Breaking News
रंगोली में दिखी सरकारी योजनाओं की झलक, विकसित भारत का दिया संदेश   | आपदा के समय घबराएं नहीं, सूझबूझ से करें बचाव, महरमपुर स्कूल में सेफ्टी ऑडिट, विशेषज्ञों ने बताए सुरक्षा के उपाय   | दांतों का इलाज कराने आई युवती रहस्यमय ढंग से गायब, सहेली पर शक   | वृद्ध पिता को मारपीट कर घर से निकाला, मकान पर कब्जे का आरोप   | शिवपुरी में हुई राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में जेनेक्स्ट स्कूल को मिला तृतीय स्थान   | मलकपुर चीनी मिल को गन्ना न देने का किसानों ने लिया फैसला, डीएम से मिलकर समस्या के समाधान की करेंगे गुहार   | पुराने मुकदमे में समझौते के दबाव का आरोप, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर जान से मारने की धमकी   | देव कृष्णा स्कूल की अवि शर्मा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट चयनित, संस्था ने पूर्व छात्रा का भव्य स्वागत किया   | आंगन मिलन कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई, छह माह तक के बच्चों का कराया अन्नप्राशन   | वेतन विसंगति के विरोध में संविदा एएनएम ने दिया धरना   |
मल्टी डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता के क्षेत्र में तुरंत आवश्यकता है देश एवं प्रदेश के सभी जगह से अनुभव गैर अनुभवी पुरुष एवं महिलाएं, देश एवं प्रदेश के सभी जिला एवं राज्य में युवक / महिलाएं संपर्क करें मल्टीमीडिया उज्जवल टाइम्स न्यूज़ में जोड़ने के लिए आपको मिल रहा है सुनहरा मौकाआप हमें अपने समाचार एवं विज्ञापन, कविता, लेख प्रकाशित करने के लिए संपर्क कर सकते हैं . E-mail- ujjwaltimesnewsnetwork@gmail.com

क्राइम कंट्रोल में महारथी सूरज कुमार राय पदोन्नत, बने मुजफ्फरनगर के एसएसपी

1791381221_2.jpg


बागपत,07 अक्टूबर  2026  (यूटीएन)। जिले में अपराध नियंत्रण, अपराधियों की धरपकड़ और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में अपनी अलग कार्यशैली की छाप छोड़ने वाले पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय को शासन ने पदोन्नति का तोहफा दिया है। शासन स्तर से जारी पुलिस अधिकारियों की स्थानांतरण एवं पदस्थापना सूची में बागपत के एसपी सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नियुक्त किया गया है। वहीं बागपत की कमान पुलिस अधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर टू डीजीपी पूर्णेंदु सिंह को सौंपी गई है।

सूरज कुमार राय के मुजफ्फरनगर एसएसपी बनाए जाने की खबर सामने आते ही बागपत पुलिस महकमे के साथ-साथ आम लोगों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। बागपत में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए पुलिसिंग को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया। अपराध की छोटी-बड़ी घटनाओं पर तत्काल संज्ञान लेना और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी लेना उनकी कार्यशैली का हिस्सा रहा।

अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया

एसपी सूरज कुमार राय के कार्यकाल में पुलिस की अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी देखने को मिली। वांछित और सक्रिय अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चलाए गए। पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाते रहे।

उनकी कार्यशैली में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि किसी भी घटना को केवल थाने या कार्यालय की कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय उसके परिणाम तक पहुंचने पर जोर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों को मौके पर पहुंचने, पीड़ित की शिकायत सुनने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते रहे।

कानून व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों से जवाब-तलब करने और तत्काल सुधार के निर्देश देने में भी उन्होंने संकोच नहीं किया। इसी वजह से पुलिस महकमे में उनकी कार्यशैली को लेकर स्पष्ट संदेश रहा कि अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीड़ित की बात सीधे सुनने पर दिया जोर

सूरज कुमार राय की कार्यशैली का एक महत्वपूर्ण पहलू आम लोगों के प्रति उनकी सहज उपलब्धता भी रही। कोई पीड़ित अपनी समस्या लेकर उनके पास पहुंचता तो उसकी बात गंभीरता से सुनी जाती। कई मामलों में उन्होंने तत्काल संबंधित थाना प्रभारी या पुलिस अधिकारी को फोन कर समस्या के समाधान के निर्देश दिए।

इससे उन लोगों को भी पुलिस तक अपनी बात पहुंचाने का भरोसा मिला, जो सामान्य परिस्थितियों में थाने या पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत रखने में हिचकिचाते हैं। पुलिसिंग में जनता का विश्वास बढ़ाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा।

घटना पर तत्काल एक्शन की नीति

बागपत में कार्यकाल के दौरान किसी भी बड़ी घटना की सूचना मिलते ही मौके की स्थिति को स्वयं समझने और अधिकारियों से सीधे जानकारी लेने की उनकी आदत चर्चा में रही। वह केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय कई मामलों में स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते थे।

इससे अधीनस्थ अधिकारियों में भी सक्रियता बनी रही और घटनाओं के निस्तारण में अनावश्यक देरी को रोकने में मदद मिली। अपराध नियंत्रण को लेकर उनकी नीति साफ रही कि सूचना मिलते ही पुलिस की मौजूदगी और कार्रवाई दोनों दिखाई देनी चाहिए।

बागपत में बनाई अलग पहचान

सूरज कुमार राय के कार्यकाल में पुलिस की सक्रियता का असर आम लोगों के बीच भी दिखाई दिया। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ही पीड़ितों की सुनवाई और पुलिस की जवाबदेही पर जोर दिए जाने से उन्होंने बागपत में अपनी अलग पहचान बनाई।

उनकी कार्यशैली को लेकर पुलिस महकमे में भी यह संदेश रहा कि थाना स्तर पर किसी घटना को हल्के में लेना या शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक देरी करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों से लगातार फीडबैक लेना और कार्रवाई की प्रगति पर नजर रखना उनकी कार्यप्रणाली का हिस्सा रहा।

बड़े जिले की मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

अब शासन ने उनकी इसी कार्यशैली और अनुभव को देखते हुए उन्हें बागपत से मुजफ्फरनगर जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। मुजफ्फरनगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण जनपद है और कानून व्यवस्था की दृष्टि से यहां एसएसपी की जिम्मेदारी बेहद अहम मानी जाती है।

ऐसे में सूरज कुमार राय के सामने अब बागपत की अपेक्षा कहीं बड़े क्षेत्र में कानून व्यवस्था को संभालने और अपराध नियंत्रण की अपनी कार्यशैली को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। शासन द्वारा उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने को उनके कार्यकाल और पुलिसिंग के अनुभव पर भरोसे के तौर पर भी देखा जा रहा है।

बागपत को मिली नई पुलिस कप्तान की जिम्मेदारी

इधर, शासन ने बागपत के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में पूर्णेंदु सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। पूर्णेंदु सिंह वर्तमान में पुलिस अधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर टू डीजीपी के पद पर तैनात थे। अब उन्हें बागपत जैसे संवेदनशील जनपद की पुलिस व्यवस्था की कमान संभालने का अवसर मिला है।

नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने भी अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा तथा आम जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां रहेंगी।

विदाई के साथ नई जिम्मेदारी की चर्चा

सूरज कुमार राय के तबादले की खबर के बाद बागपत में उनके कार्यकाल की चर्चा होना स्वाभाविक है। अपराधियों पर सख्ती, पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करना, पीड़ितों की सुनवाई और घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषताएं रहीं।

बागपत के लोगों के बीच उनकी पहचान ऐसे पुलिस अधिकारी के रूप में बनी, जो किसी घटना को लेकर केवल रिपोर्ट का इंतजार करने के बजाय स्वयं स्थिति समझने और कार्रवाई की निगरानी करने में विश्वास रखते थे।

अब मुजफ्फरनगर की नई जिम्मेदारी में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह वहां अपनी इसी सक्रिय पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण की रणनीति को किस तरह लागू करते हैं। वहीं बागपत में नए पुलिस कप्तान पूर्णेंदु सिंह के सामने भी अपराध नियंत्रण की इस गति को बनाए रखने और पुलिस-जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने की चुनौती होगी।

शासन के इस फेरबदल को पुलिस महकमे में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर सूरज कुमार राय को बड़े जिले की जिम्मेदारी देकर उनकी प्रशासनिक क्षमता पर भरोसा जताया गया है, वहीं दूसरी ओर बागपत को भी नए नेतृत्व के साथ कानून व्यवस्था के मोर्चे पर आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।







Breaking Update

🌐 Translate
🔔 हमारे YouTube चैनल को सब्सक्राइब करें ×
📢 ताज़ा खबर WhatsApp पर पाएँ