खेकड़ा,29 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। दसलक्षण पर्व के समापन के उपलक्ष्य में मंगलवार को सकल जैन समाज की ओर से भगवान शांतिनाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा को लेकर जैन समाज के श्रद्धालुओं में सुबह से ही उत्साह का माहौल रहा। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक के बाद भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा को रथ में विराजमान कराकर यात्रा शुरू की गई। रास्ते भर श्रद्धालु भगवान के भजनों पर झूमते और नृत्य करते हुए चल रहे थे। आकर्षक झांकियां भी रथयात्रा का विशेष आकर्षण रहीं।
रथयात्रा के दौरान धार्मिक जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ के दर्शन कर धर्मलाभ अर्जित किया। जैन समाज के लोगों ने जगह-जगह रथयात्रा का स्वागत किया।
शांतिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में हुआ अभिषेक
दसलक्षण पर्व के अंतिम दिन छोटा बाजार स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने भगवान शांतिनाथ की नित्य नियम पूजा-अर्चना की। इसके बाद भगवान का विधि-विधान से अभिषेक और शांतिधारा कराई गई।
शांतिधारा के दौरान श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और समस्त जीवों के लिए सुख-शांति और मंगल की कामना की। इसके बाद 108 दीपों से भगवान की आराधना की गई। दीपों की रोशनी और धार्मिक मंत्रोच्चार से मंदिर परिसर का वातावरण आध्यात्मिक हो गया।
चेयरपर्सन और एसडीएम ने की आरती
दोपहर करीब 12 बजे मंदिर परिसर से भगवान शांतिनाथ की रथयात्रा रवाना हुई। नगरपालिका चेयरपर्सन नीलम धामा और एसडीएम सुरभि शर्मा ने श्रीजी की आरती कर रथयात्रा का शुभारंभ किया। इसके बाद रथयात्रा निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ी।
रथयात्रा में श्रद्धालु भगवान शांतिनाथ को समर्पित भजनों पर नाचते-गाते हुए चल रहे थे। युवाओं और बच्चों में भी विशेष उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और उमंग के चलते पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना रहा।
इन मार्गों से होकर गुजरी रथयात्रा
रथयात्रा छोटा बाजार, बड़ा बाजार, पुलिस चौकी चौराहा और जैन कॉलेज मार्ग से होती हुई जैन इंटर कॉलेज पहुंची। मार्ग में लोगों ने भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा के दर्शन किए और श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया।
जैन इंटर कॉलेज पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पांडुक शिला पर श्रीजी का अभिषेक किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद रथयात्रा पुनः वापस रवाना हुई।
वापसी में रथयात्रा बड़ा जैन मंदिर पहुंची, जहां भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा को विधिपूर्वक वेदी पर विराजमान कराया गया। इसके साथ ही दसलक्षण पर्व के समापन से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए।
विभिन्न धार्मिक पात्रों का सौभाग्य श्रद्धालुओं को मिला
रथयात्रा में धार्मिक परंपराओं के अनुसार विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाने का सौभाग्य जैन समाज के श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। रथयात्रा में ख्वासी बनने का सौभाग्य मंशाराम शशिभूषण जैन, जबकि सारथी की भूमिका राजेश जैन और पुनीत जैन ने निभाई।
चंवर इंद्र के रूप में सुमेर जैन, सार्थक जैन और राजेश जैन रहे। हाथी पर संतोष जैन और हितेष जैन रहे। वहीं बग्गी पर मुकेश जैन, दिनेश जैन, दीपक जैन, आनंद जैन, राहुल जैन और विनीत जैन सवार रहे। घोड़े पर योगेंद्र जैन, दिनेश जैन, नमन जैन, योगेंद्र जैन, राकेश जैन और चुममुन जैन रहे।
वापसी में भी निभाई गई धार्मिक परंपराएं
रथयात्रा की वापसी के दौरान भी धार्मिक पात्रों का चयन किया गया। इसमें ख्वासी का सौभाग्य बाबूराम जैन, जबकि सारथी का सौभाग्य राकेश जैन और शरद जैन को मिला।
वहीं इंद्र चंवर का सौभाग्य राजेंद्र जैन, विकास जैन और प्रवीन जैन को प्राप्त हुआ। धार्मिक पात्रों के साथ रथयात्रा का स्वरूप आकर्षक बना रहा और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ इसमें सहभागिता की।
आत्मशुद्धि और संयम का पर्व है दसलक्षण
जैन धर्म में दसलक्षण पर्व को आत्मशुद्धि, संयम और धर्म साधना का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु अपने जीवन में दस धर्मों को अपनाने का प्रयास करते हैं। दसलक्षण धर्म में उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य का संदेश दिया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इन दस धर्मों का चिंतन और पालन मनुष्य को आत्मसंयम, त्याग और सदाचार की ओर प्रेरित करता है। पर्व के दौरान श्रद्धालु पूजा-पाठ, स्वाध्याय, तप, संयम और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।
श्रद्धालुओं में रहा उत्साह
दसलक्षण पर्व के समापन पर आयोजित रथयात्रा में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल हुए। महिलाओं ने भी धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। रथयात्रा के दौरान भजनों और धार्मिक गीतों पर श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
आकर्षक झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। रथयात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां लोगों ने भगवान शांतिनाथ के दर्शन किए। धार्मिक आयोजन के कारण नगर में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल रहा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
रथयात्रा में मंदिर कमेटी के प्रधान नितिन जैन, सुमेर जैन, त्रिलोक चंद जैन, डॉ. प्रशांत जैन, आकाश जैन, नरेश जैन, अंकुश जैन, कमल जैन, राजेश जैन और मनोज जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जैन समाज के लोगों ने दसलक्षण पर्व के सफल समापन पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में संयम, अहिंसा, त्याग और आत्मशुद्धि के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

