हरदोई,29 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चौसार का आकस्मिक निरीक्षण कर अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी के अचानक अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सक्रियता दिखाई दी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न कक्षों एवं व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने सबसे पहले अस्पताल में दवा कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध दवाओं की स्थिति, दवाओं के रख-रखाव तथा मरीजों को दवाओं के वितरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से पूछा कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को निर्धारित दवाएं किस प्रकार उपलब्ध कराई जा रही हैं और कौन-कौन सी आवश्यक दवाएं वर्तमान में उपलब्ध हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को चिकित्सक द्वारा लिखी गई आवश्यक दवाएं आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। किसी मरीज को अनावश्यक रूप से दवाओं के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता एवं स्टॉक की नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने दवा कक्ष में दवाओं के सही रख-रखाव और व्यवस्थित वितरण पर भी विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता से संबंधित रिकॉर्ड भी नियमित रूप से अपडेट रखा जाए, ताकि आवश्यकता के समय दवाओं की स्थिति की सही जानकारी उपलब्ध हो सके।
इसके बाद जिलाधिकारी ने पर्चा बनने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया, पर्चा बनवाने में लगने वाले समय तथा मरीजों को पंजीकरण के दौरान होने वाली किसी भी समस्या के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को पंजीकरण के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े और अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को सुविधाजनक एवं व्यवस्थित तरीके से स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी ने अस्पताल में मौजूद मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद भी किया। उन्होंने मरीजों से पूछा कि उन्हें अस्पताल में उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है, चिकित्सक समय से देख रहे हैं या नहीं, दवाएं मिल रही हैं या नहीं तथा जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
मरीजों से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उनका फीडबैक लिया। उन्होंने मरीजों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो और उन्हें उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने पैथोलॉजी लैब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लैब में उपलब्ध जांच सुविधाओं, जांच प्रक्रिया तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही जांच सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से उपलब्ध जांचों एवं उनके संचालन की स्थिति के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में जिन जांचों की सुविधा उपलब्ध है, उनका लाभ मरीजों को समय से मिलना चाहिए। जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित रखा जाए, ताकि चिकित्सकों को मरीजों के उपचार में आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से अस्पताल की समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अस्पताल में तैनात चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों, दवाओं, जांच सेवाओं तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जानी।
जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाला प्रत्येक मरीज महत्वपूर्ण है और उसके साथ संवेदनशीलता एवं सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।
उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल परिसर, मरीजों के बैठने के स्थान, चिकित्सा कक्ष, दवा कक्ष तथा अन्य स्थानों पर नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाए। अस्पताल का वातावरण स्वच्छ एवं मरीजों के अनुकूल होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मरीजों को पर्चा बनवाने, चिकित्सक से परामर्श लेने, जांच कराने अथवा दवा प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक कठिनाई न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रखी जाएं।
उन्होंने अस्पताल प्रशासन को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी आवश्यक दवा अथवा जांच सुविधा की कमी की स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाए, ताकि समय रहते आवश्यक व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही से मरीजों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ विनम्र एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए। मरीजों और उनके तीमारदारों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
उन्होंने अस्पताल में आने वाले गंभीर एवं जरूरतमंद मरीजों के उपचार को लेकर भी आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने की प्रक्रिया भी व्यवस्थित एवं समयबद्ध रखने को कहा गया, ताकि मरीज को बेहतर उपचार के लिए अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही उपचार के लिए निर्भर रहती है। ऐसे में इन केंद्रों पर चिकित्सक, दवाएं, जांच और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रहना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए जिला मुख्यालय की ओर जाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर ढंग से संचालन किया जाए। संबंधित अधिकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करते रहें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के कर्मचारियों से भी उनकी कार्यप्रणाली एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सभी कर्मचारियों को अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा विभाग है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को समय से उपचार मिलना तथा आवश्यक दवाएं एवं जांच उपलब्ध होना प्रशासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कार्यों के प्रति पूरी गंभीरता बरतें।
जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का सही एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों का लाभ सीधे मरीजों तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने अस्पताल में मरीजों की संख्या, उपचार व्यवस्था तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा करने को कहा। साथ ही किसी भी स्तर पर सामने आने वाली समस्या का समय से समाधान कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन द्वारा सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। आकस्मिक निरीक्षण का उद्देश्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को जानना और जहां सुधार की आवश्यकता हो, वहां तत्काल आवश्यक कदम उठाना है।
उन्होंने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि अस्पताल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार सुचारु बनी रहें और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार किया जाए और मरीजों से मिलने वाले फीडबैक को गंभीरता से लिया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों की सुविधा, दवाओं की उपलब्धता, जांच सेवाएं, स्वच्छता एवं चिकित्सा व्यवस्था को लेकर नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सवायजपुर सहित संबंधित अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी। जिलाधिकारी के आकस्मिक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित एवं मरीजों के अनुकूल बनाए रखने के निर्देश मिले। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनपद के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
हरदोई-संवाददाता,(लव कुश सिंह)।

