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दिव्यांग लोकेश अब कवी कुमारी संग बंधेंगे शादी के पवित्र बंधन में

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धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी एक-दूसरे के संघर्ष, भावनाओं और जीवन की परिस्थितियों को समझते हुए दोनों के बीच एक भरोसे का रिश्ता बनने लगा, उन्होंने महसूस किया कि जीवन की कठिन राहों में वे एक-दूसरे का सहारा बन सकते हैं।

उदयपुर,02 जून 2026 (यूटीएन)। जिले के फालासिया गांव की रहने वाली कवी कुमारी ने जीवन की कठिन परिस्थितियों का हमेशा हिम्मत और आत्मविश्वास के साथ सामना किया है। उन्होंने अपनी पढ़ाई 12वीं कक्षा तक पूरी की, लेकिन बचपन में ही उनके जीवन पर दुखों का साया पड़ गया। पिता के असमय निधन के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। घर में कोई कमाने वाला नहीं था और परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर आ गई। आज भी उनकी मां दूसरों के खेतों में मजदूरी कर किसी तरह परिवार का गुजारा करती हैं।

कवी बताती हैं कि पिता के बिना उन्होंने कभी अपने विवाह के बारे में सोचा भी नहीं था। उन्हें लगता था कि ऐसी परिस्थितियों में शायद कोई उनके जीवन को संवारने के लिए आगे नहीं आएगा। लेकिन कहते हैं कि कठिन समय के बाद जिंदगी उम्मीद की एक नई किरण जरूर दिखाती है।

इसी दौरान उनकी मुलाकात अपने ही गांव के पास स्थित निचली सिकरी गांव के रहने वाले लोकेश कुमार आर्य से हुई। लोकेश जन्म से ही कुबड़ापन (हंचबैक) की समस्या से प्रभावित हैं, जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने और सामान्य गतिविधियां करने में कठिनाई होती है। उनका परिवार भी बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता मजदूरी कर परिवार की जरूरतों को पूरा करते हैं। सीमित संसाधनों और संघर्षों के बावजूद लोकेश ने हमेशा सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीना सीखा।

धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी। एक-दूसरे के संघर्ष, भावनाओं और जीवन की परिस्थितियों को समझते हुए दोनों के बीच एक भरोसे का रिश्ता बनने लगा। उन्होंने महसूस किया कि जीवन की कठिन राहों में वे एक-दूसरे का सहारा बन सकते हैं। यह रिश्ता किसी सहानुभूति से नहीं, बल्कि समझ, विश्वास और साथ निभाने की भावना से मजबूत हुआ।

परिवारों की सहमति के बाद अब कवी और लोकेश अपने जीवन की नई शुरुआत के लिए तैयार हैं। दोनों जल्द ही विवाह के पवित्र बंधन में बंधने जा रहे हैं।

कवी और लोकेश अब नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित 46वें नि:शुल्क दिव्यांग सामूहिक विवाह समारोह में विवाह करेंगे। यह समारोह उनके जीवन में सिर्फ शादी की खुशियां ही नहीं, बल्कि नई उम्मीदें, नया आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की शुरुआत भी लेकर आएगा। दोनों का सपना है कि वे एक ऐसा जीवन बनाएं जो प्रेम, सम्मान और एक-दूसरे के सहयोग से भरा हो।

जयपुर-रिपोर्टर,(नरेंद्र आर्य) |







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