बागपत,21 अगस्त 2026 (यूटीएन)। अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित वैदिक कन्या डिग्री कॉलेज में नव शैक्षिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण में यज्ञ के साथ किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज की छात्राओं, शिक्षकों और प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यज्ञ के माध्यम से नए सत्र के सफल, ज्ञानवर्धक और मंगलमय होने की कामना की गई।
कार्यक्रम में यज्ञ के ब्रह्मा ओमपाल आर्य रहे। उन्होंने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ संसार का सर्वश्रेष्ठ कर्म है। यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, समाज और मानव जीवन के प्रति कर्तव्य एवं समर्पण का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन को यज्ञमय बनाने का प्रयास करना चाहिए और समाज के हित में कार्य करते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
यज्ञ के मुख्य यजमान कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं समाजसेवी अभिमन्यु गुप्ता तथा कॉलेज की प्राचार्या डॉ. कमला अग्रवाल रहीं। विधि-विधान के साथ यज्ञ संपन्न कराया गया और उपस्थित लोगों ने आहुति प्रदान कर नए शैक्षिक सत्र के सफल संचालन की कामना की।
इस अवसर पर कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के भविष्य की नींव तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। छात्राओं को इस समय का सदुपयोग करते हुए पूरी एकाग्रता और मनोयोग के साथ शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व, विचार और भविष्य को बेहतर बनाने का आधार है।
अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से छात्राएं अपने जीवन में आत्मनिर्भरता हासिल कर सकती हैं और समाज में सम्मानजनक स्थान बना सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से नियमित रूप से अध्ययन करने, शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने और अपने लक्ष्य को निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए लगन, अनुशासन और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। यदि विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहें और कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत करना जारी रखें तो सफलता निश्चित रूप से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने छात्राओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा का पूरा उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. कमला अग्रवाल ने भी छात्राओं को नए सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ अनुशासन का होना बेहद जरूरी है। छात्राओं को पूर्ण लगन, मेहनत और अनुशासन के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
प्राचार्या ने छात्राओं से नियमित रूप से कॉलेज आने, कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने और शिक्षकों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन और समय प्रबंधन की आदत भविष्य में बहुत उपयोगी साबित होती है।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज प्रबंध समिति के अनिल गांधी एवं अशोक कुमार जय श्री राम सहित अन्य सदस्यों ने भी यज्ञ में आहुति प्रदान की। यज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से कॉलेज परिसर का वातावरण भक्तिमय एवं सकारात्मक बना रहा।
कार्यक्रम में कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निर्मला गौतम, डॉ. राखी अग्रवाल, डॉ. समा परवीन, डॉ. ममता आर्य, डॉ. शिल्पा वर्मा, ममता मानव, अनीता सिंह, प्रवीण कुमार, संजय सैनी, नितिन वशिष्ठ, रामकिशोर, प्रेमवती, अनिल सहित कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी एवं शताधिक छात्राएं उपस्थित रहीं।
नए शैक्षिक सत्र के शुभारंभ को लेकर छात्राओं में भी उत्साह दिखाई दिया। छात्राओं ने यज्ञ में भाग लेकर नए सत्र में पूरी मेहनत और लगन के साथ शिक्षा ग्रहण करने का संकल्प लिया। कॉलेज परिसर में लंबे समय बाद एक साथ छात्राओं की उपस्थिति से शैक्षणिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिली।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में छात्राओं के लिए शिक्षा का महत्व और भी बढ़ गया है। शिक्षित एवं आत्मनिर्भर बेटियां न केवल अपने परिवार का नाम रोशन करती हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसलिए प्रत्येक छात्रा को अपने अध्ययन के प्रति गंभीर रहते हुए अपने भविष्य के लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रबंधन की ओर से सभी छात्राओं को नए शैक्षिक सत्र के लिए शुभकामनाएं दी गईं। प्रबंधन ने विश्वास जताया कि 2026-27 का शैक्षिक सत्र छात्राओं के लिए ज्ञान, उपलब्धियों और सफलता से भरपूर रहेगा। कॉलेज परिवार ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
वरिष्ठ उप-संपादक,( डॉ योगेश कौशिक )।

