खेकड़ा,25 सितम्बर 2026 (यूटीएन)। अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ खेकड़ा के तत्वावधान में श्री अर्वाचीन इंटर कॉलेज प्रांगण में स्थापित गणपति पांडाल में कई दिनों तक चले धार्मिक आयोजन के बाद आदिदेव भगवान श्रीगणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भावपूर्ण विदाई दी गई। गणपति विसर्जन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों, बैंड बाजे और धार्मिक जयघोष के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा में श्रद्धालु अबीर और गुलाल उड़ाते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाते चल रहे थे। नगर में जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
विदाई शोभायात्रा का शुभारंभ चौधरी जितेंद्र धामा, चौधरी उमेश शर्मा धर्म संघ तथा नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि द्वारा भगवान गणपति की आरती उतारकर किया गया। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूरे पांडाल और आसपास के क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ पूजन
विदाई से पहले आचार्य पंडित सुभाष चंद्र शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीगणेश की पंचोपचार पूजा कराई। धार्मिक विधि के अनुसार ओंकारेश्वर, श्री, चतुर्दश मातृका, नवग्रह, पंचांग पीठ, भद्र मंडल और प्रधान देव गणपति की पूजा-अर्चना की गई।
इसके बाद भगवान गणपति को पंचामृत से स्नान कराया गया। उन्हें वस्त्र, यज्ञोपवीत, नैवेद्य, पंचामृत, फल, पंचमेवा और पुष्प अर्पित किए गए। फूल मालाओं से भगवान की प्रतिमा को सजाया गया। श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के साथ भगवान गणपति की आरती कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की।
पूजन के दौरान वैदिक मंत्रों के उच्चारण से पांडाल का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारों के साथ पूजा में सहभागिता की।
अबीर-गुलाल से सराबोर हुआ नगर
पूजन के बाद भगवान गणपति की विदाई शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और बैंड बाजे की धुन पर श्रद्धालु उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। रास्ते भर गणपति बप्पा मोरया के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालु एक-दूसरे पर अबीर और गुलाल उड़ाते हुए भगवान को विदाई दे रहे थे।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इसमें भाग लिया। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा को देखने के लिए अपने घरों और दुकानों के बाहर खड़े होकर भगवान गणपति के दर्शन किए।
प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी शोभायात्रा
भगवान गणपति की विदाई यात्रा नगर के अर्वाचीन सीनियर सेकेंडरी स्कूल से प्रारंभ हुई। यहां से शोभायात्रा जैन कॉलेज रोड, पुलिस चौकी चौराहा, मेन बाजार और दिगंबर जैन मंदिर होते हुए तांगा स्टैंड पहुंची।
मुख्य बाजार से गुजरते समय शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। धार्मिक गीतों और जयकारों से बाजार का माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने मार्ग में भगवान गणपति के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
तांगा स्टैंड पहुंचने के बाद भगवान गणपति की प्रतिमा को यमुना नदी में विसर्जन के लिए श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ ले जाया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार विधि-विधान से भगवान गणपति को यमुना जल में विसर्जित किया गया।
गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजा माहौल
विसर्जन के समय श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया और अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाए। इस दौरान श्रद्धालुओं के चेहरे पर भक्ति और विदाई का भाव दिखाई दिया। लोगों ने भगवान गणपति से नगर और क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि तथा परिवारों के कल्याण की कामना की।
आयोजकों ने बताया कि धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से भगवान गणपति की पूजा-अर्चना में सहभागिता की। गणेश महोत्सव के समापन पर विसर्जन यात्रा के साथ आयोजन का विधिवत समापन हुआ।
सामाजिक सहभागिता भी रही दिखाई
गणपति उत्सव में नगर के विभिन्न वर्गों के लोगों की सहभागिता रही। धार्मिक कार्यक्रम के साथ आयोजन में सामाजिक एकजुटता का भी संदेश दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने आपसी भाईचारे के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और शोभायात्रा को सफल बनाने में सहयोग किया।
आयोजकों ने शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से धार्मिक मर्यादा बनाए रखने और आपसी सौहार्द के साथ पर्व मनाने का आह्वान किया। नगर के लोगों ने भी यात्रा के दौरान सहयोग किया।
इन्होंने लिया पूजा-अर्चना में भाग
इस अवसर पर आफाक मलिक, खुर्शीद मलिक, डॉ. आशुतोष मिश्रा सीतापुर, डॉ. दीपक धामा, प्रज्ञ शर्मा, गार्गी शर्मा, विपुल जैन, आशु शर्मा महामंत्री ब्राह्मण समाज, सुनील रुहेला, सन्नी गुप्ता, अनुज शर्मा हरियाणे वाले, वैद्य उमाशंकर, प्राचार्य नरेंद्र धामा, संजय प्रजापति, कुलदीप शर्मा, राजू पांचाल, किन्नू रुहेला, सभासद पिंकी गोला, सभासद कविता गोला, प्राचार्या मीनाक्षी स्वामी सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
धर्म संघ के महामंत्री चौधरी उमेश शर्मा सहित उपस्थित लोगों ने भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की और शोभायात्रा में शामिल होकर नगर परिक्रमा की।
सभी ने भगवान गणपति का आशीर्वाद लिया। भगवान गणपति की प्रतिमा के यमुना नदी में विसर्जन के साथ ही गणेश महोत्सव का समापन हुआ।
श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से गणपति उत्सव धूमधाम से मनाने की कामना के साथ भगवान को विदाई दी।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

