बागपत,20 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। सरूरपुर कलां गांव की न्यू चौपाल पट्टी जितवान में गांव की उत्कृष्ट प्रतिभाओं के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खेल और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। सम्मान पाकर प्रतिभाशाली बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कार्यक्रम में सीडीओ अनिल कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
समारोह का उद्देश्य गांव की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अन्य बच्चों को भी शिक्षा और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मिले पुरस्कार
कार्यक्रम में विभिन्न खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और पढ़ाई में उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। सुमित नैन, देवी सिंह पहलवान और जोनी द्वारा प्रतिभाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
सम्मान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों और मेधावी विद्यार्थियों ने इसे अपने लिए प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण अवसर बताया। आयोजकों ने कहा कि सम्मान मिलने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम में अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी बच्चों का उत्साह बढ़ाया। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों की सफलता में परिवार, शिक्षक और समाज तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यदि बच्चों को सही दिशा और लगातार प्रोत्साहन मिले तो वे गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं।
नीरज कुमार जादौन के प्रयासों का किया उल्लेख
समारोह के दौरान अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन द्वारा गांव के बच्चों के मार्गदर्शन और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि नीरज कुमार जादौन ने बागपत में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनाती के दौरान सरूरपुर कलां गांव में पुस्तकालय खुलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
ग्रामीणों के अनुसार पुस्तकालय शुरू होने के बाद गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हुआ। विद्यार्थियों को सामान्य अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक तैयारियों के लिए पुस्तकें एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध होने से उन्हें सुविधा मिली।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में पुस्तकालय जैसी सुविधा बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे विद्यार्थियों को अपने गांव में ही अध्ययन का बेहतर माहौल मिल सकता है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को भी लाभ मिलता है।
सम्मान में प्रस्तुत किया गीत
कार्यक्रम के दौरान गायक ने नीरज कुमार जादौन के सम्मान में तैयार किया गया गीत भी प्रस्तुत किया। गीत के माध्यम से उनके द्वारा बच्चों के लिए किए गए प्रयासों को याद किया गया। गीत की प्रस्तुति के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ कलाकार का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा शिक्षा और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए किए गए प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक होते हैं। बच्चों के लिए पुस्तकालय जैसी सुविधा उपलब्ध होना उनके शैक्षणिक विकास में उपयोगी साबित हो सकता है।
शिक्षा के साथ खेलों में आगे बढ़ने का आह्वान
समारोह में बच्चों को शिक्षा के साथ खेलकूद में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि खेल बच्चों के शारीरिक विकास के साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी सहायक होते हैं।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की रुचि को समझते हुए उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने की अपील की। कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा होती है। किसी की रुचि पढ़ाई में होती है तो कोई खेल, कला, संगीत अथवा अन्य क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। बच्चों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर मिलना जरूरी है।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास को सफलता का आधार बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक बार मिली सफलता को अंतिम लक्ष्य न मानकर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करनी चाहिए।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने की पहल
ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के सम्मान समारोह गांव के बच्चों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं। जब किसी खिलाड़ी या मेधावी विद्यार्थी को सार्वजनिक रूप से सम्मान मिलता है तो दूसरे बच्चों में भी आगे बढ़ने की इच्छा पैदा होती है।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर अनेक प्रतिभाएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। यदि उन्हें समय पर संसाधन, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
आयोजकों ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान केवल पुरस्कार देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके भविष्य की जरूरतों को समझते हुए उन्हें उचित मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
सम्मान समारोह में पूर्व विधायक साहब सिंह, पूर्व कमांडो रमेश फौजी, चौधरी रामकुमार सिंह, चौधरी संदीप नैन, राममेहर नैन, राजू तोमर सिरसली, सुभाष नैन, इन्द्रपाल, शिवकुमार मास्टर, राजपाल मास्टर, जितेन्द्र नैन, अमरदीप, जसवीर, पप्पू, अनिल, विनीत और नरेश नैन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सम्मानित करने के साथ उन्हें शिक्षा, खेल और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। समारोह में उपस्थित ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन किए जाने की आवश्यकता जताई। समारोह का माहौल पूरे समय उत्साहपूर्ण बना रहा। सम्मानित खिलाड़ियों और मेधावी विद्यार्थियों ने अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने का संकल्प लिया, जबकि ग्रामीणों ने बच्चों की उपलब्धियों को गांव के लिए गौरव का विषय बताया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

