खेकड़ा,26 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। पूर्णिमा के अवसर पर बसी गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर में धार्मिक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में मेला और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। लोगों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर गांव में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन किया। मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालु धार्मिक आस्था में डूबे नजर आए। पूजा के बाद लोगों ने मंदिर परिसर में आयोजित मेले का आनंद लिया। बच्चों और युवाओं में मेले को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।
राधा-कृष्ण ग्रुप ने संभाली सेवा की जिम्मेदारी
मेले में बसी गांव के युवाओं के राधा-कृष्ण ग्रुप की ओर से श्रद्धालुओं की सेवा के लिए विशेष व्यवस्था की गई। ग्रुप के सदस्यों ने मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को मीठा और शीतल पेयजल वितरित किया। गर्मी और भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराने की युवाओं की पहल की लोगों ने सराहना की।
युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्य में भाग लिया। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं को पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही व्यवस्था बनाए रखने में भी सहयोग किया गया। युवाओं की इस भागीदारी से धार्मिक आयोजन में सेवा और सामाजिक सहयोग की भावना भी दिखाई दी।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु
मंदिर परिसर में भगवान शिव को समर्पित भजनों का भी आयोजन हुआ। शिव भजनों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। भजनों के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों का आनंद लिया और भगवान शिव के जयकारे लगाए।
धार्मिक गीत-संगीत और पूजा-अर्चना के कारण पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
धार्मिक कार्यक्रम के बाद मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और धर्मलाभ उठाया। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई थी और आयोजन से जुड़े लोगों ने सेवा भाव से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
भंडारे में गांव और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा।
धार्मिक आयोजन में दिखाई दी सामूहिक सहभागिता
पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित मेले और भंडारे में ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता देखने को मिली। बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक ने आयोजन में हिस्सा लिया। जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर धार्मिक लाभ उठाया, वहीं युवाओं ने सेवा कार्य में योगदान दिया।
आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का भी संदेश देखने को मिला। युवाओं द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था और भंडारे में सहयोग ने आयोजन को व्यवस्थित बनाने में योगदान दिया।
श्रद्धालुओं में रहा उत्साह
पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में पूरे दिन उत्साह बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर परिवार की खुशहाली और गांव में सुख-शांति की कामना की। मेले और भंडारे में भी लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस मौके पर सागर शर्मा, संदीप कुमार, पंकज कुमार, विपिन, मुकेश, प्रदीप कुमार और राजीव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
आयोजन के दौरान सभी ने सहयोग करते हुए धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। पूर्णिमा पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन से बसी गांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। मंदिर में पूजा-अर्चना, शिव भजनों, मेले और भंडारे के चलते श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ दिन बिताया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

