बागपत,01 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर गुरुवार को भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी एवं सहयोगी संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में वात्सायन पैलेस में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 46 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। आयोजन का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग देना रहा।
शिविर का आयोजन माय भारत संस्था युवा के सहयोग से किया गया, जबकि जिला संयुक्त अस्पताल के ब्लड बैंक की ओर से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों को रक्तदान के महत्व के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें नियमित रूप से स्वस्थ परिस्थितियों में रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में सीडीओ अनिल कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं प्रमुख समाजसेवी विनोद गोयल (भुट्टे वाले) उद्घाटनकर्ता के रूप में मौजूद रहे। पूर्व मंडल अध्यक्ष एमजेएफ ला. सुनील निगम अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। अतिथियों और आयोजकों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान समाज में सहयोग और मानवीय संवेदना की भावना को मजबूत करता है।
रक्तदान से मिलता है जीवनदान : अनिल कुमार सिंह
मुख्य अतिथि सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने रक्तदान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। किसी जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त मिलना उसके उपचार में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने लोगों से रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने और पात्र लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। युवाओं की भागीदारी इस दिशा में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि युवा वर्ग जागरूकता के संदेश को परिवार और समाज के अन्य लोगों तक भी पहुंचा सकता है।
सीडीओ ने रक्तदाताओं, आयोजकों और सहयोगी संस्थाओं की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सामाजिक अभियानों में प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की सहभागिता से जनसेवा का दायरा और व्यापक हो सकता है।
46 लोगों ने स्वेच्छा से किया रक्तदान
रक्तदान शिविर में 46 लोगों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वेच्छा से रक्तदान किया। आयोजकों के अनुसार शिविर में रक्तदान के लिए 100 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने के कारण सभी लोग रक्तदान नहीं कर सके।
आयोजकों ने बताया कि कुछ पंजीकृत लोगों का हीमोग्लोबिन निर्धारित स्तर से कम पाया गया, जबकि कुछ लोगों का वजन निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं था। ऐसे लोगों से रक्त नहीं लिया गया। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी व्यक्ति का रक्त तभी लिया जाता है, जब वह निर्धारित चिकित्सकीय मानकों को पूरा करता हो।
शिविर में पंजीकरण कराने वालों की संख्या को आयोजकों ने रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि भले ही सभी पंजीकृत लोग रक्तदान नहीं कर पाए, लेकिन उनका रक्तदान के लिए आगे आना भी जागरूकता की दिशा में सकारात्मक कदम है।
सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं ने बढ़ाया सहयोग
रक्तदान एवं जनसेवा के इस अभियान को उस समय और व्यापक आधार मिला, जब स्याद्वाद कॉलेज एवं श्रीराम कॉलेज भी इसमें सहभागी बने। शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता से विद्यार्थियों और युवाओं के बीच रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।
आयोजकों ने कहा कि रक्तदान जैसे सामाजिक अभियानों को व्यापक स्तर पर सफल बनाने के लिए सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
इसी क्रम में आईडीबीआई बैंक ने भी रक्तदान शिविर के आयोजन में सहयोग किया। आयोजकों ने बैंक सहित सभी सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि जब सामाजिक संस्थाएं, शैक्षणिक संस्थान, बैंक, स्वयंसेवी संगठन और युवा एक साथ किसी जनसेवा अभियान से जुड़ते हैं तो उसका प्रभाव केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज में जागरूकता का व्यापक संदेश जाता है।
रक्तदान मानवता की सच्ची सेवा : अभिमन्यु गुप्ता
समाजसेवी एवं अभियान के संयोजक अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि रक्तदान मानवता की सच्ची सेवा है। जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर रक्त उपलब्ध कराना उसके जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि रक्त किसी फैक्टरी में तैयार नहीं किया जा सकता। जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता के लिए स्वस्थ और पात्र लोगों का स्वैच्छिक रक्तदान आवश्यक है। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को रक्तदान के महत्व को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं, युवाओं और विभिन्न प्रतिष्ठानों के सहयोग से रक्तदान को जन-अभियान का स्वरूप दिया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर ऐसे अभियानों का हिस्सा बनने की अपील की।
रक्तदान सामाजिक दायित्व के साथ मानवीय सेवा भी : डॉ. मयंक गोयल
मुख्य संयोजक डॉ. मयंक गोयल ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना और समाज में नियमित रक्तदान की भावना को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि शिविर में 46 लोगों द्वारा स्वेच्छा से रक्तदान करना उत्साहवर्धक है। इससे पता चलता है कि लोगों में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
डॉ. मयंक गोयल ने बताया कि शिविर में 100 से अधिक लोगों ने रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन सभी लोग चिकित्सकीय मानकों को पूरा नहीं कर सके। हीमोग्लोबिन और वजन कम होने जैसे कारणों से कुछ लोगों का रक्त नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रक्तदान किया, उनका योगदान महत्वपूर्ण है और जिन्होंने स्वास्थ्य मानकों के कारण रक्तदान नहीं किया, वे भविष्य में स्वास्थ्य में सुधार के बाद पात्र होने पर रक्तदान कर सकते हैं।
रक्तदान को लेकर भ्रांतियां दूर करने पर जोर
शिविर के दौरान रक्तदान को लेकर समाज में मौजूद विभिन्न भ्रांतियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि निर्धारित चिकित्सकीय मानकों को पूरा करने वाला स्वस्थ व्यक्ति चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत रक्तदान कर सकता है।
उन्होंने कहा कि रक्तदान से पहले व्यक्ति की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जाती है। इसी कारण शिविर में पंजीकरण कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति से रक्त नहीं लिया गया। चिकित्सकीय मानकों का पालन रक्तदाता और रक्त प्राप्त करने वाले मरीज दोनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
कई संस्थाओं की रही सहभागिता
शिविर में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, स्याद्वाद इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च, श्रीराम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन, महाराजा अग्रसेन कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन, लायंस क्लब अग्रवाल मंडी मंडल 321 सी1, लायंस क्लब बागपत, एंटी करप्शन बोर्ड, वैदिक कन्या डिग्री कॉलेज अग्रवाल मंडी टटीरी सहित विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं की सहभागिता रही।
विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिविर में पहुंचकर रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने में सहयोग किया।
आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों में अलग-अलग संस्थाओं की भागीदारी से समाज के विभिन्न वर्गों तक संदेश पहुंचता है। भविष्य में भी सामूहिक रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता है।
युवाओं की भागीदारी को बताया महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में माय भारत के स्वयंसेवकों की भी विशेष भूमिका रही। स्वयंसेवकों ने रक्तदान शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग किया और आने वाले लोगों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
आयोजकों ने कहा कि युवाओं को सामाजिक सेवा से जोड़ने से उनमें समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। रक्तदान जैसे अभियानों के माध्यम से युवा सीधे तौर पर किसी जरूरतमंद की मदद करने के प्रयास का हिस्सा बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में रक्तदान के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाकर अधिक युवाओं को भविष्य में स्वैच्छिक रक्तदाता बनने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
रेडक्रॉस की भूमिका महत्वपूर्ण
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जिला संयुक्त अस्पताल के ब्लड बैंक का सहयोग रहा। रक्त संग्रह की प्रक्रिया निर्धारित स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रेडक्रॉस के उपसभापति हंसराज ने की। उन्होंने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जरूरत है। किसी दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या अन्य चिकित्सा आवश्यकता के समय मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान को मिली मजबूती
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान जैसे अभियानों को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास की जरूरत है। केवल रक्तदान दिवस पर ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर रक्तदाता समूह तैयार कर सकती हैं और जरूरत के समय पात्र रक्तदाताओं से संपर्क स्थापित किया जा सकता है। हालांकि, रक्तदान हमेशा अधिकृत एवं चिकित्सकीय रूप से सक्षम रक्त बैंक या शिविर के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाना चाहिए।
जनसेवा की भावना का दिया संदेश
शिविर में रक्तदान करने वाले लोगों के प्रति आयोजकों ने आभार जताया। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने वाला व्यक्ति सीधे तौर पर यह नहीं जानता कि उसका रक्त किस जरूरतमंद के काम आएगा, लेकिन यही स्वैच्छिक रक्तदान की सबसे बड़ी विशेषता है।
रक्तदाता बिना किसी व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा के समाज के किसी अज्ञात व्यक्ति की मदद के लिए आगे आता है। इसी भावना को मानवता की सेवा का आधार बताते हुए आयोजकों ने अधिक से अधिक पात्र लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद
कार्यक्रम में विवेक गोयल, विनोद गुप्ता, कपिल गुप्ता, डॉ. हर्षित गोयल, डॉ. करणवीर सिंह, चौधरी करण सिंह, डॉ. कमला अग्रवाल, डॉ. निर्मला, ला. राजपाल शर्मा, डॉ. एमएस धामा, अनिकेत शर्मा (माय भारत), अरविंद गुप्ता, वैभव मित्तल, भूषण गुप्ता, भगतजी अध्यक्ष लायंस क्लब सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा राष्ट्रीय लोक दल के जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष गुर्जर, अग्रवाल समाज के मा. राकेश मोहन गर्ग, अमन गोयल, लायंस क्लब के सचिव ला. दीपक गोयल तथा माय भारत के स्वयंसेवकों ने भी कार्यक्रम में सहयोग किया।
रक्तदान को जनआंदोलन बनाने की जरूरत
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर आयोजित इस शिविर ने समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की आवश्यकता को एक बार फिर सामने रखा। 46 लोगों का रक्तदान करना और 100 से अधिक लोगों का रक्तदान के लिए पंजीकरण कराना यह बताता है कि लोगों में इस सामाजिक सेवा को लेकर रुचि है।
आयोजकों का कहना है कि रक्तदान को केवल एक दिन तक सीमित रखने के बजाय इसे नियमित सामाजिक गतिविधि के रूप में बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इसके लिए सामाजिक संगठनों, कॉलेजों, युवाओं, सरकारी संस्थानों और निजी प्रतिष्ठानों को मिलकर काम करना होगा।
शिविर का समापन रक्तदाताओं और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे रक्तदान शिविर आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान से जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

