुंचे।
रमाला सहकारी चीनी मिल को मिले इस सम्मान ने एक ओर जहां मिल प्रबंधन और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर आगामी सत्रों में बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। मिल प्रबंधन ने इन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए तकनीकी सुधार, बेहतर प्रबंधन, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और किसानों के हित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

