बिनौली,04 अक्टूबर 2026 (यूटीएन)। क्षेत्र के सिरसली गांव की पट्टी चौधरान में रविवार को गाजियाबाद स्थित यशोदा अस्पताल की ओर से निशुल्क जांच एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श लिया। शिविर में करीब 200 से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
निशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ रालोद नेता राजू तोमर सिरसली और मैनेजर कैप्टन अजय पाल सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन बेहद उपयोगी है। गांवों में रहने वाले लोगों को कई बार सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए भी दूर जाना पड़ता है। ऐसे में उनके बीच ही चिकित्सकीय जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध होने से लोगों को काफी लाभ मिलता है।
स्वास्थ्य की विभिन्न जांचें की गईं
शिविर में यशोदा अस्पताल की चिकित्सा टीम ने मरीजों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की। फिजिशियन डॉ. आमिर के नेतृत्व में नर्सिंग स्टाफ प्रेमलता और दीक्षा तथा वार्ड बॉय पवन कुमार ने मरीजों की जांच और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
शिविर के दौरान करीब 200 से अधिक लोगों का ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, वजन और पीएफटी समेत विभिन्न स्वास्थ्य जांचें की गईं। जांच के दौरान जिन मरीजों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या अथवा असामान्य रिपोर्ट सामने आई, उन्हें चिकित्सकों ने आवश्यक सावधानी बरतने और आगे की जांच कराने की सलाह दी।
चिकित्सकों ने मरीजों को उनकी रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी जरूरी परामर्श भी दिया। लोगों को नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच कराने और किसी भी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई।
बीपी और शुगर को लेकर किया जागरूक
शिविर में पहुंचे लोगों को विशेष रूप से उच्च रक्तचाप और मधुमेह के प्रति जागरूक किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि कई बार बीपी और शुगर बढ़ने के बावजूद शुरुआती दौर में मरीज को इसका पता नहीं चल पाता। नियमित जांच से इन बीमारियों की समय रहते पहचान की जा सकती है और आवश्यक उपचार शुरू किया जा सकता है।
चिकित्सकों ने लोगों को खान-पान में संतुलन रखने, अत्यधिक नमक और मीठे के सेवन से बचने, नियमित शारीरिक गतिविधि करने तथा चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करने की सलाह दी। साथ ही जिन लोगों को पहले से बीपी या शुगर की समस्या है, उन्हें नियमित जांच कराने पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों ने उठाया निशुल्क जांच का लाभ
शिविर की जानकारी मिलने पर सुबह से ही ग्रामीणों का पहुंचना शुरू हो गया था। महिला, पुरुष और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने शिविर में पहुंचकर अपनी स्वास्थ्य जांच कराई। कई लोगों ने पहली बार रक्तचाप और शुगर की जांच कराई, जबकि पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों ने चिकित्सकों से अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर सलाह ली।
शिविर में आए ग्रामीणों ने कहा कि गांव में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी में निशुल्क जांच की सुविधा मिलना उनके लिए सुविधाजनक रहा। ग्रामीणों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूरी
चिकित्सकों ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए केवल बीमारी होने के बाद ही अस्पताल जाना जरूरी नहीं है, बल्कि समय-समय पर सामान्य स्वास्थ्य जांच भी करानी चाहिए। नियमित जांच से शरीर में होने वाले बदलावों का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को विशेष रूप से नियमित बीपी, शुगर और वजन की जांच कराने की सलाह दी। वहीं सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को चिकित्सकीय परामर्श लेने और आवश्यकता के अनुसार आगे की जांच कराने को कहा गया।
शिविर में चिकित्सकों ने ग्रामीणों के सवालों के जवाब भी दिए। लोगों ने सिरदर्द, कमजोरी, ब्लड प्रेशर, शुगर, सांस संबंधी परेशानी तथा अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर चिकित्सकों से जानकारी ली। चिकित्सकों ने मरीजों को उनकी समस्या के अनुसार आवश्यक सावधानी और उपचार संबंधी परामर्श दिया।
आयोजन में इन लोगों का रहा सहयोग
निशुल्क स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में स्थानीय लोगों और आयोजकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। शिविर की व्यवस्थाओं में साहिल अल्वी, आशीष तोमर, ऋतु तोमर, गजेंद्र, जसवीर सिंह, सतीश और सतबीर सहित अन्य लोगों ने सहयोग किया।
आयोजकों ने बताया कि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की प्राथमिक जांच कराने और उनकी समस्या के अनुसार चिकित्सकीय सलाह देने का प्रयास किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों की जरूरत
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित अंतराल पर निशुल्क चिकित्सा एवं जांच शिविर लगाए जाने चाहिए। खासकर बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऐसे शिविर काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि शुरुआती स्तर पर बीमारी की पहचान होने से मरीज को समय पर उपचार मिल सकता है और बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों को भी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना होगा।
शिविर के अंत में आयोजकों और चिकित्सा टीम ने शिविर में पहुंचे सभी मरीजों का आभार जताया। ग्रामीणों ने भी यशोदा अस्पताल की टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि गांव में निशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलने से उन्हें काफी लाभ हुआ है।
शिविर में करीब 200 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच किए जाने के साथ ही उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। आयोजकों ने भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की उम्मीद जताई।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

