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गजेन्द्र सिंह खींवसर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पर रखे महत्वपूर्ण सुझाव

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मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत प्रदेशवासियों को 25 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, साथ ही विशेष उपचार पैकेजों का विस्तार, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा तथा अंतरराज्यीय एवं राज्य के भीतर उपचार की सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया गया है।

नई दिल्ली, 29 जून 2026  (यूटीएन)। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद के 16वें सम्मेलन में राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सतत विकास लक्ष्य , संबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं तथा खाद्य एवं औषधि नियामकीय सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर राजस्थान का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए  खींवसर ने कहा कि राजस्थान प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का मजबूत आधार है और प्रदेश ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, संस्थागत प्रसव में वृद्धि, टीकाकरण कवरेज के विस्तार, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत प्रदेशवासियों को 25 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही विशेष उपचार पैकेजों का विस्तार, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा तथा अंतरराज्यीय एवं राज्य के भीतर उपचार की सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया गया है।
 
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत राज्य में 7.22 करोड़ से अधिक आभा खाते बनाए जा चुके हैं तथा सभी सरकारी एवं अधिकांश निजी स्वास्थ्य संस्थानों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ा जा चुका है। खींवसर ने कहा कि राजस्थान की कई अभिनव स्वास्थ्य पहलें आज राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बन रही हैं। इनमें रामाश्रय वृद्धावस्था देखभाल मॉडल, मिशन मधुहारी, 6,547 टीबी-मुक्त ग्राम पंचायतें, तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वर्ष 2026 में सम्मानित पहल, मां नेत्र वाउचर योजना, एफसीएम पिंक पखवाड़ा तथा मां वाउचर योजना के अंतर्गत 4.5 लाख से अधिक निःशुल्क सोनोग्राफी सेवाएं प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाना, गैर-संचारी रोगों एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना समय की मांग है।
 
संबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री खींवसर ने कहा कि फिजियोथेरेपिस्ट, मेडिकल लैब प्रोफेशनल, रेडियोग्राफर, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजिस्ट, आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ एवं पोषण विशेषज्ञ सहित सभी संबद्ध स्वास्थ्य कर्मी आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इनके प्रशिक्षण, क्षमता विकास, रोजगार के अवसरों के विस्तार एवं जिला तथा प्राथमिक स्तर पर प्रभावी तैनाती पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर नागरिकों के प्रत्यक्ष व्यय को कम करने के लिए निःशुल्क दवा, निःशुल्क जांच तथा वित्तीय सुरक्षा योजनाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियमन के विषय में खींवसर ने कहा कि सुरक्षित खाद्य पदार्थ एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं जनस्वास्थ्य की आधारशिला हैं। राजस्थान खाद्य सुरक्षा निगरानी, प्रयोगशालाओं की क्षमता वृद्धि, आधुनिक नियामकीय व्यवस्था, जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली तथा दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सुधारों के पक्ष में है।
 
उन्होंने केंद्र सरकार से स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने, मानव संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, संबद्ध स्वास्थ्य कार्यबल के विकास तथा खाद्य एवं औषधि नियामकीय प्रणाली के आधुनिकीकरण में निरंतर सहयोग का आग्रह किया। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राज्यों को अधिक लचीलापन प्रदान किए जाने की आवश्यकता भी रेखांकित की। अपने संबोधन के समापन पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्यों के बीच मजबूत समन्वय और सहकारी संघवाद की भावना के साथ देश में एक सुदृढ़, समावेशी एवं जन-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण किया जा सकेगा, जो भारत के सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
 
विशेष- संवाददाता, (प्रदीप जैन)।






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