बिलसंडा, पीलीभीत, 23 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। नगर में नौ दिनों से चल रहे श्री गणेश महोत्सव का रविवार को गणेश विसर्जन शोभायात्रा के साथ भव्य समापन हुआ। श्री जानकी सत्संग भवन से धूमधाम के साथ निकाली गई विसर्जन शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। बैंड-बाजों और धार्मिक गीतों के बीच नगर के प्रमुख मार्गों से निकली शोभायात्रा में देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूपों की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
शोभायात्रा के दौरान पूरा नगर भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालु भगवान श्री गणेश के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं के बीच "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना" के जयघोष गूंजते रहे। वातावरण में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
नौ दिनों तक चला गणेश महोत्सव
नगर के श्री जानकी सत्संग भवन में पिछले नौ दिनों से श्री गणेश महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया जा रहा था। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कथावाचक द्वारा शिव पुराण की कथा का विस्तार से वर्णन किया गया। श्रद्धालुओं ने कथा के माध्यम से भगवान शिव के स्वरूप, उनके गुणों और धार्मिक प्रसंगों को सुना।
महोत्सव के अंतिम दिन रात्रि में शिव पुराण कथा का समापन हुआ। इसके बाद रविवार को दैवीय मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन कराया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान श्री गणेश से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
हवन-पूजन के बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को विसर्जन शोभायात्रा के लिए सजाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं की मौजूदगी में शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ।
मुख्य मार्गों से निकली शोभायात्रा
गणेश विसर्जन शोभायात्रा श्री जानकी सत्संग भवन से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। बैंड-बाजों की धुन और धार्मिक गीतों के बीच श्रद्धालु भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ आगे बढ़ते रहे।
शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह रुककर भगवान गणेश के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। शोभायात्रा में शामिल लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
नगर में शोभायात्रा के दौरान कई स्थानों पर लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए जलपान आदि की व्यवस्था भी की। शोभायात्रा के आगे और पीछे श्रद्धालुओं की लंबी कतार दिखाई दी।
आकर्षण का केंद्र रहीं देवी-देवताओं की झांकियां
शोभायात्रा में सजाई गई देवी-देवताओं की विभिन्न झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और शिवगण मंडली समेत कई धार्मिक झांकियां शामिल की गईं।
झांकियों में कलाकारों ने देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूपों का प्रदर्शन किया। इन्हें देखने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। बच्चों में भी झांकियों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
शोभायात्रा में भगवान गणेश की प्रतिमा विशेष रूप से सजाई गई थी। श्रद्धालु प्रतिमा के दर्शन करते हुए जयकारे लगाते रहे।
जयकारों से गूंजता रहा नगर
शोभायात्रा के दौरान "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना" के जयकारों से नगर का वातावरण गूंजता रहा। श्रद्धालु ढोल और बैंड की धुन पर भक्ति में झूमते नजर आए।
कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। गणेश भक्तों ने भगवान गणेश से अगले वर्ष फिर नगर में आने की प्रार्थना की।
सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा पुलिस बल
गणेश विसर्जन शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शोभायात्रा के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा। बिलसंडा थाना प्रभारी प्रवीण मलिक पुलिस बल के साथ पूरी यात्रा के दौरान मौजूद रहे।
पुलिसकर्मियों ने शोभायात्रा के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। भीड़ को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। शोभायात्रा के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने तक पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
खन्नौत नदी में हुआ प्रतिमा विसर्जन
नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई विसर्जन शोभायात्रा खन्नौत नदी के तट पर पहुंची। यहां धार्मिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विधि-विधान से विसर्जन किया गया।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के जयकारे लगाए और अगले वर्ष फिर गणेश महोत्सव मनाने की कामना की। इसके साथ ही नौ दिनों से चल रहे गणेश महोत्सव का विधिवत समापन हो गया।
श्रद्धालुओं ने भावुक होकर भगवान गणेश को विदाई दी। लोगों ने भगवान गणेश से परिवार और नगर में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता में दिखा उत्साह
गणेश विसर्जन शोभायात्रा के साथ मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में नगर की विभिन्न टीमों के अलावा बाहर से आई टीमों ने भी हिस्सा लिया।
मटकी फोड़ने के लिए टीमों ने एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर मानव पिरामिड बनाया। कई प्रयासों के बाद टीमों ने मटकी फोड़ी। प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।
मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मटकी फूटते ही लोगों ने तालियां बजाकर टीमों का उत्साह बढ़ाया और भगवान गणेश के जयकारे लगाए।
भक्तिमय माहौल में हुआ समापन
नौ दिनों तक चले गणेश महोत्सव के दौरान नगर में लगातार धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिव पुराण कथा, हवन-पूजन और अन्य धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अंतिम दिन निकली भव्य विसर्जन शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। बैंड-बाजे, धार्मिक झांकियां, जयकारे और मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने आयोजन को खास बना दिया।
खन्नौत नदी में भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही महोत्सव का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से गणपति उत्सव धूमधाम से मनाने का संकल्प लिया।
गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को भावपूर्ण विदाई दी।
पीलीभीत- स्टेट ब्यूरो, (अरुण मिश्रा) |

