खेकड़ा, 02 नवंबर 2026 (यूटीएन)। राष्ट्रीय लोकदल महिलाओं को राजनीति में 50 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। मातृशक्ति को समाज और राजनीति में बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। महिलाओं की भागीदारी के बिना सामाजिक और राजनीतिक विकास की कल्पना अधूरी है। यह बात सोमवार को कस्बे के एमएम इंटर कॉलेज में आयोजित समरसता सम्मेलन एवं दीपावली मिलन समारोह में राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कही। उन्होंने कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उत्साह, जागरूकता और सामाजिक सहभागिता की सराहना की।
रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, प्रशासन, व्यापार और सामाजिक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसके बावजूद राजनीति में उनकी भागीदारी को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबर का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अभी 33 प्रतिशत आरक्षण मिला है, लेकिन उन्हें 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग उठानी चाहिए। राष्ट्रीय लोकदल इस मांग का समर्थन करेगा और मातृशक्ति को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल चुनाव में मतदान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें राजनीतिक नेतृत्व, संगठनात्मक जिम्मेदारियों और नीति निर्धारण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। जब महिलाएं राजनीति में आगे आएंगी तो समाज की आधी आबादी से जुड़े मुद्दों को भी प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद महिलाओं से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
जयंत चौधरी महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे काम
त्रिलोक त्यागी ने कहा कि रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी महिलाओं, युवाओं और किसानों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। पार्टी का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जयंत चौधरी का मजबूती से साथ देने की अपील करते हुए कहा कि आने वाले समय में वह देश के बड़े नेताओं में शामिल होंगे। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय लोकदल को नई दिशा और मजबूती मिल रही है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी की नीतियों और विचारधारा को आमजन तक पहुंचाना प्रत्येक कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। संगठन की मजबूती केवल बड़े कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने और उनकी समस्याओं को समझने से आती है।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं से जुटने का आह्वान
आगामी विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए त्रिलोक त्यागी ने कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर गठबंधन की मजबूती के साथ चुनाव लड़ने और एनडीए की सरकार बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को अभी से जुट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी सफलता के लिए संगठन का मजबूत होना, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता के साथ निरंतर संवाद बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय पूरे वर्ष जनता के बीच रहकर काम करना चाहिए। गांवों में किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और मजदूरों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए प्रयास करना चाहिए। जनता के सुख-दुख में भागीदारी निभाने वाला संगठन ही लंबे समय तक लोगों का विश्वास प्राप्त कर सकता है।
युवाओं को राजनीति में भी बनानी चाहिए पहचान
युवाओं को संबोधित करते हुए रालोद महासचिव ने कहा कि राजनीति केवल कुर्ता-पायजामा पहनने का नाम नहीं है, बल्कि राजनीति का वास्तविक अर्थ जनता के बीच बैठना, उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए संघर्ष करना है। राजनीति समाज की सेवा करने और व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आज का युवा पढ़ाई और रोजगार के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। युवाओं को आईएएस, आईपीएस और प्रोफेसर बनने का सपना देखने के साथ राजनीति में भी आगे आना चाहिए। देश और प्रदेश के भविष्य को दिशा देने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि शिक्षित और जागरूक युवा राजनीति में आएंगे तो समाज को नई सोच और नई ऊर्जा मिलेगी।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, शिक्षा को प्राथमिकता देने और खेलकूद जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की। कहा कि युवा शक्ति का सही दिशा में उपयोग समाज और राष्ट्र दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
कुलदीप त्यागी के सामाजिक कार्यों की सराहना
सम्मेलन के संयोजक कुलदीप त्यागी उर्फ केटी भैया द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान, खेलकूद गतिविधियों और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कार्यों की त्रिलोक त्यागी ने विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों को भी आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि समाजसेवा करने के लिए किसी राजनीतिक पद अथवा सरकारी सहायता की अनिवार्यता नहीं होती। इसके लिए समाज को साथ लेकर चलने का जज्बा और जनहित के कार्यों के प्रति समर्पण होना चाहिए। सरकारें जिन कार्यों को कभी-कभी सीमित संसाधनों या अन्य कारणों से पूरा नहीं कर पातीं, उन्हें सामाजिक संस्थाएं आपसी सहयोग और जनभागीदारी से बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि नशामुक्ति अभियान चलाना, युवाओं को खेलों से जोड़ना और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना समाज की वास्तविक जरूरतों से जुड़े कार्य हैं। ऐसे प्रयासों से नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा मिलती है और समाज में जागरूकता का वातावरण तैयार होता है।
समरसता और भाईचारे का संदेश लेकर आया दीपावली मिलन समारोह
एमएम इंटर कॉलेज में आयोजित समरसता सम्मेलन एवं दीपावली मिलन समारोह में सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और रालोद कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। सामाजिक समरसता तभी मजबूत होगी जब प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर और भागीदारी मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान दीपावली के पर्व की शुभकामनाएं भी दी गईं। वक्ताओं ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का अवसर भी है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक रिश्ते मजबूत होते हैं और लोगों को एक मंच पर आकर विचार साझा करने का अवसर मिलता है।
महिलाओं की भागीदारी ने बढ़ाया सम्मेलन का उत्साह
सम्मेलन में महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति पर रालोद नेताओं ने खुशी जताई। वक्ताओं ने कहा कि मातृशक्ति परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में अधिक अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रालोद जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने की। इस दौरान क्षेत्रीय अध्यक्ष तिरसपाल मलिक खेसरिया, युवा जिलाध्यक्ष रवि तोमर, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, महिला जिलाध्यक्ष प्रज्ञा बालियान, कपिल गुर्जर, चेयरमैन प्रतिनिधि सुरेंद्र धामा, डॉ. जगपाल तेवतिया, रामपाल धामा, हरेंद्र सिंह, भोपाल सिंह, ललित त्यागी, नरेश त्यागी, रामअवतार चेयरमैन, राजकुमार त्यागी, संजय त्यागी सहित बड़ी संख्या में रालोद पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सम्मेलन का समापन सामाजिक एकता, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी और संगठन को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

