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खण्ड़सारी व्यापार में अव्वल, लेकिन चिकित्सा सुविधाओं में फिसड्डी

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छपरौली ,22 अक्टूबर  2026  (यूटीएन)। हजारों वर्षो से खण्ड़सारी व्यापार का सबसे बड़ा केन्द्र रहा यह कस्बा विकास व आधुनिक मेडिकल सुविधाओं से अब तक अछूता ही रहा है।यह तो तब है ,जब देश को प्रधानमंत्री देने और बड़ौत नगर पालिका से भी 12 वर्ष पहले कस्बे का दर्जा प्राप्त हो गया था। इस सबके बावजूद छपरौली आज भी पिछड़ेपन की कुण्ठा को झेल रहा है। 

देश की सबसे छोटी खाफ चौबीसी का योगदान व्यापार, स्वतन्त्रता संग्राम, किसान आन्दोलन व समाजिक सेवाओं में किसी से कम नही रहा। पश्चिम उत्तर-प्रदेश की राजनीति को तो,आज भी छपरौली के नाम से जाना जाता है। किसानो के मसीहा भारतरत्न चौ चरण सिंह का जन्मस्थल नूरपूर बुलंदशहर है, मगर आज भी उनकी पहचान छपरौली से होती है, उन्होंने प्रत्येक क्षेत्र में विशेष योगदान दिया, मगर चौबीसी का केन्द्र छपरौली हमेशा प्रत्येक क्षेत्र में उपेक्षा का शिकार रहा है। राजनीतिक पृष्ठभूमि के जनक यहां के लोग कभी साधारण वोटर से अधिक नही समझे गये। यही हाल चिकित्सा व्यवस्थाओं का भी रहा है।

मैडिकल सुविधाओं के नाम पर छपरौली में कोई आधुनिक हॉस्पिटल नही था। एमबीबीएस एमडी के रूप में दशको से पूर्व सीएमओ डॉ जितेन्द्र वर्मा एक मात्र चिकित्सक न्यूनतम परामर्श शुल्क में सेवायें प्रदान कराते रहे हैं। 10 रूपये परामर्श शुल्क से मैडिकल सेवा देने वाले पश्चिम उत्तर-प्रदेश के इकलौते डाॅ जितेन्द्र वर्मा का ये क्षेत्र हमेशा ऋणी रहेगा।

दूल्हे के रूप में घोडी पर बैठकर छपरौली की बीएएमएस एमडी ,(यूएनआई) प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ बेटी डॉ रुचि को ब्याहने पहुँचे डाॅ जितेन्द्र मलिक क्षेत्र को दूसरे एमबीबीएस डीसीएच गोल्ड मेडलिस्ट, नवजात शिशु एवं बालरोग विशेषज्ञ मिल, जिन्होंने छपरौली के दर्द महसूस कर इसे अपनी कर्मभूमि के रूप में स्वीकार किया। इमरजेंसी सुविधा, ओपीडी के अलावा खून जांच, एक्स रे, अल्ट्रासाउंड, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू ,नवजात शिशुओं के लिए नर्सरी, आधुनिक मशीनों व आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण मलिक हाॅस्पिटल छपरौली क्षेत्र को भेंट किया।

अभी हाल ही में रिबन काटकर मलिक हाॅस्पिटल का उद्घाटन करने वाले वन पर्यावरण जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग राज्य मंत्री केपी मलिक के अनुसार अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह अस्पताल छपरौली क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा तथा बड़ौत व महानगर मेरठ की तरह छपरौली के विकास में सहायक होगा।

अस्पताल के संस्थापक डॉ जितेंद्र मलिक कहते है कि, मलिक हॉस्पिटल के निर्माण का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। नवनिर्मित मलिक हाॅस्पिटल उपेक्षाओं की शिकार छपरौली के लिए आशा की एक किरण साबित हो रहा है।

वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।







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