खेकड़ा,27 अगस्त 2026 (यूटीएन)। बारिश के बाद पुराना सुभानपुर मार्ग बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया है। जलभराव के कारण सड़क और गड्ढों का अंतर तक दिखाई नहीं देता, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है, लेकिन बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरने के कारण लोगों को मजबूरी में पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई स्थानों पर कीचड़ जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
तीन स्कूलों के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी
सुभानपुर गांव के समीप करीब तीन स्कूल संचालित हैं, जहां आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। रोजाना सुबह और दोपहर इस मार्ग से बच्चों का आवागमन होता है। बारिश के बाद सड़क पर जलभराव होने से बच्चों को स्कूल पहुंचने और वापस घर लौटने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार बच्चे पानी से होकर गुजरने के दौरान फिसल जाते हैं। गंदे पानी और कीचड़ के कारण उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। कुछ बच्चे रास्ते की स्थिति देखकर स्कूल जाने के बजाय वापस घर लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
गड्ढों में पानी भरने से नहीं चलता गहराई का पता
ग्रामीण शिवकुमार ने बताया कि मार्ग के कई हिस्सों में गड्ढे काफी गहरे हैं। सामान्य दिनों में तो किसी तरह लोग उन्हें देखकर निकल जाते हैं, लेकिन बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है। ऐसे में उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने कहा कि पैदल राहगीरों के अलावा दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह रास्ता जोखिम भरा बना हुआ है। पानी से भरे गड्ढे में वाहन का पहिया जाने पर चालक के संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग पर जलभराव के कारण लोगों को बेहद सावधानी से रास्ता पार करना पड़ता है। स्कूली बच्चों को लेकर अभिभावकों की चिंता और बढ़ जाती है।
बच्चों को स्कूल छोड़ने खुद जाते हैं अभिभावक
ग्रामीण आदेश ने बताया कि मार्ग की खराब हालत के कारण कई अभिभावकों को अपने बच्चों को मोटरसाइकिल से स्कूल छोड़ने जाना पड़ता है। खासकर बारिश के दिनों में बच्चों को अकेले इस रास्ते से भेजने में अभिभावक डरते हैं।
उन्होंने कहा कि सड़क पर पानी और गड्ढों के कारण कभी भी कोई बच्चा या वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकता है। यदि समय रहते मार्ग की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
पैदल चलना भी बना चुनौती
बारिश के बाद मार्ग के कई हिस्सों में जलभराव और कीचड़ होने से पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। राहगीरों को सड़क के किनारे से निकलने का प्रयास करना पड़ता है, लेकिन कई जगह वहां भी कीचड़ और पानी जमा है।
स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए स्थिति और कठिन हो जाती है। बच्चों को जूते और कपड़े खराब होने के डर के बीच पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई अभिभावक बच्चों को रास्ते की स्थिति से बचाने के लिए उन्हें खुद स्कूल तक पहुंचाने जा रहे हैं।
लंबे समय से मरम्मत की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि पुराना सुभानपुर मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में है। समय-समय पर मार्ग की मरम्मत की मांग संबंधित अधिकारियों से की जाती रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल गड्ढों में मिट्टी या अन्य सामग्री डाल देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। बारिश के दौरान फिर से गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क की स्थिति पहले जैसी हो जाती है। इसलिए सड़क की स्थायी मरम्मत और जल निकासी की उचित व्यवस्था कराना जरूरी है।
जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी समस्या
ग्रामीणों के मुताबिक मार्ग पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है। यदि पानी की निकासी के लिए नाला या अन्य उचित व्यवस्था की जाए तो जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त कराया जाना चाहिए, ताकि हर बारिश के बाद सड़क तालाब में तब्दील न हो।
हादसे की आशंका से चिंतित ग्रामीण
सड़क पर पानी से भरे गड्ढों के कारण ग्रामीणों को हादसे की आशंका बनी रहती है। विशेषकर सुबह स्कूल के समय और छुट्टी के बाद बच्चों की संख्या अधिक रहती है। इस दौरान सड़क पर वाहनों का आवागमन भी बना रहता है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि कोई बच्चा या दोपहिया वाहन चालक पानी से भरे गहरे गड्ढे में चला गया तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसलिए प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय पहले ही सड़क की स्थिति सुधारनी चाहिए।
तत्काल मरम्मत की मांग
ग्रामीण वीरेंद्र, नीरज, अशोक, राहुल और अजय समेत अन्य लोगों ने प्रशासन से पुराना सुभानपुर मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने सड़क के गहरे गड्ढों को भरवाने के साथ ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा आसपास स्कूल होने के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा भी सीधे तौर पर इस मार्ग की स्थिति से जुड़ी है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का जायजा ले और जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए।
बारिश के बाद सामने आई बदहाली
बारिश ने पुराना सुभानपुर मार्ग की बदहाली को एक बार फिर सामने ला दिया है। सड़क पर जगह-जगह पानी भरा होने के कारण राहगीरों को रास्ता चुनकर निकलना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अभी सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में लगातार बारिश के कारण स्थिति और खराब हो सकती है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए मार्ग की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था कराने के लिए जल्द कदम उठाएगा, ताकि स्कूली बच्चों, अभिभावकों और आम राहगीरों को राहत मिल सके और किसी संभावित हादसे को टाला जा सके।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

