सोनभद्र,21 अगस्त 2026 (यूटीएन)। करमा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत ककराही से कतवारिया को जोड़ने वाला मार्ग इन दिनों जलनिकासी की समस्या के चलते ताल-तलैया में तब्दील हो गया है। सड़क के दोनों किनारों पर लगातार आवासीय निर्माण होने के कारण बारिश के पानी की निकासी का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। नतीजा यह है कि बरसात होते ही सड़क पर गंदा पानी जमा हो जाता है और राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी इसी गंदे पानी से होकर आवागमन करना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में ककराही-कतवारिया मार्ग पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। कई दिनों तक पानी सड़क पर जमा रहने के कारण सड़क की स्थिति भी खराब होती जा रही है। जगह-जगह पानी और कीचड़ होने से पैदल चलने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क के दोनों तरफ घर बन जाने के बाद पानी के स्वाभाविक बहाव का रास्ता बंद हो गया है। यदि नाली का निर्माण करा दिया जाए और पानी की उचित निकासी की व्यवस्था कर दी जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। लेकिन लंबे समय से नाली निर्माण की मांग के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित विभाग द्वारा इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गई है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। सुबह स्कूल जाने और छुट्टी के बाद घर लौटते समय बच्चों को कई स्थानों पर जमा गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बच्चे पानी में फिसलकर गिर जाते हैं। इससे उनकी स्कूल ड्रेस के साथ-साथ कॉपी-किताबें भी खराब हो जाती हैं। छोटे बच्चों के गिरने से चोटिल होने की आशंका भी बनी रहती है।
बरसात के दिनों में मार्ग की स्थिति और भी विकट हो जाती है। तेज बारिश होने पर सड़क और आसपास के हिस्सों में पानी का स्तर बढ़ जाता है। जलभराव के कारण पैदल यात्रियों के लिए सड़क पार करना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को भी पानी और कीचड़ के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर जब संबंधित लोगों से शिकायत की जाती है तो अक्सर यह कहकर मामले को टाल दिया जाता है कि मौसम सूखने के बाद नाली निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा। लेकिन मौसम सूख जाने के बाद भी नाली निर्माण की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। इसके कारण समस्या हर वर्ष बरसात के मौसम में फिर सामने आ जाती है।
गांव के जय प्रकाश वर्मा, रामकेश, राकेश कुमार सिंह, राकेश, कैलाश सहित अन्य ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर जिलाधिकारी को पत्र देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान ककराही-कतवारिया मार्ग की ओर आकर्षित करते हुए जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण केवल आवागमन के लिए पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ जलनिकासी की व्यवस्था भी जरूरी है। यदि सड़क के दोनों ओर नाली का निर्माण करा दिया जाए और नाली को उचित स्थान पर जोड़कर पानी की निकासी सुनिश्चित कर दी जाए तो हर वर्ष होने वाले जलभराव से लोगों को राहत मिल सकती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तैयार करें। ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी तौर पर पानी निकाल देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। बरसात के पानी की निकासी के लिए स्थायी नाला अथवा नाली का निर्माण आवश्यक है।
गौरतलब है कि गांव की सड़कें ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन होती हैं। इन्हीं रास्तों से बच्चे स्कूल जाते हैं, ग्रामीण बाजार और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचते हैं तथा किसान अपने खेतों तक आते-जाते हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग पर लगातार पानी जमा रहना ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी किए जाएं। सड़क के दोनों ओर नाली का निर्माण कराकर जलनिकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि बरसात के दिनों में सड़क तालाब में तब्दील न हो और लोगों को गंदे पानी से होकर आवागमन करने की मजबूरी से छुटकारा मिल सके। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिलाधिकारी की पहल के बाद संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर जल्द कार्रवाई करेगा और लंबे समय से चली आ रही जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
मकसूद अहमद, ब्यूरो सोनभद्र।

