अमींनगर सराय,24 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। जिला रेड क्रॉस समिति बागपत एवं लायंस क्लब अग्रवाल मंडी मंडल 321 सी1 के संयुक्त तत्वावधान में अमींनगर सराय स्थित शिव मंदिर में निशुल्क नेत्र जांच एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वेणु इंस्टीट्यूट, शेख सराय, दिल्ली के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने पहुंचकर क्षेत्र के लोगों की आंखों की जांच की। शिविर में आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पहुंचे और निशुल्क नेत्र परीक्षण का लाभ उठाया।
शिविर का उद्घाटन प्रसिद्ध समाजसेवी एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष पीएमजेएफ ला आलोक भटनागर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को नेत्र ज्योति प्रदान करना बेहद पुण्य का कार्य है। आंखें मानव जीवन का महत्वपूर्ण अंग हैं और दृष्टि संबंधी परेशानी के कारण व्यक्ति के दैनिक जीवन पर भी असर पड़ता है। ऐसे में जरूरतमंद लोगों की आंखों की जांच कराना और उन्हें उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना समाजसेवा का महत्वपूर्ण कार्य है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं को स्वास्थ्य सेवा से जुड़े ऐसे शिविर लगातार आयोजित करते रहना चाहिए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं आसानी से मिल सकें।
100 से अधिक मरीजों की आधुनिक मशीनों से जांच
शिविर में वेणु इंस्टीट्यूट शेख सराय दिल्ली से आए चिकित्सकों एवं उनकी टीम ने 100 से अधिक मरीजों की आंखों की आधुनिक मशीनों से जांच की। जांच के दौरान मरीजों की आंखों से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली गई और आवश्यकतानुसार दवाइयां लिखी गईं।
शिविर में चिकित्सकों ने मरीजों को आंखों की देखभाल से संबंधित जरूरी जानकारी भी दी। लोगों को नियमित रूप से आंखों की जांच कराने तथा किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए जागरूक किया गया।
ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस निशुल्क शिविर का लोगों ने लाभ उठाया। कई मरीजों ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराने का अवसर उन्हें स्थानीय स्तर पर ही मिल गया, जिससे उन्हें दूर जाने की परेशानी से राहत मिली।
34 महिला-पुरुषों को दिए गए चश्मे के नंबर
नेत्र परीक्षण के दौरान 34 स्त्री-पुरुषों को चश्मे के नंबर प्रदान किए गए। जांच के बाद चिकित्सकों ने मरीजों को उनकी दृष्टि संबंधी आवश्यकता के अनुसार चश्मे का नंबर बताया।
आयोजकों के अनुसार शिविर का उद्देश्य केवल नेत्र परीक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि जरूरतमंद लोगों को उनकी समस्या के अनुसार आगे की चिकित्सा सुविधा से जोड़ना भी था। इसी क्रम में जांच के दौरान मोतियाबिंद से संबंधित मामलों की पहचान की गई।
चार मरीजों का होगा मोतियाबिंद ऑपरेशन
शिविर में जांच के बाद चार मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया। इन मरीजों को आगामी 29 तारीख को दिल्ली स्थित वेणु इंस्टीट्यूट ले जाया जाएगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उनका ऑपरेशन किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि मरीजों को दिल्ली ले जाने और उपचार की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। इससे जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ संस्थान में उपचार उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
समाजसेवा में स्वास्थ्य शिविरों की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर उपयोगी साबित होते हैं। आर्थिक या अन्य कारणों से कई लोग समय पर अपनी आंखों की जांच नहीं करा पाते। ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को शुरुआती स्तर पर ही अपनी समस्या की जानकारी मिल सकती है।
नेत्र संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। विशेष रूप से उम्र बढ़ने के साथ आंखों की रोशनी से जुड़ी परेशानियों की संभावना बढ़ सकती है। ऐसे में नियमित जांच और विशेषज्ञ की सलाह महत्वपूर्ण होती है।
पदाधिकारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान आयोजक एवं सहयोगी पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम चेयरपर्सन ला राकेश बंसल, संयोजक संजय गर्ग, ला पुरुषोत्तम गर्ग, सचिव दीपक गोयल, अध्यक्ष भूषण गुप्ता और भगत जी को मंडल अध्यक्ष पीएमजेएफ ला आदित्य गुप्ता द्वारा पिन लगाकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शिविर के आयोजन और व्यवस्थाओं में योगदान देने वाले सदस्यों के प्रयासों की सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि समाजसेवा के कार्य सामूहिक सहयोग से ही प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाए जा सकते हैं।
चिकित्सकीय टीम ने संभाली जिम्मेदारी
शिविर में डॉक्टर ओमवीर, श्रीमती हिपजा, श्रीमती नंदनी, मिस्टर महेंद्र, अर्जुन, शिवम, आसिफ और नासिर सहित टीम के सदस्यों ने मरीजों की जांच एवं आवश्यक प्रक्रिया में सहयोग किया।
चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों की जांच आधुनिक उपकरणों के माध्यम से की। जांच के बाद आवश्यक दवाइयां लिखीं और जिन मरीजों को चश्मे की जरूरत थी, उन्हें चश्मे के नंबर बताए गए। वहीं मोतियाबिंद के संभावित मामलों को आगे के उपचार के लिए चिन्हित किया गया।
निशुल्क सेवा मिलने से लोगों में खुशी
शिविर में पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों ने निशुल्क नेत्र जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आयोजकों का आभार जताया। स्थानीय लोगों का कहना था कि क्षेत्र में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिलती है।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य एवं नेत्र संबंधी शिविर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके।
आंखों की नियमित जांच का दिया संदेश
कार्यक्रम में लोगों को आंखों के प्रति लापरवाही न बरतने का संदेश दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि आंखों में किसी प्रकार की परेशानी, धुंधला दिखाई देना, लगातार दर्द या अन्य असामान्य लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
उन्होंने लोगों को नियमित नेत्र परीक्षण कराने के लिए भी प्रेरित किया। विशेष रूप से बुजुर्गों और पहले से दृष्टि संबंधी परेशानी वाले लोगों को समय-समय पर आंखों की जांच कराने की सलाह दी गई।
चार मरीजों को उपचार की अगली सुविधा
शिविर के माध्यम से चार मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए दिल्ली भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। इससे शिविर में केवल जांच ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों को आगे के उपचार से जोड़ने का कार्य भी हुआ।
मुख्य संयोजक ला अभिमन्यु गुप्ता एवं रेड क्रॉस समिति के सभापति ला पंकज गुप्ता ने शिविर के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि समाजसेवी संस्थाओं और चिकित्सा विशेषज्ञों के सहयोग से ऐसे आयोजन आगे भी किए जाते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों से जरूरतमंद लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाई जा सकती हैं। इसी भावना के साथ शिविर का आयोजन किया गया।
सेवा और सहयोग की भावना से हुआ आयोजन
शिविर में चिकित्सकों की टीम, आयोजक मंडल और सहयोगियों ने मिलकर व्यवस्थाएं संभालीं। मरीजों के पंजीकरण, जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को निशुल्क नेत्र जांच और आगे के उपचार की सुविधा से जोड़ना रहा।
शिविर के समापन पर आयोजकों ने चिकित्सकीय टीम, सहयोगियों और शिविर में पहुंचे सभी मरीजों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की आंखों की रोशनी बचाने या उसे बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में किया गया प्रयास समाज के लिए महत्वपूर्ण सेवा है। निशुल्क शिविर में 100 से अधिक मरीजों की जांच, 34 लोगों को चश्मे के नंबर और चार मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए दिल्ली भेजे जाने की व्यवस्था इस आयोजन की प्रमुख उपलब्धियां रहीं।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

