बड़ौत,10 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं बड़ौत नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन अमित राणा को जान से मारने और उनके परिवार पर हमला करने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिस्ट्रीशीटर रवि को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ बड़ौत और खेकड़ा थानों में करीब 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और वह बड़ौत थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब नौ बजे थाना प्रभारी निरीक्षक दीक्षित कुमार त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को बुलेट बाइक पर एक युवक आता दिखाई दिया। पुलिस ने संदिग्ध युवक को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि पुलिस को देखकर बाइक सवार ने रुकने के बजाय बाइक की गति बढ़ा दी और मौके से निकलने का प्रयास किया।
पुलिस टीम ने जब उसका पीछा किया तो आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से पुलिस टीम ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की गोली आरोपी के पैर में जा लगी। गोली लगने के बाद वह घायल होकर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। घायल आरोपी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है।
अमित राणा को लगातार दे रहा था धमकी
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी रवि भाजपा नेता एवं बड़ौत नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन अमित राणा पर एक मामले में फैसला करने का दबाव बना रहा था। बताया गया है कि आरोपी चाहता था कि अमित राणा संबंधित मामले में उसके पक्ष में फैसला करें। जब उसकी बात नहीं मानी गई तो उसने कथित तौर पर अमित राणा को फोन कर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
आरोप है कि रवि ने अमित राणा को जान से मारने के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों पर भी हमला करने की धमकी दी थी। धमकी मिलने के बाद अमित राणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी। इस संबंध में उन्होंने 7 सितंबर को पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी।
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी के मामले में आरोपी की तलाश की जा रही थी। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी और क्षेत्र में संदिग्ध लोगों तथा वाहनों की चेकिंग भी बढ़ा दी गई थी। इसी क्रम में शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान पुलिस को रवि के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने भागने के साथ ही पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी द्वारा की गई फायरिंग के बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
करीब 30 मुकदमों का बताया जा रहा है आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार रवि बड़ौत थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ बड़ौत और खेकड़ा थानों में करीब 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस अब आरोपी के पूरे आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों में उसकी भूमिका क्या रही है और वर्तमान धमकी के मामले से जुड़े अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह हाल के दिनों में किन लोगों के संपर्क में था और उसके खिलाफ दर्ज मामलों में से कितने मामलों में मुकदमे विचाराधीन हैं।
बाइक और कारतूस बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोटरसाइकिल और कुछ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद कारतूसों और अन्य सामान को कब्जे में लेकर उनकी जांच कर रही है। आरोपी के पास हथियार कहां से आया और उसका इस्तेमाल पहले किन घटनाओं में किया गया है, इस दिशा में भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास अवैध हथियार किस माध्यम से पहुंचा। उसके आपराधिक नेटवर्क और संभावित साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
धमकी के बाद बढ़ाई गई थी निगरानी
अमित राणा को धमकी दिए जाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश शुरू की थी। चूंकि आरोपी पहले से ही हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है और उसके खिलाफ बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसलिए पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्तरों पर कार्रवाई की।
पुलिस टीम को आशंका थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी किसी भी तरह की आपराधिक हरकत कर सकता है। इसी के चलते क्षेत्र में चेकिंग और निगरानी बढ़ाई गई थी। शुक्रवार रात चेकिंग के दौरान पुलिस टीम का सामना आरोपी से हो गया।
पुलिस फायरिंग की भी होगी जांच
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। मौके से बरामद सामान को कब्जे में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की ओर से की गई फायरिंग और जवाबी कार्रवाई के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है, ताकि मुठभेड़ से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी मिल सके।
अस्पताल में उपचार के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर आगे की पूछताछ की जाएगी। पुलिस उससे धमकी देने, पुराने आपराधिक मामलों और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल करेगी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी ने दी जानकारी
पुलिस क्षेत्राधिकारी अंशु जैन ने बताया कि पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान आरोपी रवि को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके कब्जे से मोटरसाइकिल और कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी के आपराधिक इतिहास और धमकी से जुड़े मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस
पुलिस अब इस पूरे मामले में कई बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है। इनमें अमित राणा को धमकी देने की वजह, संबंधित मामले में फैसला कराने का दबाव, आरोपी के पास हथियार पहुंचने का स्रोत, उसके पुराने आपराधिक मामलों की स्थिति और उसके साथियों की भूमिका प्रमुख है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी देने के बाद आरोपी कहां-कहां छिपा रहा और क्या वह किसी अन्य आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में था। आरोपी के मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच से भी पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल आरोपी अस्पताल में उपचाराधीन है। उपचार पूरा होने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में भी इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

